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डा. विनोद अरोड़ा के घर डकैती का खुलासा

Meerut Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। न्यूरो सर्जन डाक्टर विनोद अरोड़ा के घर हुई डकैती का खुलासा पुलिस ने 10 दिन बाद कर दिया। डकैती की प्लानिंग चार महीने पहले बनी थी। तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने लूटी गई रकम और ज्वैलरी भी बरामद कर ली है। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने दो महीने तक रेकी की थी।
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साकेत कालोनी में डाक्टर अरोड़ा की कोठी पर धावा बोलकर तीन अक्तूबर को बदमाश लाखों की नगदी, ज्वैलरी और कार लेकर फरार हो गए थे। डाक्टरों में काफी रोष था, जिस कारण उन्होंने शहर में पुलिस के खिलाफ आंदोलन भी किया था। एसएसपी के. सत्यनारायणा ने बताया कि कई टीमें खुलासे को लगाई हुई थीं। रविवार दुपहर करीब साढ़े 12 बजे एसओ टीपी नगर और एसओजी ने संयुक्त रूप से हाइडिल कालोनी के निकट से धर्मेंद्र उर्फ नीटू निवासी ग्राम शिवपुरी थाना परीक्षितगढ़, अमन निवासी ग्राम निडावली थाना हस्तिनापुर तथा योगेंद्र शर्मा उर्फ गोलू निवासी फफूंडा निवासी थाना खरखौदा को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर एक हीरे की अंगूठी, सोने का ब्रेसलेट, 18 लाख 19 हजार 910 रुपये, एक पिस्टल 32 बोर, दो तमंचे बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने डकैती का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि घटना करने में इन तीनों आरोपियों के साथ पवनेश उर्फ सोनू और अमित निवासी शिवपुरी भी शामिल रहे। उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। एक साल पहले पवनेश उर्फ सोनू के चाचा का का इलाज डाक्टर विनोद अरोड़ा के यहां हुआ था। मरीजों की भीड़ से अनुमान लगाया था कि डाक्टर को एक लाख रुपये प्रतिदिन की आमदनी होती होगी। इसके बाद दो महीने तक डाक्टर का पीछा किया और कई बार उनके घर के आसपास भी पहुंचे। फिर अभियुक्तों ने एसबीएस पोलीटेक्निक का फर्जी लेटर हैड लगाकर विज्ञान केंद्र पीएल शर्मा रोड से क्लोरोफॉर्म और अन्य दो पदार्थ खरीदे थे। ताकि डाक्टर के परिवार को बेहोश कर सकें। फिर दो अक्तूबर की रात मवाना बस स्टैंड पर इकट्ठा होने के बाद यह लोग पैदल ही डाक्टर अरोड़ा के घर पहुंचे। वहां स्कूल और घर के बीच की दीवार कूदकर धर्मेंद्र उर्फ नीटू, अमन तथा योगेंद्र पेड़ों के बीच छिप गए, अमित और सोनू बाहर निगरानी में रहे। डाक्टर अरोड़ा के घर पहुंचते ही तीनों ने डाक्टर और चौकीदार को पिस्टल और तमंचा सटाकर कवर कर लिया था। इसके बाद पूरे परिवार को बंधक बनाकर 20 लाख रुपये, ज्वैलरी और स्विफ्ट कार लेकर मेन गेट से ही फरार हो गए थे। कार को गंगा नगर होते हुए नहर की पटरी से नानपुर पुलिस चौकी के पास छोड़ गए थे। एसएसपी ने बताया कि इस खुलासे पर अपर पुलिस महानिदेशक, डीआईजी और उन्होंने भी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। वहीं डाक्टरों ने भी खुलासे पर संतोष जताते हुए पुलिस का सम्मान करने की बात कही है।

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