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चुनौतियां हैं तो संसाधन भी नहीं हैं कम

Mon, 04 Mar 2019 02:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2019 02:50 AM IST
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चुनौतियां हैं तो संसाधन भी नहीं हैं कम
- सफलता के लिए मेहनत की राह पर बढ़ें युवा
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- सीसीएसयू में हुई करियर काउंसिलिंग कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। खिदमा वेलफेयर सोसायटी व सीसीएसयू के उर्दू विभाग की ओर से करियर काउंसिलिंग मेला व यूथ फेस्टिवल का आयोजन हुआ। बृहस्पति भवन में हुए आयोजन में युवाओं को बेहतर करियर की जानकारी दी गई।
दो चरणों में आयोजित कार्यक्रम के पहले चरण में करियर काउंसिलिंग व दूसरे चरण में प्रेरणात्मक स्पीच, समूह संवाद, टॉक शो एवं नाट्य प्रस्तुति हुई। छात्रों ने हास्य नाटिका ‘इश्क बिन यह अदब नहीं आता’ का मंचन किया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता शहर काजी प्रो. काज़ी जैनुल साजिद्दीन की रही। मुख्य अतिथि डॉ. मेहराजुद्दीन अहमद और विशेष अतिथि के रूप में नदीम अख्तर, हाजी इमरान सिद्दीकी, वैभव गोयल भाटिया, कुंवर शाहिद उपस्थित रहे। काउंसलर के रूप में मोहम्मद असलम, डॉ. शुऐब मौजूद रहे। डॉ. आसिफ अली, डॉ. शादाब अलीम ने स्वागत भाषण दिया।
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सर्वप्रथम मौलाना इसरार अहमद ने कुरान की तिलावत की। किरत जेहरा ने प्रस्तुति दी। दूसरे सत्र में शोभित विवि के चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र, वाइस चांसलर प्रो. एपी गर्ग व कस्टम कमिश्नर शाहिद अली सिद्दीकी, अभिषेक शर्मा एवं सीसीएसयू की प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला शामिल हुईं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए उन्हें बेहतर करियर की जानकारी दी।
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चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि दूसरों के सपनों पर जीना छोड़कर अपने सपने देखिए और सुबह उठकर एक प्लान के तहत उनको पूर्ण करने में लग जाइए। उन्होंने कहा कि मेहनत के बगैर कुछ हासिल नहीं होता। मेहनत के बाद किसी भी स्थान को पा लेना नामुमकिन नहीं है। उन्होंने खिदमा टॉक शो में प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने विचार रखे। शाहिद ए सिद्दीकी ने कहा कि शिक्षा हमें रोज़गार के लिए नहीं स्वयं को अच्छा बनाने के लिए प्राप्त करनी चाहिए। अभिषेक शर्मा ने कहा कि करियर बनाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं ही एक मात्र विकल्प नहीं बल्कि अनेकों विकल्प हैं। अपनी क्षमताओं के अनुकूल लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। कर्र्नल अब्दुल हमीन ने कहा कि प्रतियोगिता अधिक हैं तो संसाधन भी बहुत हैं। हमें अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि देश को उन्नति के शिखर पर ले जाने के लिए जरूरी है कि शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए। खिदमा वेलफेयर सोसाइटी व अन्य जो भी संस्थाएं इस कार्य में लगी हैं वो धन्यवाद की पात्र हैं। इस अवसर पर हास्य नाटिका को बहुत पसंद किया गया। जिसमें शादाब अली, सना, सामिया, मो. शमशाद, शाकिर मतलूब एवं ताबिश ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफ ल बनाने में मुफ्ती उमैर, फरमान, देवेंद्र हूण, डॉ. फुरकान सरनवी, डॉ. इरशाद सियानवी, फैज़ान अंसारी, अतीक उररहमान, शबिस्ता खान, फ रज़ाना सब्ज़वारी ने योगदान दिया। संचालन एडवोकेट ऐमन फ रहत ने किया। सैयद बदरूल हसन ने आभार व्यक्त किया।
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