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मीट फैक्टरियों को 72 घंटे में बंद करने का अल्टीमेटम

Mon, 04 Feb 2019 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 01:51 AM IST
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मीट फैक्टरियों को 72 घंटे में बंद करने का अल्टीमेटम
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मीट फैक्टरियां बंद कराने को 72 घंटे का अल्टीमेटम
मैत्री प्रभ सागर महाराज ने दी कमिश्नरी चौराहा पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी
पर्यावरण सुधार संघर्ष समिति ने हापुड़ रोड स्थित बूचड़खानों के खिलाफ खोला मोर्चा
जिमखाना मैदान में जुटे ग्रामीण, मीट फैक्टरियों के कारण दूषित हो रहा भूगर्भ जल, हो रही मौतें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मीट फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी को भूगर्भ में डालने, भूगर्भ जल दूषित होने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी फैलने का आरोप लगाते हुए पर्यावरण सुधार संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिमखाना मैदान में मोर्चा खोला दिया। 72 घंटे में मीट फैक्ट्रियों पर ताला न लगाने पर कमिश्नरी चौराहा पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
जैन मुनि मैत्री प्रभ सागर महाराज ने कहा कि बूचड़खानों में हर रोज न जाने कितने पशुओं को काटा जा रहा है, गो हत्याएं हो रही हैं। उनके खून को भूगर्भ में उतारा जा रहा है। दूषित पानी को पीने से जनता कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को झेल रही है। शासन और प्रशासन को मेरा अल्टीमेटम है कि या तो वह 72 घंटे के भीतर बूचड़खाने और मीट फैक्ट्रियों को बंद करा दे, अन्यथा कमिश्नर पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
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समिति के अध्यक्ष रविन्द्र गुर्जर ने कहा कि खरखौदा क्षेत्र की जनता दूषित पानी पी रही है। कमेले और मांस की फैक्ट्रियों से पशुओं का खून, अवशेष और गंदा पानी भूगर्भ में डाला जा रहा है। एक-एक गांव से 40-40 लोगाें की मौत हो चुकी है। गुर्जर ने कुछ अधिकारियों पर मीट कारोबारियों से साठगांठ का आरोप लगाया। कहा कि इन अधिकारियों की रिपोर्ट उप्र के मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। अगर शासन-प्रशासन ने बूचड़खानों को बंद नहीं किया तो हम जनता को साथ लेकर अपने बल पर फैक्ट्रियों पर बुलडोजर चलवाएंगे।
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शक्ति मोहन ने कहा कि मीट कारोबारियों को जान लेना चाहिए कि मेरठ की जनता हमारे साथ है। लड़ाई मानव जीवन के उत्थान की हो रही है। मीट फैक्ट्रियों पर ताला लगवाकर या फिर बुलडोजर चलवाकर ही दम लेंगे। ये लड़ाई हमारी आने वाली नस्लों के लिए है। हापुड़ रोड की कृषि भूमि खत्म हो रही है। धरती मां के पेट को चीरकर जहर भरा जा रहा है।
पूजा बंसल ने कहा कि बूचड़खाने बंद करने की लड़ाई जिमखाना मैदान से शुरू हो चुकी है। कार्यक्रम का संचालन राजकमल ने किया। इस अवसर पर महावीर भड़ाना, हेमसिंह, विमला, डा. आशु मित्तल, नगेन्द्र सिंह आदि ने भी विचार रखे। सिटी मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे। साथ ही आश्वासन दिया कि शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैक्टरों से जिमखाना पहुंचे किसान
सम्मेलन में गांव देहात से लोग ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचे। किसी भी ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली नहीं थी।
पगड़ी पहनाई और तलवार भेंट की
युवाओं ने रविन्द्र गुर्जर, शक्ति मोहन और पूजा बंसल को पगड़ी पहनाकर और तलवार भेंट करके सम्मानित किया। साथ ही आश्वासन दिया कि वह पूरी तरह उनके आंदोलन में साथ रहेंगे।

सुरभि परिवार के सदस्यों ने किया नुक्कड़ नाटक
इस दौरान सुरभि परिवार के दिनेश तलवार और अन्य सदस्यों ने पर्यावरण को लेकर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। जिसमें उन्होंने पर्यावरण से होने वाले नुकसान की जानकारी दी।
रागिनी से हुआ मनोरंजन
सम्मेलन में देहाती रागिनी का मंचन हुआ। गीतकारों ने पुराने हस्तिनापुर से जुड़े किस्सों को गाया। सभी श्रोताओं ने जमकर आनंद उठाया।
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