आईजी बोले- अयोध्या पर फैसला कभी भी, पुख्ता इंतजाम करे पुलिस, बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत जनपद में आईजी आलोक सिंह ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर विवाद में फैसला कभी भी आ सकता है। इससे पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं। मिश्रित आबादी में बैठकें कर लोगों से बातचीत करें। शहर और गांवों में फ्लैग मार्च निकालकर शांति की अपील करें। जनपद में कोई हिंसक घटना हुई, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को आईजी आलोक सिंह ने पुलिस लाइन का दौरा किया। यहां आवासीय परिसर की साफ-सफाई, बिजली फिटिंग, नालियों की व्यवस्था, भवन का रखरखाव, सब्सिडी कैंटीन, महिला बैरक, चिल्ड्रन पार्क और अन्य शाखाओं में अभिलेखों की जांच की। गंदगी देखकर नाराजगी जताई। शाखा प्रभारियों को कमियों में सुधार के कड़े निर्देश दिए। इसके बाद राजपत्रित अधिकारियों की पुलिस लाइन सभागार में गोष्ठी हुई। इसमें जनपद में अपराधों की रोकथाम, महत्वपूर्ण अपराध, हत्या, डकैती, लूट, महिला संबंधी अपराध, बलात्कार, छेड़छाड़, पंजीकृत गैंग के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: ड्यूटी पर शराब के नशे में घूम रहा था हेड कांस्टेबल, अचानक पड़ी एसपी की नजर, किया निलंबित
आईजी ने कहा कि अगले महीने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर फैसला आ सकता है। पुलिस इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करे। फैसले के बाद यदि कोई हिंसक घटना हुई तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अवैध शराब और पशु तस्करी को रोका जाए। शराब माफियाओं के गैंग चिन्हित कर कार्रवाई करें। जेल में बंद बड़े अपराधियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायालय में पेशी कराई जाए। इस मौके पर एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एएसपी अनिल कुमार सिंह, सीओ सिटी ओमपाल सिंह, सीओ खेकड़ा दिलीप सिंह, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह, सीओ अनुज चौधरी आदि उपस्थित रहे।
शासन की प्राथमिकताओं पर काम करें अधिकारी
पुलिस लाइन सभागार में समन्वय गोष्ठी हुई। डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एएसपी अनिल कुमार सिंह, एडीएम अमित कुमार, सीओ, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एसपीओ, डीजीसी (क्रिमिनल), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, एआरटीओ, जिला प्रभागीय निदेशक वाणिकी, खनन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत ने भाग लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं एवं प्रचलित योजनाओं और अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्थाओं से संबंधित की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/