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सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पहुंची 5 हजार के पार
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:38 AM IST
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मेरठ। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलीं तो मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। दोनों सरकारी अस्पतालों (जिला अस्पताल और मेडिकल) की ओपीडी पांच हजार के पार पहुंच गई। इनमें ज्यादातर बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में दिक्कत के थे।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आमतौर पर चार से साढ़े चार हजार की ओपीडी रहती है। लेकिन शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण सोमवार को ओपीडी खुली थी। इसके अलावा मौसम में बदलाव, सुबह और शाम के समय धुंध से मरीजों की तादाद बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुखार, खांसी, गले में जकड़न और जुकाम के मरीज ज्यादा बढ़ रहे हैं। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को पर्चा बनवाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्चा बनवाने के लिए उनकी लाइन अलग से बनवाई जा रही है। डॉक्टर मरीजों को खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
डेंगू और वायरल बुखार
मेरठ। एक तरफ डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है, तो वायरल बुखार से शहर के निजी और सरकारी अस्पताल भरे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अगर तेज बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए, खुद इलाज नहीं करना चाहिए। डेंगू के लक्षण हों तो मरीज का टेस्ट कराना चाहिए। प्लेटलेट्स कम होने से घबराना नहीं चाहिए।
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प्रदूषण की मार, कर रही बीमार
मेरठ। ओपीडी में सांस और साइनस के मरीजों के मरीज काफी बढ़े हैं। सुबह-शाम में तापमान में गिरावट के साथ ही हवा में पार्टिकल मैटर (पीएम) अति सूक्ष्म कण तेजी से बढ़ रहे हैं। धुंध के काफी महीन कण होते हैं, जो नाक और मुंह के रास्ते फेफड़ों तक पहुंचते हैं।
खास बात
- दो दिन की छुट्टी बाद खुले अस्पताल, मरीजों की लगीं कतारें
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जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आमतौर पर चार से साढ़े चार हजार की ओपीडी रहती है। लेकिन शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण सोमवार को ओपीडी खुली थी। इसके अलावा मौसम में बदलाव, सुबह और शाम के समय धुंध से मरीजों की तादाद बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुखार, खांसी, गले में जकड़न और जुकाम के मरीज ज्यादा बढ़ रहे हैं। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को पर्चा बनवाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्चा बनवाने के लिए उनकी लाइन अलग से बनवाई जा रही है। डॉक्टर मरीजों को खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
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डेंगू और वायरल बुखार
मेरठ। एक तरफ डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है, तो वायरल बुखार से शहर के निजी और सरकारी अस्पताल भरे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अगर तेज बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए, खुद इलाज नहीं करना चाहिए। डेंगू के लक्षण हों तो मरीज का टेस्ट कराना चाहिए। प्लेटलेट्स कम होने से घबराना नहीं चाहिए।
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प्रदूषण की मार, कर रही बीमार
मेरठ। ओपीडी में सांस और साइनस के मरीजों के मरीज काफी बढ़े हैं। सुबह-शाम में तापमान में गिरावट के साथ ही हवा में पार्टिकल मैटर (पीएम) अति सूक्ष्म कण तेजी से बढ़ रहे हैं। धुंध के काफी महीन कण होते हैं, जो नाक और मुंह के रास्ते फेफड़ों तक पहुंचते हैं।
खास बात
- दो दिन की छुट्टी बाद खुले अस्पताल, मरीजों की लगीं कतारें