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डार्क जोन में आने से पांच ब्लाक नवीन नलकूप परियोजना से बाहर
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:33 AM IST
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पांच ब्लॉक नवीन नलकूप परियोजना से बाहर
मेरठ। डॉ. राम मनोहर लोहिया 2000 नवीन नलकूप परियोजना के तहत राजकीय नलूकप लगाने की परियोजना से मेरठ के पांच ब्लॉक बाहर हो गए हैं। इन ब्लाकों में जल स्तर बहुत नीचा होने के कारण इन्हें अतिदोहित और क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में जनपद में अब सात ब्लॉकों में ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
नलकूप खंड पूर्व के अधिशासी अभियंता मलय कुमार गर्ग ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीत सोम, जितेंद्र पाल सिंह और दिनेश खटीक को पत्र भेजे हैं। जिसमें योजना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि इस योजना के तहत राजकीय नलकूप लगाए जाने हैं। इन नलकूपों के स्थल के चयन का प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों और ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के सर्वेक्षण के बाद किया जाएगा। नलकूप कहां लगेंगे यह निर्णय जिला नलकूप चयन समिति लेगी।
लेकिन प्रस्ताव में जनपद के रजपुरा, खरखौदा, माछरा, मेरठ और परीक्षितगढ़ ब्लॉक को बाहर रखने की बात कही गई है। क्योंकि रजपुरा जहां अतिदोहित श्रेणी में शामिल है तो बॉकी ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में शामिल हैं। ऐसे में नलकूप योजना सिर्फ सरधना, दौराला, मवाना, रोहटा, जानी और सरूरपुर ब्लाक में ही संचालित हो पाएगी।
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रजपुरा और मेरठ में होगी परेशानी
जनपद के माछरा और परीक्षितगढ़ ब्लॉक ऐसे हैं, जिनकी आधी से ज्यादा खेती नहर और राजवाहे के पानी से हो सकती है। खरखौदा में भी कुछ जमीन नहर के पानी से सिंचित है। लेकिन रजपुरा और मेरठ विकास खंड ऐसे हैं जहां पर सिंचाई का एक मात्र साधन नलकूप है। किसान यहां निजी नलकूप से ही सिंचाई कर रहे हैं, ऐसे में राजकीय नलकूप योजना का लाभ यहां के किसान उठा सकते थे, उन्हें इससे वंचित रहना पड़ेगा।
खास बात
डार्क जोन में हैं ये ब्लॉक, अधिशासी अभियंता नलकूप ने लिखा जनप्रतिनिधियों को पत्र
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मेरठ। डॉ. राम मनोहर लोहिया 2000 नवीन नलकूप परियोजना के तहत राजकीय नलूकप लगाने की परियोजना से मेरठ के पांच ब्लॉक बाहर हो गए हैं। इन ब्लाकों में जल स्तर बहुत नीचा होने के कारण इन्हें अतिदोहित और क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में जनपद में अब सात ब्लॉकों में ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
नलकूप खंड पूर्व के अधिशासी अभियंता मलय कुमार गर्ग ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीत सोम, जितेंद्र पाल सिंह और दिनेश खटीक को पत्र भेजे हैं। जिसमें योजना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि इस योजना के तहत राजकीय नलकूप लगाए जाने हैं। इन नलकूपों के स्थल के चयन का प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों और ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के सर्वेक्षण के बाद किया जाएगा। नलकूप कहां लगेंगे यह निर्णय जिला नलकूप चयन समिति लेगी।
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लेकिन प्रस्ताव में जनपद के रजपुरा, खरखौदा, माछरा, मेरठ और परीक्षितगढ़ ब्लॉक को बाहर रखने की बात कही गई है। क्योंकि रजपुरा जहां अतिदोहित श्रेणी में शामिल है तो बॉकी ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में शामिल हैं। ऐसे में नलकूप योजना सिर्फ सरधना, दौराला, मवाना, रोहटा, जानी और सरूरपुर ब्लाक में ही संचालित हो पाएगी।
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रजपुरा और मेरठ में होगी परेशानी
जनपद के माछरा और परीक्षितगढ़ ब्लॉक ऐसे हैं, जिनकी आधी से ज्यादा खेती नहर और राजवाहे के पानी से हो सकती है। खरखौदा में भी कुछ जमीन नहर के पानी से सिंचित है। लेकिन रजपुरा और मेरठ विकास खंड ऐसे हैं जहां पर सिंचाई का एक मात्र साधन नलकूप है। किसान यहां निजी नलकूप से ही सिंचाई कर रहे हैं, ऐसे में राजकीय नलकूप योजना का लाभ यहां के किसान उठा सकते थे, उन्हें इससे वंचित रहना पड़ेगा।
खास बात
डार्क जोन में हैं ये ब्लॉक, अधिशासी अभियंता नलकूप ने लिखा जनप्रतिनिधियों को पत्र