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होम वर्क बढ़िया, तो नहीं होगी समस्या : आईजी जोन
Meerut
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। मोहर्रम में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शासन ने आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता को मेरठ जोन का अस्थायी पुलिस महानिरीक्षक बनाया है। उन्होंने शनिवार को पद ग्रहण कर लिया और जोन के पुलिस अफसरों के साथ मीटिंग कर जरूरी निर्देश भी दिए। कहा है यदि होम वर्क बढ़िया होगा, तो कहीं समस्या नहीं आएगी। समाज के अच्छे और प्रभावी लोगों से संपर्क बनाने और निष्पक्ष व निर्भीक होकर ड्यूटी करने की नसीहत भी दी।
पुलिस महानिरीक्षक मेरठ जोन कार्यालय में ढाई घंटे चली मीटिंग में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, शामली के पुलिस कप्तानों, डीआईजी सहारनपुर भोलानाथ सिंह और डीआईजी मेरठ जकी अहमद शामिल हुए। आईजी आशीष गुप्ता ने बताया कि मोहर्रम को देखते हुए अस्थायी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि क्षेत्राधिकारियों से त्योहारों के मद्देनजर किए गए होम वर्क का लिखित प्रमाण पत्र लिया जाए, ताकि उन्हें ध्यान रहे कि यह कागजी खानापूर्ति नहीं है। देखा जाए कि उनके क्षेत्र में जितने भी स्थानों से मोहर्रम निकलता है, उसमें अलम और ताजिये की ऊंचाई क्या है। रूट पुराने हैं या कुछ परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि जोन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोगों की सूची बनाई गई हैं। अच्छे लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया जाए। कहा कि चुस्त दुरुस्त पुलिसकर्मियों को रिजर्व रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जिम्मेदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता में बुलंदशहर और मेरठ सबसे ऊपर हैं। इसके बाद मुजफ्फरनगर
नौ साल में 27 ट्रांसफर
आशीष गुप्ता 1989 बैच के आईपीएस हैं। मूलरूप से इलाहाबाद के रहने वाले हैं। ननिहाल बुलंदशहर के साकनी गांव में है। 2000 से 2011 तक वो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे। इसके बाद आईजी लखनऊ, आईजी पीएचक्यू इलाहाबाद और वर्तमान में आईजी एसटीएफ हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिनियुक्ति से पहले नौ साल में उनके 27 तबादले हो चुके हैं।
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पुलिस महानिरीक्षक मेरठ जोन कार्यालय में ढाई घंटे चली मीटिंग में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, शामली के पुलिस कप्तानों, डीआईजी सहारनपुर भोलानाथ सिंह और डीआईजी मेरठ जकी अहमद शामिल हुए। आईजी आशीष गुप्ता ने बताया कि मोहर्रम को देखते हुए अस्थायी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि क्षेत्राधिकारियों से त्योहारों के मद्देनजर किए गए होम वर्क का लिखित प्रमाण पत्र लिया जाए, ताकि उन्हें ध्यान रहे कि यह कागजी खानापूर्ति नहीं है। देखा जाए कि उनके क्षेत्र में जितने भी स्थानों से मोहर्रम निकलता है, उसमें अलम और ताजिये की ऊंचाई क्या है। रूट पुराने हैं या कुछ परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि जोन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोगों की सूची बनाई गई हैं। अच्छे लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया जाए। कहा कि चुस्त दुरुस्त पुलिसकर्मियों को रिजर्व रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जिम्मेदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता में बुलंदशहर और मेरठ सबसे ऊपर हैं। इसके बाद मुजफ्फरनगर
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नौ साल में 27 ट्रांसफर
आशीष गुप्ता 1989 बैच के आईपीएस हैं। मूलरूप से इलाहाबाद के रहने वाले हैं। ननिहाल बुलंदशहर के साकनी गांव में है। 2000 से 2011 तक वो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे। इसके बाद आईजी लखनऊ, आईजी पीएचक्यू इलाहाबाद और वर्तमान में आईजी एसटीएफ हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिनियुक्ति से पहले नौ साल में उनके 27 तबादले हो चुके हैं।
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