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नगर निगम : संविदाकर्मियों में जगी नौकरी की आस
Meerut
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। लखनऊ नगर निगम के एक संविदा कर्मचारी को हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद मेरठ नगर निगम के 137 संविदा कर्मियों को नौकरी बचने की आस जगी है।
अनियमित ढंग से रखे गए कर्मचारियों की छंटनी के लिए कुछ माह पहले नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने आदेश जारी किया था। मेरठ नगर निगम में कार्यरत 201 कर्मचारी भी इस आदेश की चपेट में आ गए थे। दीपावली से पहले मेरठ नगर निगम में कार्यरत करीब 64 संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध दिखाकर तीन माह का वेतन जारी कर दिया गया था, जबकि 137 कर्मचारियों की नौकरी अब भी दांव पर लगी है। अब लखनऊ नगर निगम में पूर्व में कार्यरत रहे एक कर्मचारी उमेश चंद्र यादव को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्टे दे दिया है। उसे आगामी आदेश तक नौकरी पर बने रहने की अनुमति दी गई है। इस आदेश से स्थानीय नगर निगम में आदेश के दायरे में आ रहे 137 अन्य संविदा कर्मियों में भी आस जागी है।
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अनियमित ढंग से रखे गए कर्मचारियों की छंटनी के लिए कुछ माह पहले नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने आदेश जारी किया था। मेरठ नगर निगम में कार्यरत 201 कर्मचारी भी इस आदेश की चपेट में आ गए थे। दीपावली से पहले मेरठ नगर निगम में कार्यरत करीब 64 संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध दिखाकर तीन माह का वेतन जारी कर दिया गया था, जबकि 137 कर्मचारियों की नौकरी अब भी दांव पर लगी है। अब लखनऊ नगर निगम में पूर्व में कार्यरत रहे एक कर्मचारी उमेश चंद्र यादव को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्टे दे दिया है। उसे आगामी आदेश तक नौकरी पर बने रहने की अनुमति दी गई है। इस आदेश से स्थानीय नगर निगम में आदेश के दायरे में आ रहे 137 अन्य संविदा कर्मियों में भी आस जागी है।