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हड़ताल पर रहे जूनियर डॉक्टर, सुरक्षा के आश्वासन पर वापस लौटे
Updated Thu, 24 Aug 2017 03:07 AM IST
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मेडिकल इमरजेंसी में मारपीट का मामला
पुलिस चौकी पर रहेंगे तीन कांस्टेबल
कार्यवाहक प्राचार्या ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ की बैठक
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मंगलवार आधी रात डॉक्टरों और तीमारदारों में हुई मारपीट के विरोध में बुधवार को करीब 150 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इसके बाद प्राचार्या कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. कीर्ति दूबे से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने तक काम नहीं लौटने की चेतावनी दी। इस पर प्राचार्या ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा की मांग की। वे अधिकारियों से सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर ही शाम को काम पर लौटे।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी परिसर में तीन पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। इनमें दो पुरुष और एक महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। डॉक्टरों का आरोप कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बनी पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। प्राचार्या के साथ हुई बैठक में एडीएम सिटी मुकेश चंद, एसीएम गुलशन कुमार, एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी और एसओ मेडिकल आदि मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा और कुछ जूनियर डॉक्टर भी मौजूद रहे।
मेडिकल अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर हंगामे और मारपीट का यह चौथा मामला है। इसके पहले 14 अगस्त की रात तीन महिलाओं की मौत के बाद मारपीट और हंगामा हुआ था। अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया था। 16 अगस्त को फिर एक महिला की मौत हो जाने के बाद हंगामा हुआ था। इसके अतिरिक्त पिछले शुक्रवार को एक्सरे को लेकर मारपीट हुई थी और अब मंगलवार रात फिर मारपीट हुई। डॉक्टर तीमारदारों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हैं, जबकि तीमारदार डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और अभद्रता करने का आरोप लगाते हैं।
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तीमारदारों केलिए कार्ड व्यवस्था होगी
प्राचार्या ने बताया कि इमरजेंसी में तीमारदारों के लिए कार्ड व्यवस्था करने की तैयारी चल रही है। जिससे मरीज के पास एक या दो से ज्यादा तीमारदार नहीं रह सकेंगे। इमरजेंसी के दो गेट हैं। इनमें से एक बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ एक गेट से ही एंट्री होगी। जिसके पास इमरजेंसी का कार्ड होगा, वहीं अंदर जाएगा। दूसरे तीमारदार को अंदर जाना है तो वह पहले वाले का कार्ड लेकर ही जाएगा। इससे इमरजेंसी में तीमारदारों की भीड़ नहीं रहेगी और मारपीट के मामले नहीं हो सकेंगे।
जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला
मंगलवार रात हुई मारपीट से आहत जूनियर डॉक्टरों ने कॉलेज कैंपस में बृहस्पतिवार शाम कैंडल मार्च निकालकर नाराजगी का इजहार किया। वहीं, एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम का कहना है कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास जारी हैं।
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पुलिस चौकी पर रहेंगे तीन कांस्टेबल
कार्यवाहक प्राचार्या ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ की बैठक
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मंगलवार आधी रात डॉक्टरों और तीमारदारों में हुई मारपीट के विरोध में बुधवार को करीब 150 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इसके बाद प्राचार्या कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. कीर्ति दूबे से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने तक काम नहीं लौटने की चेतावनी दी। इस पर प्राचार्या ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा की मांग की। वे अधिकारियों से सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर ही शाम को काम पर लौटे।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी परिसर में तीन पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। इनमें दो पुरुष और एक महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। डॉक्टरों का आरोप कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बनी पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। प्राचार्या के साथ हुई बैठक में एडीएम सिटी मुकेश चंद, एसीएम गुलशन कुमार, एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी और एसओ मेडिकल आदि मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा और कुछ जूनियर डॉक्टर भी मौजूद रहे।
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मेडिकल अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर हंगामे और मारपीट का यह चौथा मामला है। इसके पहले 14 अगस्त की रात तीन महिलाओं की मौत के बाद मारपीट और हंगामा हुआ था। अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया था। 16 अगस्त को फिर एक महिला की मौत हो जाने के बाद हंगामा हुआ था। इसके अतिरिक्त पिछले शुक्रवार को एक्सरे को लेकर मारपीट हुई थी और अब मंगलवार रात फिर मारपीट हुई। डॉक्टर तीमारदारों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हैं, जबकि तीमारदार डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और अभद्रता करने का आरोप लगाते हैं।
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तीमारदारों केलिए कार्ड व्यवस्था होगी
प्राचार्या ने बताया कि इमरजेंसी में तीमारदारों के लिए कार्ड व्यवस्था करने की तैयारी चल रही है। जिससे मरीज के पास एक या दो से ज्यादा तीमारदार नहीं रह सकेंगे। इमरजेंसी के दो गेट हैं। इनमें से एक बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ एक गेट से ही एंट्री होगी। जिसके पास इमरजेंसी का कार्ड होगा, वहीं अंदर जाएगा। दूसरे तीमारदार को अंदर जाना है तो वह पहले वाले का कार्ड लेकर ही जाएगा। इससे इमरजेंसी में तीमारदारों की भीड़ नहीं रहेगी और मारपीट के मामले नहीं हो सकेंगे।
जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला
मंगलवार रात हुई मारपीट से आहत जूनियर डॉक्टरों ने कॉलेज कैंपस में बृहस्पतिवार शाम कैंडल मार्च निकालकर नाराजगी का इजहार किया। वहीं, एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम का कहना है कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास जारी हैं।