{"_id":"52-59882","slug":"Meerut-59882-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा
Meerut
Updated Mon, 15 Jul 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। हार्ट अटैक पड़ने पर जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराए गए अम्हैड़ा के ग्रामीण की रविवार सुबह मौत हो गई। तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया।
इंचौली थाना क्षेत्र के गांव अम्हैड़ा निवासी रामपाल सैनी (55) को रविवार तड़के करीब चार बजे जसवंत राय हास्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने डाक्टरों को बताया कि रामपाल को हार्ट अटैक पड़ा है। इसके बाद डाक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। उपचार के दौरान सुबह करीब साढ़े छह बजे रामपाल ने दम तोड़ दिया। इस पर उसके साथ आए परिजन भड़क गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती है। इस कारण रामपाल की मौत हो गई। सूचना पर पार्षद सुशील सैनी भी वहां पहुंच गए। हंगामा बढ़ता गया, जिससे अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल की ओर से सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दे दी गई। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक रामपाल के परिजनों को समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। उधर, डाक्टरों का कहना है कि रामपाल के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है।
विज्ञापन
इंचौली थाना क्षेत्र के गांव अम्हैड़ा निवासी रामपाल सैनी (55) को रविवार तड़के करीब चार बजे जसवंत राय हास्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने डाक्टरों को बताया कि रामपाल को हार्ट अटैक पड़ा है। इसके बाद डाक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। उपचार के दौरान सुबह करीब साढ़े छह बजे रामपाल ने दम तोड़ दिया। इस पर उसके साथ आए परिजन भड़क गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती है। इस कारण रामपाल की मौत हो गई। सूचना पर पार्षद सुशील सैनी भी वहां पहुंच गए। हंगामा बढ़ता गया, जिससे अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल की ओर से सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दे दी गई। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक रामपाल के परिजनों को समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। उधर, डाक्टरों का कहना है कि रामपाल के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है।
विज्ञापन