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भोज पर अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास पर मंथन
Updated Wed, 25 Jul 2018 03:08 AM IST
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मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर जिपं. सदस्य सक्रिय होना शुरू हो गए हैं। अविश्वास की सुगबुगाहट तो दो माह से चल रही है। लेकिन मंगलवार को आठ सदस्य एक जगह दोपहर के भोज पर इकट्ठा हुए और अविश्वास पर मंथन हुआ। लेकिन इस मंथन में जिपं. अध्यक्ष का भाजपा से निर्वाचित होना ही सबके आड़े आया। जिसमें तय हुआ कि अभी थोड़ा और इंतजार किया जाए।
जिला पंचायत का इस बार का बोर्ड पूरी तरह उठापटक वाला चल रहा है। साल 2015 में जिपं. अध्यक्ष के चुनाव में सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान निर्वाचित हुई थीं। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 30 सदस्यों ने शपथ दे दिए। माहौल को भांपते हुए अविश्वास पर चर्चा से पहले ही सीमा प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अगस्त 2017 में चुनाव हुआ और भाजपा के कुलविंदर सिंह विजयी हुए। कुलविंदर सिंह ने 28 अगस्त को अध्यक्ष की शपथ ली। ऐसे में उनका कार्यकाल भी 27 अगस्त को पूरा हो रहा है और इसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास आ सकता है।
कुलविंदर सिंह भाजपा से जीतकर आए। लेकिन भाजपा के ही सदस्यों को नहीं साध पाए। जिस कारण उनके कुर्सी पर बैठते ही विवाद शुरू हो गया, जो आज तक कायम है। अब जैसे-जैसे एक साल पूरा होने को आ रहे हैं, एक बार फिर से जिला पंचायत में अविश्वास की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है। मवाना रोड निवासी जिला पंचायत के एक सदस्य के यहां मंगलवार को भोजन पर आठ सदस्य इकट्ठा हुए। इनमें छह भाजपा से निर्वाचित तो दो अन्य पार्टियों से हैं। इन सदस्यों के बीच एक विधायक भी भोजन पर मौजूद रहे।
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सूत्रोें के अनुसार भोजन पर अन्य बातों के अलावा मुख्य चर्चा अविश्वास को लेकर हुई। लेकिन इसमें सबसे बड़ी बाधा यही मानी गयी कि कुलविंदर सिंह भाजपा से निर्वाचित हैं और ऐसे में पार्टी नेतृत्व अविश्वास को शायद स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे में पिछले दिनों हुई पार्टी विरोधी गतिविधियों को मुद्दा बनाकर उससे पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया जाए और तब अविश्वास की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
खास बातें:
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा बंदी में जुटे सदस्य, लिया इंतजार का निर्णय
जिपं. सदस्य के यहां दोपहर के भोज में एक विधायक और आठ सदस्यों ने की इस पर चर्चा
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जिला पंचायत का इस बार का बोर्ड पूरी तरह उठापटक वाला चल रहा है। साल 2015 में जिपं. अध्यक्ष के चुनाव में सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान निर्वाचित हुई थीं। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 30 सदस्यों ने शपथ दे दिए। माहौल को भांपते हुए अविश्वास पर चर्चा से पहले ही सीमा प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अगस्त 2017 में चुनाव हुआ और भाजपा के कुलविंदर सिंह विजयी हुए। कुलविंदर सिंह ने 28 अगस्त को अध्यक्ष की शपथ ली। ऐसे में उनका कार्यकाल भी 27 अगस्त को पूरा हो रहा है और इसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास आ सकता है।
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कुलविंदर सिंह भाजपा से जीतकर आए। लेकिन भाजपा के ही सदस्यों को नहीं साध पाए। जिस कारण उनके कुर्सी पर बैठते ही विवाद शुरू हो गया, जो आज तक कायम है। अब जैसे-जैसे एक साल पूरा होने को आ रहे हैं, एक बार फिर से जिला पंचायत में अविश्वास की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है। मवाना रोड निवासी जिला पंचायत के एक सदस्य के यहां मंगलवार को भोजन पर आठ सदस्य इकट्ठा हुए। इनमें छह भाजपा से निर्वाचित तो दो अन्य पार्टियों से हैं। इन सदस्यों के बीच एक विधायक भी भोजन पर मौजूद रहे।
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सूत्रोें के अनुसार भोजन पर अन्य बातों के अलावा मुख्य चर्चा अविश्वास को लेकर हुई। लेकिन इसमें सबसे बड़ी बाधा यही मानी गयी कि कुलविंदर सिंह भाजपा से निर्वाचित हैं और ऐसे में पार्टी नेतृत्व अविश्वास को शायद स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे में पिछले दिनों हुई पार्टी विरोधी गतिविधियों को मुद्दा बनाकर उससे पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया जाए और तब अविश्वास की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
खास बातें:
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा बंदी में जुटे सदस्य, लिया इंतजार का निर्णय
जिपं. सदस्य के यहां दोपहर के भोज में एक विधायक और आठ सदस्यों ने की इस पर चर्चा