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प्रधानमंत्री जांचेंगे इंवेस्टर्स समिट के निवेश की स्थिति
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:12 AM IST
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प्रधानमंत्री जांचेंगे पसवाड़ा पेपर मिल क ी निवेश रिपोर्ट
मेरठ।
उत्तर प्रदेश में उद्योगों के विकास को नई हवा देने के लिए फरवरी 2018 में लखनऊ में हुई इंवेस्टर्स समिट में हुए निवेश की समीक्षा स्वयं प्रधानमंत्री करेंगे। 29 जुलाई क ो लखनऊ इंदिरा भवन में ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्यमियों से मुलाकात करेंगे। इंवेस्टर्स समिट में बड़े पैमाने पर प्रदेश में एमओयू साइन हुए। करोड़ों रुपये के निवेश की बातें हुईं। करोड़ों का निवेश कहां गया, वर्तमान में एमओयू की क्या स्थिति है इसकी समीक्षा होगी।
300 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले औद्योगिक घरानों को वार्ता में बुलाया गया है। मेरठ से 400 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली पसवाड़ा पेपर मिल के संचालक भी आयोजन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री स्वयं मिल के 400 करोड़ के निवेश की वर्तमान स्थिति, निवेश में आने वाली समस्या की जानकारी लेंगे। वार्ता में अडानी, अंबानी, टाटा सहित अन्य नामचीन पूंजीपति भी शिरकत करेंगे। पसवाड़ा मिल संचालकों को मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद पांडे की ओर से आयोजन का आमंत्रण मिला है।
400 करोड़ के निवेश से बढ़ेगा निर्यात
पसवाड़ा पेपर मिल के संचालक अरविंद अग्रवाल ने बताया कि मिल में प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन पैकिंग पेपर बनता है। मिल वर्तमान में चाइना को अपने उत्पादन का 70 प्रतिशत कागज निर्यात करती है, जबकि मांग उससे कहीं अधिक है। लेकिन प्लांट की क्षमता कम होने के कारण मिल इतना कागज बनाने में अक्षम है। मिल ने 400 करोड़ के निवेश से अपनी मिल का एक्सटेंशन करने का प्रस्ताव रखा है। मिल के पास 40 एकड़ भूमि है, जहां मिल आधुनिक प्लांट लगाएगी। जिसमें प्रतिदिन 1 हजार मीट्रिक टन कागज बनेगा। मिल की निर्यात क्षमता का विस्तार होगा।
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इन्वेस्टर्स समिट में मेरठ के बड़े निवेशक
कंपनी निवेश
पसवाड़ा पेपर मिल 400 करोड़
एक्सेल इंडिया 50 करोड़
विश्वकर्मा एस्टेट एक्सटेंशन 50 करोड़
मॉडर्न स्टील 30 करोड़
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 25 करोड़
कॉपर एलॉय 25 करोड़
मित्तल रबड़ इंडस्ट्रीज 20 करोड़
पवन सूत भंडार 20 करोड़
प्रीमियम पैकेजर्स 12 करोड़
मेरठ एग्रो 10 करोड़
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मेरठ।
उत्तर प्रदेश में उद्योगों के विकास को नई हवा देने के लिए फरवरी 2018 में लखनऊ में हुई इंवेस्टर्स समिट में हुए निवेश की समीक्षा स्वयं प्रधानमंत्री करेंगे। 29 जुलाई क ो लखनऊ इंदिरा भवन में ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्यमियों से मुलाकात करेंगे। इंवेस्टर्स समिट में बड़े पैमाने पर प्रदेश में एमओयू साइन हुए। करोड़ों रुपये के निवेश की बातें हुईं। करोड़ों का निवेश कहां गया, वर्तमान में एमओयू की क्या स्थिति है इसकी समीक्षा होगी।
300 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले औद्योगिक घरानों को वार्ता में बुलाया गया है। मेरठ से 400 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली पसवाड़ा पेपर मिल के संचालक भी आयोजन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री स्वयं मिल के 400 करोड़ के निवेश की वर्तमान स्थिति, निवेश में आने वाली समस्या की जानकारी लेंगे। वार्ता में अडानी, अंबानी, टाटा सहित अन्य नामचीन पूंजीपति भी शिरकत करेंगे। पसवाड़ा मिल संचालकों को मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद पांडे की ओर से आयोजन का आमंत्रण मिला है।
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400 करोड़ के निवेश से बढ़ेगा निर्यात
पसवाड़ा पेपर मिल के संचालक अरविंद अग्रवाल ने बताया कि मिल में प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन पैकिंग पेपर बनता है। मिल वर्तमान में चाइना को अपने उत्पादन का 70 प्रतिशत कागज निर्यात करती है, जबकि मांग उससे कहीं अधिक है। लेकिन प्लांट की क्षमता कम होने के कारण मिल इतना कागज बनाने में अक्षम है। मिल ने 400 करोड़ के निवेश से अपनी मिल का एक्सटेंशन करने का प्रस्ताव रखा है। मिल के पास 40 एकड़ भूमि है, जहां मिल आधुनिक प्लांट लगाएगी। जिसमें प्रतिदिन 1 हजार मीट्रिक टन कागज बनेगा। मिल की निर्यात क्षमता का विस्तार होगा।
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इन्वेस्टर्स समिट में मेरठ के बड़े निवेशक
कंपनी निवेश
पसवाड़ा पेपर मिल 400 करोड़
एक्सेल इंडिया 50 करोड़
विश्वकर्मा एस्टेट एक्सटेंशन 50 करोड़
मॉडर्न स्टील 30 करोड़
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 25 करोड़
कॉपर एलॉय 25 करोड़
मित्तल रबड़ इंडस्ट्रीज 20 करोड़
पवन सूत भंडार 20 करोड़
प्रीमियम पैकेजर्स 12 करोड़
मेरठ एग्रो 10 करोड़