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वकीलों ने की हड़ताल के नाम पर खानापूर्ति
Meerut
Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
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मवाना। हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर शुक्रवार को जहां पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने गाजियाबाद में हिंडन नदी के पुल पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, वहीं मवाना के वकीलों ने केवल हड़ताल की रस्म अदायगी की। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर कुछ देर के लिए तालेबंदी कर दी गई। बाद में अधिवक्ता पूरे दिन बैनामा कराते रहे।
हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से करते आ रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को हाईकोर्ट संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने हड़ताल पर रहकर हिंडन नदी के पुल पर मार्ग जाम लगाने का आह्वान किया था। इसको लेकर शुक्रवार सुबह नगर के अधिवक्ताओं ने भी तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर तालेबंदी की, लेकिन फोट आदि खिंचवाने के कुछ समय बाद ही ताला खुल गया। इसके बाद पूरे दिन बैनामे होते रहे। डिप्टी सब रजिस्ट्रार कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को 27 बैनामे किए गए। उधर, इस बारे में पूछने पर तालाबंदी मेें आगे रहे मवाना बार एसोसिएशन के सदस्य राजवीर सिंह गोलमोल जवाब ही दे सके। स्पष्ट जवाब देने से वे बचते रहे।
इन्होंने कहा.....
रजिस्ट्री कार्यालय या न्यायालय में तालाबंदी का प्रस्ताव उनकी बैठक में पास नहीं किया गया था। तालाबंदी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनकी एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर रहे।
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सतन सिंह मलिक, अध्यक्ष, मवाना बार एसोसिएशन
दूसरी एसोसिएशन हड़ताल में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्हीं के अधिवक्ताओं ने कार्य किया। हमारी एसोसिएशन के सभी सदस्य हड़ताल पर रहे।
राजेंद्र तोमर, अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय में काम नहीं होने दिया गया। यदि किसी अधिवक्ता ने तहसील में कार्य किया है तो यह गलत है।
आदेश शर्मा, अध्यक्ष, युवा अधिवक्ता संघ
उन्होंने अधिवक्ताओं से हड़ताल पर रहने की अपील की थी, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
नरेंद्र कुमार रस्तोगी, वरिष्ठ अधिवक्ता
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हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से करते आ रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को हाईकोर्ट संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने हड़ताल पर रहकर हिंडन नदी के पुल पर मार्ग जाम लगाने का आह्वान किया था। इसको लेकर शुक्रवार सुबह नगर के अधिवक्ताओं ने भी तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर तालेबंदी की, लेकिन फोट आदि खिंचवाने के कुछ समय बाद ही ताला खुल गया। इसके बाद पूरे दिन बैनामे होते रहे। डिप्टी सब रजिस्ट्रार कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को 27 बैनामे किए गए। उधर, इस बारे में पूछने पर तालाबंदी मेें आगे रहे मवाना बार एसोसिएशन के सदस्य राजवीर सिंह गोलमोल जवाब ही दे सके। स्पष्ट जवाब देने से वे बचते रहे।
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इन्होंने कहा.....
रजिस्ट्री कार्यालय या न्यायालय में तालाबंदी का प्रस्ताव उनकी बैठक में पास नहीं किया गया था। तालाबंदी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनकी एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर रहे।
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सतन सिंह मलिक, अध्यक्ष, मवाना बार एसोसिएशन
दूसरी एसोसिएशन हड़ताल में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्हीं के अधिवक्ताओं ने कार्य किया। हमारी एसोसिएशन के सभी सदस्य हड़ताल पर रहे।
राजेंद्र तोमर, अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय में काम नहीं होने दिया गया। यदि किसी अधिवक्ता ने तहसील में कार्य किया है तो यह गलत है।
आदेश शर्मा, अध्यक्ष, युवा अधिवक्ता संघ
उन्होंने अधिवक्ताओं से हड़ताल पर रहने की अपील की थी, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
नरेंद्र कुमार रस्तोगी, वरिष्ठ अधिवक्ता