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शरिया की बैठक में तलाक के मुद्दे पर चर्चा
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:09 AM IST
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मेरठ। शाही जामा मस्जिद में आयोजित महकमा शरिया (दारुल कजा) की बैठक में मुस्लिमों के घरेलू मामलों एवं तलाक के मुद्दे पर उलेमा के बीच चर्चा हुई।
शहर काजी जैनुस साजिददीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन मामलों पर गौर किया गया, जिसमें शहर क्षेत्र की तीन विवाहिताओं ने अपने पतियों से परेशान होकर महकमा शरिया से उनके हित में मामला सुलझाने का आग्रह किया था। इन सभी मामलों पर मदरसा दारुल उलूम के प्रधानाचार्य मौलाना मुनव्वर अली की अध्यक्षता में हुई बैठक में उलमा ने निर्णय लिया कि एक मामले में मुस्लिम अधिवक्ताओं से वार्ता करने के बाद ही मामले का निपटारा होगा। दूसरे मामले में दंपति को बुलाकर मामला हल करने का प्रयास होगा। जबकि तीसरे मामले को सुलझाने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई, जो पति से बात करेगी। यदि पति बुलाने पर भी नहीं आता है तो साक्ष्यों के आधार पर शरियत के मुताबिक पीड़िता के हित में निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा मुस्लिम समाज की घरेलू समस्याओं पर भी चर्चा की गई। उलमा ने कहा कि नेक जिंदगी गुजारने के लिये कुरान और हदीस के बताए रास्तों पर चलें। बैठक में मौलाना अब्बास, मुफ्ती रिसालत, मौलाना अय्यूब बर्नी, मुफ्ती अरशद, मौलाना रिजवान, मौलाना फुरकान, मौलाना अमीर मौजूद रहे।
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शहर काजी जैनुस साजिददीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन मामलों पर गौर किया गया, जिसमें शहर क्षेत्र की तीन विवाहिताओं ने अपने पतियों से परेशान होकर महकमा शरिया से उनके हित में मामला सुलझाने का आग्रह किया था। इन सभी मामलों पर मदरसा दारुल उलूम के प्रधानाचार्य मौलाना मुनव्वर अली की अध्यक्षता में हुई बैठक में उलमा ने निर्णय लिया कि एक मामले में मुस्लिम अधिवक्ताओं से वार्ता करने के बाद ही मामले का निपटारा होगा। दूसरे मामले में दंपति को बुलाकर मामला हल करने का प्रयास होगा। जबकि तीसरे मामले को सुलझाने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई, जो पति से बात करेगी। यदि पति बुलाने पर भी नहीं आता है तो साक्ष्यों के आधार पर शरियत के मुताबिक पीड़िता के हित में निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा मुस्लिम समाज की घरेलू समस्याओं पर भी चर्चा की गई। उलमा ने कहा कि नेक जिंदगी गुजारने के लिये कुरान और हदीस के बताए रास्तों पर चलें। बैठक में मौलाना अब्बास, मुफ्ती रिसालत, मौलाना अय्यूब बर्नी, मुफ्ती अरशद, मौलाना रिजवान, मौलाना फुरकान, मौलाना अमीर मौजूद रहे।