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अयोध्या फैसले से पहले पुलिस अफसर अलर्ट, चिन्हित किए 73 संवेदनशील स्थान, उन्मादियों की घेराबंदी शुरू

Fri, 01 Nov 2019 05:26 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 01 Nov 2019 05:26 PM IST
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Sensitive places of city and has started sieges of 132 accused before ayodhya decision
अयोध्या फैसले से पहले अधिकारियों ने की बैठक - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या प्रकरण में फैसला आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शांति और सौहार्द कायम रहे, इसके लिए पुलिस अलर्ट पर है। हर जिले में थाना स्तर पर दोनों वर्गों के लोगों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। साथ ही चेतावनी भी दी जा रही है कि यदि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ हुआ तो सख्ती से निपटा जाएगा। मेरठ जिले में 73 संवेदनशील स्थान चिन्हित करने के साथ पूर्व में प्रकाश में आए 132 उन्मादियों की घेराबंदी की जा रही है।

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कानून और शांति व्यवस्था की स्थिति को लेकर एडीजी जोन प्रशांत कुमार व आईजी रेंज आलोक सिंह ने मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, नोएडा, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले में निगरानी बढ़ा दी है। अति संवेदनशील श्रेणी में शामिल, मेरठ शहर में उन सभी संदिग्ध लोगों को चेतावनी दी गई, जिनका रिकॉर्ड खराब है।
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पुलिस के मुताबिक जिले में ऐसे लोगों को गोपनीय रूप से चिह्नित किया जा रहा है जो माहौल बिगाड़ सकते हैं। इनमें वे बदमाश भी शामिल हैं जो हिस्ट्रीशीटर हैं। इसके अलावा जो लोग बवाल में सबसे आगे चलने वाले हैं, उनको भी चिह्नित किया गया है। शहर के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जगहों पर पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बल तैनात करने की तैयारी है। शहर में 35 और देहात में 38 जगह अतिसंवेदनशील इलाके चिह्नित किए गए हैं।
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यह भी पढ़ें: आईजी बोले- अयोध्या पर फैसला कभी भी, पुख्ता इंतजाम करे पुलिस, बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही

परिजनों को भी चेतावनी
पुलिस के मुताबिक जिले में 132 बवाली लोगों को अभी तक पहचाना गया है। जिन पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। उनके परिवार के लोगों को भी चेतावनी दी गई कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया तो आरोपियों के साथ परिवार के सभी लोगों पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 132 की यह संख्या बढ़ सकती है।

कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता पर
अयोध्या प्रकरण में फैसले को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता पर है। इसको लेकर दोनों समुदाय के लोगों के साथ लगातार बैठक की जा रही हैं। जिन लोगों से शांति व्यवस्था को खतरा हो सकता है, उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। - आलोक सिंह, आईजी रेंज

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