{"_id":"5c59f694bdec2273ac45e3ab","slug":"91549399700-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकार भारती का स्थापना दिवस मनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकार भारती का स्थापना दिवस मनाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सहकार भारती का स्थापना दिवस मनाया
कंकरखेड़ा। सरधना रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सहकार भारती का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश उपाध्यक्ष विरेंद्र पांडेय ने सहकार भारती के द्वारा सहाकारिता के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से रोजगार सृजन हेतु देश भर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सहकारिता समाज के आर्थिक उत्थान का सर्वोत्तम मार्ग है। वहीं सहकारिता बैंकों की चुनौतियों के औचित्य पर विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता मोहम्मद आसिफ जमाल ने कहा कि सहकारी बैंकों के प्रबंध की दोषपूर्ण नीतियों, कुप्रंबधन व भ्रष्टाचार के कारण सहकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है। बैकिंग क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों के सामने इन बैंकों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। जिला सहकारी बैंक बुलंदशहर के सभापति अनिल शर्मा ने सहकारी बैंकों के सम्मुख आ रही कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। आरएसएस के भाग संघचालक मदन पाल सिंह, सुमन शुक्ला, सविता, आंबोज, मीरा सिंह, रीना चौधरी, नीलम वर्मा, स्वाति राठी, साक्षी, गरिमा त्यागी, दुर्गेश पांडे, जागृति कुमुद, विनीता जैन, हेमंत, गुणवंत, प्रेम प्रकाश गुप्ता, रमेश चंद्र शर्मा, विशाल तोमर, चंद्रवीर सिंह, प्रदीप शर्मा, अजय शर्मा राकेश, राज कुमार आदि मौजूद रहे।
कंकरखेड़ा। सरधना रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सहकार भारती का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश उपाध्यक्ष विरेंद्र पांडेय ने सहकार भारती के द्वारा सहाकारिता के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से रोजगार सृजन हेतु देश भर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सहकारिता समाज के आर्थिक उत्थान का सर्वोत्तम मार्ग है। वहीं सहकारिता बैंकों की चुनौतियों के औचित्य पर विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता मोहम्मद आसिफ जमाल ने कहा कि सहकारी बैंकों के प्रबंध की दोषपूर्ण नीतियों, कुप्रंबधन व भ्रष्टाचार के कारण सहकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है। बैकिंग क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों के सामने इन बैंकों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। जिला सहकारी बैंक बुलंदशहर के सभापति अनिल शर्मा ने सहकारी बैंकों के सम्मुख आ रही कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। आरएसएस के भाग संघचालक मदन पाल सिंह, सुमन शुक्ला, सविता, आंबोज, मीरा सिंह, रीना चौधरी, नीलम वर्मा, स्वाति राठी, साक्षी, गरिमा त्यागी, दुर्गेश पांडे, जागृति कुमुद, विनीता जैन, हेमंत, गुणवंत, प्रेम प्रकाश गुप्ता, रमेश चंद्र शर्मा, विशाल तोमर, चंद्रवीर सिंह, प्रदीप शर्मा, अजय शर्मा राकेश, राज कुमार आदि मौजूद रहे।