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बिना मान्यता के 400 स्कूलों पर बंदी का नोटिस
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:32 AM IST
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मेरठ। हर साल की तरह सरकारी स्कूल खुलते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को सभी ब्लॉकों में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर नोटिस चस्पा की कार्रवाई की गई। वहीं, ऐसे विद्यालयों को तुरंत बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का परिषद या मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दाखिला कराने को कहा गया है।
शासन के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जिले में गैर मान्यता प्राप्त करीब 400 विद्यालयों की सूची अधिकारियों के पास है, जिन पर शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने ऐसे विद्यालयों पर नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में मान्यता न होने तक विद्यालय तुरंत बंद करने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूलने के आदेश हैं।
मान्यता प्राप्त स्कूलों में करें ट्रांसफर
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को तुरंत दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में ट्रांसफर कर दें। नियमों के अनुसार ही मान्यता प्राप्त कर विद्यालय खोलें। कार्रवाई नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों पर की गई है।
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सूची से अधिक संचालित स्कूल
अधिकारियों के मुताबिक जिले में करीब 400 विद्यालयों की सूची उनके पास है, जो गैर मान्यता प्राप्त हैं और उन पर कार्रवाई हो रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि जिले में सूची से कहीं अधिक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखी जा सकती है। बेसिक शिक्षा विभाग हर साल ऐसे विद्यालयों को नोटिस भेजकर कार्रवाई का दिखावा कर देता है। इसी लापरवाही के चलते सैकड़ों गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित होते हैं जिसमें न तो छात्रों को पढ़ाई की सहूलियत होती है और न ही सुरक्षा की गारंटी।
ये हैं नियम
विद्यालय की मान्यता के लिए भवन की माप, भूकंपरोधी होना चाहिए। आग से सुरक्षा सहित अनेक नियमों को पूरा करने पर मान्यता मिलती है। पिछले वर्ष शासन ने मान्यता के नियमों में कुछ बदलाव करते हुए शर्तों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम और हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए हैं। लेकिन नगर व शहर क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे व बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगाई गई हैं।
सरकारी स्कूलों में छात्रों का टोटा
जिले में 910 प्राइमरी, 432 जूनियर, 4 राजकीय व 5 कस्तूरबा विद्यालय हैं। लेकिन फिर भी इन विद्यालयों में छात्रों का टोटा होता है। हर बार विभाग द्वारा प्रवेश अभियान चलाया जाता है। वहीं एक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल में ही छात्रों की संख्या करीब 200 से 250 है। इस प्रकार करीब एक लाख से अधिक छात्र गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे हैं।
हम कार्रवाई कर रहे
शासन के आदेश पर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। -सतेंद्र ढाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
खास बातें:
10 हजार का रोजाना लगेगा जुर्माना यदि ऐसे स्कूल खुले मिले तो
- बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हर साल होती है नोटिस चस्पा करने की खानापूर्ति
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शासन के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जिले में गैर मान्यता प्राप्त करीब 400 विद्यालयों की सूची अधिकारियों के पास है, जिन पर शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने ऐसे विद्यालयों पर नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में मान्यता न होने तक विद्यालय तुरंत बंद करने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूलने के आदेश हैं।
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मान्यता प्राप्त स्कूलों में करें ट्रांसफर
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को तुरंत दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में ट्रांसफर कर दें। नियमों के अनुसार ही मान्यता प्राप्त कर विद्यालय खोलें। कार्रवाई नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों पर की गई है।
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सूची से अधिक संचालित स्कूल
अधिकारियों के मुताबिक जिले में करीब 400 विद्यालयों की सूची उनके पास है, जो गैर मान्यता प्राप्त हैं और उन पर कार्रवाई हो रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि जिले में सूची से कहीं अधिक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखी जा सकती है। बेसिक शिक्षा विभाग हर साल ऐसे विद्यालयों को नोटिस भेजकर कार्रवाई का दिखावा कर देता है। इसी लापरवाही के चलते सैकड़ों गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित होते हैं जिसमें न तो छात्रों को पढ़ाई की सहूलियत होती है और न ही सुरक्षा की गारंटी।
ये हैं नियम
विद्यालय की मान्यता के लिए भवन की माप, भूकंपरोधी होना चाहिए। आग से सुरक्षा सहित अनेक नियमों को पूरा करने पर मान्यता मिलती है। पिछले वर्ष शासन ने मान्यता के नियमों में कुछ बदलाव करते हुए शर्तों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम और हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए हैं। लेकिन नगर व शहर क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे व बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगाई गई हैं।
सरकारी स्कूलों में छात्रों का टोटा
जिले में 910 प्राइमरी, 432 जूनियर, 4 राजकीय व 5 कस्तूरबा विद्यालय हैं। लेकिन फिर भी इन विद्यालयों में छात्रों का टोटा होता है। हर बार विभाग द्वारा प्रवेश अभियान चलाया जाता है। वहीं एक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल में ही छात्रों की संख्या करीब 200 से 250 है। इस प्रकार करीब एक लाख से अधिक छात्र गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ रहे हैं।
हम कार्रवाई कर रहे
शासन के आदेश पर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। -सतेंद्र ढाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
खास बातें:
10 हजार का रोजाना लगेगा जुर्माना यदि ऐसे स्कूल खुले मिले तो
- बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हर साल होती है नोटिस चस्पा करने की खानापूर्ति