{"_id":"5c65cca2bdec22271f3429f8","slug":"61550175394-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्धारित ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही रोकी जा सकेंगी रोडवेज बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्धारित ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही रोकी जा सकेंगी रोडवेज बसें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोडवेज चालकों ने अगर विभाग की निर्धारित सूची से इतर रेस्टोरेंट और ढाबों पर बस रोकी तो अब उनकी खैर नहीं होगी। ऐसी बसों को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) के जरिये पकड़ा जाएगा। अब कमीशन और फ्री का खाना खाने के चक्कर में चालक व परिचालक यात्रियों की जेब नहीं कटवा सकेंगे। इसके लिए विभाग ने बस रोके जाने के किलोमीटर भी फिक्स कर दिए हैं।
लंबे रूट की बसों में यात्रियों को जलपान कराने के लिए बस स्टाफ हाइवे स्थित चहेते ढाबों और रेस्टोरेंट पर बस रोकते हैं। यात्रियों का कहना है कि इन ढाबों पर महंगा और बेकार खाना मिलता है। सर्विस भी अच्छी नहीं होती है। कुछ स्टाफ तो कम दूरी वाले रूटों पर भी बसों को रोककर यात्रियों का समय खराब करते हैं। जानकारी के अनुसार चहेते रेस्टोरेंट पर बस स्टाफ को न केवल फ्री में जलपान कराया जाता है, बल्कि धूम्रपान से लेकर पान आदि का भी बंदोबस्त होता है। ढाबे वाले चालकों और परिचालकों के फ्री खाने का खर्चा यात्रियों को महंगा खाना खिलाकर पूरा करते हैं। ऐसी तमाम शिकायतों पर रोडवेज मुख्यालय ने गाइड लाइन जारी कर दी है।
इसके अनुसार 70 किलोमीटर से कम दूरी के सफर में बसें ढाबों पर नहीं रोकी जाएगी। लंबे रूटों की बसों को ही वैध (रोडवेज के अधिकृत) ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही रोका जाएगा। यहां रखे रजिस्टर में बस स्टाफ को जानकारी भरनी होगी। ढाबे की रसीद लाकर देनी होगी। इसके अलावा बसों में लगे वीटीएस के जरिये भी इन बसों पर नजर रखी जाएगी। वीटीएस के जरिये पता लग जाता है कि बस कहां, किस समय और कितनी देर के लिए रुकी।
विज्ञापन
यात्रियों का समय करते हैं खराब
यात्रियों की शिकायत है कि बस स्टाफ कम दूरी वाली बसों को भी ढाबों पर रोककर यात्रियों का समय खराब करते हैं। एक से दो घंटे के सफर में यात्रियों को भोजन आदि की जरूरत नहीं पड़ती है। इसे देखते हुए ही विभाग ने गाइड लाइन जारी की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बस स्टाफ को अधिकृत ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही बसें रोकने की गाइड लाइन जारी की गई है। अगर किसी स्टाफ की इससे इतर अनाधिकृत ढाबों पर बसें रोकने की शिकायत मिलेगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद अजीम, एआरएम मेरठ डिपो
विज्ञापन
लंबे रूट की बसों में यात्रियों को जलपान कराने के लिए बस स्टाफ हाइवे स्थित चहेते ढाबों और रेस्टोरेंट पर बस रोकते हैं। यात्रियों का कहना है कि इन ढाबों पर महंगा और बेकार खाना मिलता है। सर्विस भी अच्छी नहीं होती है। कुछ स्टाफ तो कम दूरी वाले रूटों पर भी बसों को रोककर यात्रियों का समय खराब करते हैं। जानकारी के अनुसार चहेते रेस्टोरेंट पर बस स्टाफ को न केवल फ्री में जलपान कराया जाता है, बल्कि धूम्रपान से लेकर पान आदि का भी बंदोबस्त होता है। ढाबे वाले चालकों और परिचालकों के फ्री खाने का खर्चा यात्रियों को महंगा खाना खिलाकर पूरा करते हैं। ऐसी तमाम शिकायतों पर रोडवेज मुख्यालय ने गाइड लाइन जारी कर दी है।
विज्ञापन
इसके अनुसार 70 किलोमीटर से कम दूरी के सफर में बसें ढाबों पर नहीं रोकी जाएगी। लंबे रूटों की बसों को ही वैध (रोडवेज के अधिकृत) ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही रोका जाएगा। यहां रखे रजिस्टर में बस स्टाफ को जानकारी भरनी होगी। ढाबे की रसीद लाकर देनी होगी। इसके अलावा बसों में लगे वीटीएस के जरिये भी इन बसों पर नजर रखी जाएगी। वीटीएस के जरिये पता लग जाता है कि बस कहां, किस समय और कितनी देर के लिए रुकी।
विज्ञापन
यात्रियों का समय करते हैं खराब
यात्रियों की शिकायत है कि बस स्टाफ कम दूरी वाली बसों को भी ढाबों पर रोककर यात्रियों का समय खराब करते हैं। एक से दो घंटे के सफर में यात्रियों को भोजन आदि की जरूरत नहीं पड़ती है। इसे देखते हुए ही विभाग ने गाइड लाइन जारी की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बस स्टाफ को अधिकृत ढाबों और रेस्टोरेंट पर ही बसें रोकने की गाइड लाइन जारी की गई है। अगर किसी स्टाफ की इससे इतर अनाधिकृत ढाबों पर बसें रोकने की शिकायत मिलेगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद अजीम, एआरएम मेरठ डिपो