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सालों से धूल फांक रहे स्टेडियम
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दौराला ब्लॉक के शाहपुर जदीद व काजमाबाद गून गांव में लाखों की कीमत से बने थे मिनी स्टेडियम
दोनों स्टेडियम तीन-तीन एकड़ भूमि पर हुए थे तैयार
वाहिद अली
मेरठ। केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया खेलो’ योजना के तहत भले ही ग्रामीण क्षेत्र में दो नए मिनी स्टेडियम बनाने को हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही बयां कर रही है। योजना के तहत दो नए मिनी स्टेडियम के निर्माण पर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होगा। वहीं दौराला ब्लॉक के शाहपुर जदीद व काजमाबाद गून गांव में बने मिनी स्टेडियम सालों से धूल फांक रहे है।
जानी क्षेत्र के पांचली गांव के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव पास हो चुका है, इसमें चार करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी हो गई। जबकि खरखौदा के नालपुर गांव में बनाए जाने वाले स्टेडियम के लिए अभी पैसा जारी नहीं हो पाया है। युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले इन स्टेडियमों की देखरेख कैसे होगी? यह बड़ा सवाल है। 15 साल पहले दौराला ब्लॉक के शाहपुर जदीद गांव में 22 लाख और जानी ब्लॉक के काजमाबाद गून गांव में 21 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम तैयार किया गया। दोनों मिनी स्टेडियम का तत्कालीन विधायकों ने उद्घाटन किया था, लेकिन आज ये स्टेडियम दयनीय स्थिति में पहुंच गए हैं। दोनों स्टेडियम तीन-तीन एकड़ भूमि पर तैयार कराए गए थे। हॉल के अलावा बड़े-बडे़ मैदान आउटडोर खेलों के लिए छोड़े गए थे।
सामान हो गया चोरी
स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए जिम से लेकर, इनडोर खेलों का सामान मुहैया कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में मिनी स्टेडियम के हालात बद से बदतर हो गए। दोनों स्टेडियम के अंदर से सामान चोरी हो गया। इसके बाद से स्टेडियम धूल फांक रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सालों पहले तैयार मिनी स्टेडियम की देखरेख नहीं की गई। तो ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार होने वाले मिनी स्टेडियम किसके हवाले होंगे।
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युवा कल्याण अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि पुराने स्टेडियम की देखरेख के प्रयास किए गए थे, लेकिन ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की तैनाती नहीं होने के कारण मिनी स्टेडियम के हालात बिगड़ गए। मामले में उच्च अधिकारियों से बात कर स्टेडियमों की हालत सुधारने को लेकर वार्ता की जाएगी। नए स्टेडियम बनाने से पहले पुराने स्टेडियमों को सुधारने के लिए प्रयास करेंगे।
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दोनों स्टेडियम तीन-तीन एकड़ भूमि पर हुए थे तैयार
वाहिद अली
मेरठ। केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया खेलो’ योजना के तहत भले ही ग्रामीण क्षेत्र में दो नए मिनी स्टेडियम बनाने को हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही बयां कर रही है। योजना के तहत दो नए मिनी स्टेडियम के निर्माण पर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होगा। वहीं दौराला ब्लॉक के शाहपुर जदीद व काजमाबाद गून गांव में बने मिनी स्टेडियम सालों से धूल फांक रहे है।
जानी क्षेत्र के पांचली गांव के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव पास हो चुका है, इसमें चार करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी हो गई। जबकि खरखौदा के नालपुर गांव में बनाए जाने वाले स्टेडियम के लिए अभी पैसा जारी नहीं हो पाया है। युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले इन स्टेडियमों की देखरेख कैसे होगी? यह बड़ा सवाल है। 15 साल पहले दौराला ब्लॉक के शाहपुर जदीद गांव में 22 लाख और जानी ब्लॉक के काजमाबाद गून गांव में 21 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम तैयार किया गया। दोनों मिनी स्टेडियम का तत्कालीन विधायकों ने उद्घाटन किया था, लेकिन आज ये स्टेडियम दयनीय स्थिति में पहुंच गए हैं। दोनों स्टेडियम तीन-तीन एकड़ भूमि पर तैयार कराए गए थे। हॉल के अलावा बड़े-बडे़ मैदान आउटडोर खेलों के लिए छोड़े गए थे।
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सामान हो गया चोरी
स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए जिम से लेकर, इनडोर खेलों का सामान मुहैया कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में मिनी स्टेडियम के हालात बद से बदतर हो गए। दोनों स्टेडियम के अंदर से सामान चोरी हो गया। इसके बाद से स्टेडियम धूल फांक रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सालों पहले तैयार मिनी स्टेडियम की देखरेख नहीं की गई। तो ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार होने वाले मिनी स्टेडियम किसके हवाले होंगे।
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युवा कल्याण अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि पुराने स्टेडियम की देखरेख के प्रयास किए गए थे, लेकिन ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की तैनाती नहीं होने के कारण मिनी स्टेडियम के हालात बिगड़ गए। मामले में उच्च अधिकारियों से बात कर स्टेडियमों की हालत सुधारने को लेकर वार्ता की जाएगी। नए स्टेडियम बनाने से पहले पुराने स्टेडियमों को सुधारने के लिए प्रयास करेंगे।