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किठौर क्षेत्र में 105 बीघा गेहूं की फसल में लगी आग
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किठौर क्षेत्र में 105 बीघा गेहूं की फसल में लगी आग
किठौर/मेरठ। किठौर क्षेत्र के किसानों पर सोमवार दोपहर को आफत बनकर टूटी। दो अलग-अलग जगह भीषण आग में करीब 105 बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। किसानों ने करीब 12 लाख का नुकसान होना बताया। दमकल के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। एक किसान की हालत बिगड़ गई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग विद्युत लाइन की चिंगारी से लगने की चर्चा रही।
किठौर कस्बे के श्यामपुर मार्ग डहर के जंगल में गेहूं की खड़ी फसल से लोगों को दोपहर धुआं उठता दिखाई दिया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे आग भड़क उठी। इस दौरान 150-200 लोगों ने पेड़ों की डालियां तोड़कर उनके पत्तों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया परंतु सफलता नहीं मिली। भरी दोपहरी में हवा से आग की लपटें विकराल होती गईं। आसपास के कई गांवों में भीषण आग की सूचना फैल गई। इस दौरान कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन दमकल की गाड़ी नहीं पहुंची।
किसानों ने आग की सूचना एसडीएम मवाना व किठौर पुलिस को दी। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इंस्पेक्टर किठौर प्रेमचंद शर्मा श्यामनगर मार्ग पर आग की सूचना पर पहुंचे। इस दौरान ग्र्रामीण आग बुझाने के लिए पानी के टैंकर लेकर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इससे कई किसानों की ओर खड़ी फसल बच सकी। आग से जमशेद, वकील, यामीन, मलवा, फकीरा, अनवार, फुरकान, गुलफाक, इश्तियाक, हाजी बाबुद्दीन, शकील, मोहम्मद उमर, खालिद, नजाकत, जावेद, सईद, अख्तर, अरशद व अन्य किसानों की लगभग 75 बीघा गेहूं की फसल जलकर स्वाहा हो गई। उनका कहना है कि गेहूं की फसल जलती देख सईद की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस बाबत कस्बा निवासी मलवा और अन्य किसानों ने तहरीर दी है। वहीं, क्षेत्र के ग्राम असीलपुर में अज्ञात कारणों से करीब 30 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
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हमारा सब कुछ उजड़ गया
पीड़ित किसान आग से हुए नुकसान को देखते हुए बेबस नजर आए। इस दौरान अनवार ने बताया कि गेहूं की फसल जलने से बहुत नुकसान हो गया। अब पशुओं का भूसा कहां से लाया जाएगा। इस दौरान रेशमा भी मौके पर बिलखती रही।
सिर्फ एक गाड़ी पहुंची
किठौर के लोगों ने प्रस्तावित फायर स्टेशन को शीघ्र स्थापित कराने की प्रशासन ने मांग की है। किसानों का कहना है कि जब भी आसपास आग लगती है तो शहर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती है। जबकि मेरठ से किठौर कस्बे की दूरी ही 27 किमी है। जबकि कस्बे से 20 किमी दूर जंगल का भी क्षेत्र है। एक घंटे में एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची जब तक खेतों की फसल जलती गई।
चिंगारी से भड़की आग
किसानों की तरफ से थाने में नुकसान की तहरीर दी गई है। प्रथम दृष्टया बताया गया कि विद्युत लाइन की चिंगारी से फसल जली है। पूरे मामले में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई। -प्रेम चंद शर्मा, इंस्पेक्टर किठौर
दूरी ज्यादा होने पर देरी
आग की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर भेज दी थीं। दूरी अधिक होने के कारण गाड़ी पहुंचने में ही समय लगा। वह खुद शहर में लगी आग बुझाने में व्यस्त थे। -संजीव कुमार, एफएसओ पुलिस लाइन
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किठौर/मेरठ। किठौर क्षेत्र के किसानों पर सोमवार दोपहर को आफत बनकर टूटी। दो अलग-अलग जगह भीषण आग में करीब 105 बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। किसानों ने करीब 12 लाख का नुकसान होना बताया। दमकल के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। एक किसान की हालत बिगड़ गई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग विद्युत लाइन की चिंगारी से लगने की चर्चा रही।
किठौर कस्बे के श्यामपुर मार्ग डहर के जंगल में गेहूं की खड़ी फसल से लोगों को दोपहर धुआं उठता दिखाई दिया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे आग भड़क उठी। इस दौरान 150-200 लोगों ने पेड़ों की डालियां तोड़कर उनके पत्तों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया परंतु सफलता नहीं मिली। भरी दोपहरी में हवा से आग की लपटें विकराल होती गईं। आसपास के कई गांवों में भीषण आग की सूचना फैल गई। इस दौरान कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन दमकल की गाड़ी नहीं पहुंची।
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किसानों ने आग की सूचना एसडीएम मवाना व किठौर पुलिस को दी। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इंस्पेक्टर किठौर प्रेमचंद शर्मा श्यामनगर मार्ग पर आग की सूचना पर पहुंचे। इस दौरान ग्र्रामीण आग बुझाने के लिए पानी के टैंकर लेकर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इससे कई किसानों की ओर खड़ी फसल बच सकी। आग से जमशेद, वकील, यामीन, मलवा, फकीरा, अनवार, फुरकान, गुलफाक, इश्तियाक, हाजी बाबुद्दीन, शकील, मोहम्मद उमर, खालिद, नजाकत, जावेद, सईद, अख्तर, अरशद व अन्य किसानों की लगभग 75 बीघा गेहूं की फसल जलकर स्वाहा हो गई। उनका कहना है कि गेहूं की फसल जलती देख सईद की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस बाबत कस्बा निवासी मलवा और अन्य किसानों ने तहरीर दी है। वहीं, क्षेत्र के ग्राम असीलपुर में अज्ञात कारणों से करीब 30 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
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पीड़ित किसान आग से हुए नुकसान को देखते हुए बेबस नजर आए। इस दौरान अनवार ने बताया कि गेहूं की फसल जलने से बहुत नुकसान हो गया। अब पशुओं का भूसा कहां से लाया जाएगा। इस दौरान रेशमा भी मौके पर बिलखती रही।
सिर्फ एक गाड़ी पहुंची
किठौर के लोगों ने प्रस्तावित फायर स्टेशन को शीघ्र स्थापित कराने की प्रशासन ने मांग की है। किसानों का कहना है कि जब भी आसपास आग लगती है तो शहर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती है। जबकि मेरठ से किठौर कस्बे की दूरी ही 27 किमी है। जबकि कस्बे से 20 किमी दूर जंगल का भी क्षेत्र है। एक घंटे में एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची जब तक खेतों की फसल जलती गई।
चिंगारी से भड़की आग
किसानों की तरफ से थाने में नुकसान की तहरीर दी गई है। प्रथम दृष्टया बताया गया कि विद्युत लाइन की चिंगारी से फसल जली है। पूरे मामले में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई। -प्रेम चंद शर्मा, इंस्पेक्टर किठौर
दूरी ज्यादा होने पर देरी
आग की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर भेज दी थीं। दूरी अधिक होने के कारण गाड़ी पहुंचने में ही समय लगा। वह खुद शहर में लगी आग बुझाने में व्यस्त थे। -संजीव कुमार, एफएसओ पुलिस लाइन