{"_id":"597a37794f1c1b8f718b4993","slug":"71501181817-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाप पंचायत के फैसले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाप पंचायत के फैसले
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जातियों के बंधन तोड़ किसान बिरादरी को एकजुट करने की कोशिश
शामली। खाप स्वाभिमान सम्मेलन में वक्ताओं ने कुरीतियों को त्यागने पर जोर दिया तो किसान बिरादरी की प्रमुख जातियों के बीच शादी विवाह के संबंध स्थापित करने पर जोर दिया गया। इससे चुनाव और मतदान प्रतिशत बढ़ाने से भी जोड़ा गया। हालांकि बेटे-बेटियों को आजादी के देने के सवाल पर खाप अपने पुराने रुख पर कायम रही। सगोत्र विवाह, लड़कियों के जींस पहने जैसे मुद्दों पर वक्ताओं के रुख में कोई बदलाव नहीं था। अंतरजातीय विवाह क ी वकालत करने वाले खापों के चौधरी लड़के-लड़कियों को अपनी मर्जी से विवाह करने के खिलाफ नजर आए। साफ कहा कि लड़के-लड़कियों की शादी करने का अधिकार उनके मां-बाप को हो।
बृहस्पतिवार को करनाल रोड स्थित एमएस फार्म में निर्वाल खाप और खाप स्वाभिमान सम्मेलन में बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि खाप सगोत्र- विवाह और जवान लड़कियों के जींस पैंट पहनने के पहले ही खिलाफ है। शादी-विवाह का अधिकार मां-बाप को होना चाहिए। उन्होंने खाप चौधरियों से कहा कि मृत्युभोज, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं नशा खोरी जैसी सामाजिक बुराई दूर करने के लिए आगे आना होगा। सामाजिक बुराई दूर होने से सर्वसमाज का भला होगा। नरेश टिकैत ने कहा कि खाप चौधरियों को समाज के भले के लिए कार्य करना होगा, जिससे उनकी पुरानी पहचान कायम हो सके। उन्होंने खाप चौधरियों को एकजुट होकर मृत्युभोज, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं नशा खोरी जैसी सामाजिक बुराई दूर करने के लिए कार्य करना होगा। निर्वाल खाप के चौधरी राजवीर सिंह मुंडेट ने कहा कि खाप पंचायत पुरातन व्यवस्था पर कायम है। इससे लोगों को सस्ता सुलभ न्याय मिलता था। वह अपने फैसले न्याय की तराजू में तौलकर किया करती थी। मौजूदा दौर में सरकार और न्यायालय खाप पंचायत के फै सलों पर पाबंदी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में खापों का सराहनीय योगदान रहा है। देश की आजादी में भी खापों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिससे भुलाया नहीं जा सकता है। किसान बिरादरी में शामिल लोगों को अंतरजातीय विवाह होने से आपसी भाईचारा बढ़ेगा। चुनाव का मतदान प्रतिश बढ़ेगा।
इस मौके पर कल्सयान खाप के प्रतिनिधि मैनपाल चौहान ने कहा कि युवा देश की रीढ़ है। नौजवान पीढ़ी को संस्कारित करने व सबल समाज से मजबूत राष्ट्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारित व्यक्ति ही समाज को दिशा दे सकता है। खाप चौधरियों में मुख्य रूप से बत्तीस खाप से उदयवीर सिंह, सूरजमल, कुशवाह खाप के ठाकुर घासीराम, पंवार खाप राजपूत खाप के संजीव पंवार, तालियान खाप के सुधीर चौधरी, पौडिया खाप के धर्मवीर सिंह, सिंधु खाप के ओमवीर सिंह, बेनिवाल खाप के अमित बेनीवाल, मुढान खाप के हरविंद्र कुंडू खाप के उपेंद्र कुमार, राठी खाप के रघुवीर सिंह, राजवीर विद्रोही, पान्नू खाप हरियाणा के रणधीर सिंह, बुढ़ियान खाप के जसवीर सिंह, लाटियान खाप के वीरेंद्र सिंह, देशवाल खाप के प्रतिनिधि जयपाल कसेरवा, बत्तीसा खाप के चौधरी कुलदीप शर्मा, भोपाल कश्यप, रामकुमार प्रजापति, राममेहर वैरागी समाज, रणवीर लक्ष्मण, निर्वाल खाप, बालियान खाप के ब्राह्मण समाज के चौधरी रामनाथ शर्मा आदि प्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता राजवीर सिंह मुंडेट और संचालन