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डॉ. संजीव ने चिकित्सा अधीक्षक के पद से दिया इस्तीफा
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:32 AM IST
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डॉ. संजीव ने चिकित्सा अधीक्षक पद से दिया इस्तीफा
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में बदलाव और उथल-पुथल का दौर जारी है। पहले प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी), इसके बाद प्राचार्य को पद से हटाए जाने केबाद अब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि प्राचार्य ने अभी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।
डॉ. संजीव ने हाल ही में एक ही पटल पर लंबे समय से जमे 32 बाबुओं के पटल बदले थे। इनमें कई बाबू ऐसे भी थे, जो 10-10 सालों से जमे थे। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल के चार्ज के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया था, जिससे एक ही स्थान पर सारा पैसा जमा होता था। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी थी। वहीं मरीजों के लिए स्ट्रेचर की पुख्ता व्यवस्था करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस संबंध में डॉ. संजीव का कहना है कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से यह कदम उठाया है। अब वह लेक्चरर केपद पर कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगे अगर उन्हें फिर से कोई जिम्मेदारी दी जाएगी तो वह उसे बेहतर तरीके से निभाने की कोशिश करेंगे। उनके पद से इस्तीफा देने से मेडिकल के कर्मचारियों का एक गुट खुशी का इजहार कर रहा है। उधर, अभी तक कानपुर से आने वाले नए प्राचार्य और प्रमुख अधीक्षक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज में बदलाव और उथल-पुथल का दौर जारी है। पहले प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी), इसके बाद प्राचार्य को पद से हटाए जाने केबाद अब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि प्राचार्य ने अभी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।
डॉ. संजीव ने हाल ही में एक ही पटल पर लंबे समय से जमे 32 बाबुओं के पटल बदले थे। इनमें कई बाबू ऐसे भी थे, जो 10-10 सालों से जमे थे। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल के चार्ज के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया था, जिससे एक ही स्थान पर सारा पैसा जमा होता था। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी थी। वहीं मरीजों के लिए स्ट्रेचर की पुख्ता व्यवस्था करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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इस संबंध में डॉ. संजीव का कहना है कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से यह कदम उठाया है। अब वह लेक्चरर केपद पर कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगे अगर उन्हें फिर से कोई जिम्मेदारी दी जाएगी तो वह उसे बेहतर तरीके से निभाने की कोशिश करेंगे। उनके पद से इस्तीफा देने से मेडिकल के कर्मचारियों का एक गुट खुशी का इजहार कर रहा है। उधर, अभी तक कानपुर से आने वाले नए प्राचार्य और प्रमुख अधीक्षक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
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