उपेंद्र चौधरी ने किया। इससे पहले, सम्मेलन में उपस्थित सभी खाप चौधरियों, थांबेदारों एवं प्रतिनिधियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। खाप स्वाभिमान सम्मेलन में वक्ताओं ने कुरीतियों को त्यागने पर जोर दिया तो किसान बिरादरी की प्रमुख जातियों के बीच शादी विवाह के संबंध स्थापित करने पर जोर दिया गया। इससे चुनाव और मतदान प्रतिशत बढ़ाने से भी जोड़ा गया। हालांकि बेटे-बेटियों को आजादी के देने के सवाल पर खाप अपने पुराने रुख पर कायम रही। सगोत्र विवाह, लड़कियों के जींस पहने जैसे मुद्दों पर वक्ताओं के रुख में कोई बदलाव नहीं था। अंतरजातीय विवाह क ी वकालत करने वाले खापों के चौधरी लड़के-लड़कियों को अपनी मर्जी से विवाह करने के खिलाफ नजर आए। साफ कहा कि लड़के-लड़कियों की शादी करने का अधिकार उनके मां-बाप को हो।
बृहस्पतिवार को करनाल रोड स्थित एमएस फार्म में निर्वाल खाप और खाप स्वाभिमान सम्मेलन में बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि खाप सगोत्र- विवाह और जवान लड़कियों के जींस पैंट पहनने के पहले ही खिलाफ है। शादी-विवाह का अधिकार मां-बाप को होना चाहिए। उन्होंने खाप चौधरियों से कहा कि मृत्युभोज, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं नशा खोरी जैसी सामाजिक बुराई दूर करने के लिए आगे आना होगा। सामाजिक बुराई दूर होने से सर्वसमाज का भला होगा। नरेश टिकैत ने कहा कि खाप चौधरियों को समाज के भले के लिए कार्य करना होगा, जिससे उनकी पुरानी पहचान कायम हो सके। उन्होंने खाप चौधरियों को एकजुट होकर मृत्युभोज, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं नशा खोरी जैसी सामाजिक बुराई दूर करने के लिए कार्य करना होगा। निर्वाल खाप के चौधरी राजवीर सिंह मुंडेट ने कहा कि खाप पंचायत पुरातन व्यवस्था पर कायम है। इससे लोगों को सस्ता सुलभ न्याय मिलता था। वह अपने फैसले न्याय की तराजू में तौलकर किया करती थी। मौजूदा दौर में सरकार और न्यायालय खाप पंचायत के फै सलों पर पाबंदी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में खापों का सराहनीय योगदान रहा है। देश की आजादी में भी खापों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिससे भुलाया नहीं जा सकता है। किसान बिरादरी में शामिल लोगों को अंतरजातीय विवाह होने से आपसी भाईचारा बढ़ेगा। चुनाव का मतदान प्रतिश बढ़ेगा।
विज्ञापन
इस मौके पर कल्सयान खाप के प्रतिनिधि मैनपाल चौहान ने कहा कि युवा देश की रीढ़ है। नौजवान पीढ़ी को संस्कारित करने व सबल समाज से मजबूत राष्ट्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारित व्यक्ति ही समाज को दिशा दे सकता है। खाप चौधरियों में मुख्य रूप से बत्तीस खाप से उदयवीर सिंह, सूरजमल, कुशवाह खाप के ठाकुर घासीराम, पंवार खाप राजपूत खाप के संजीव पंवार, तालियान खाप के सुधीर चौधरी, पौडिया खाप के धर्मवीर सिंह, सिंधु खाप के ओमवीर सिंह, बेनिवाल खाप के अमित बेनीवाल, मुढान खाप के हरविंद्र कुंडू खाप के उपेंद्र कुमार, राठी खाप के रघुवीर सिंह, राजवीर विद्रोही, पान्नू खाप हरियाणा के रणधीर सिंह, बुढ़ियान खाप के जसवीर सिंह, लाटियान खाप के वीरेंद्र सिंह, देशवाल खाप के प्रतिनिधि जयपाल कसेरवा, बत्तीसा खाप के चौधरी कुलदीप शर्मा, भोपाल कश्यप, रामकुमार प्रजापति, राममेहर वैरागी समाज, रणवीर लक्ष्मण, निर्वाल खाप, बालियान खाप के ब्राह्मण समाज के चौधरी रामनाथ शर्मा आदि प्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता राजवीर सिंह मुंडेट और संचालन उपेंद्र चौधरी ने किया। इससे पहले, सम्मेलन में उपस्थित सभी खाप चौधरियों, थांबेदारों एवं प्रतिनिधियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
विज्ञापन