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शिकायतों के निस्तारण में लापरवाह 11 अधिकारियों का रोका वेतन
Updated Wed, 20 Jun 2018 02:32 AM IST
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लापरवाह 11 अधिकारियों का वेतन रोका
मेरठ। डीएम अनिल ढींगरा ने मंगलवार को आईजीआरएस के लंबित मामलों और उनके निस्तारण की समीक्षा बैठक में 11 लापरवाह अधिकारियों के एक माह के वेतन रोकने के निर्देश दिए। बचत भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह लंबित मामलों का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से न लेने तथा निस्तारण में सी श्रेणी प्राप्त करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें नगर आयुक्त नगर निगम, उपाध्यक्ष एमडीए, सचिव एमडीए, तहसीलदार सदर, एआरओ/प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी, परियोजना प्रबंधक नगर कार्य इकाई प्रथम जल निगम, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता जल निगम, उपश्रमायुक्त, एआरटीओ प्रशासन व पीओ डूडा शामिल हैं, जिनका वेतन रोका गया है।
इन विभागों के लंबित हैं प्रकरण
अपर जिलाधिकारी प्रशासन रामचंद्र ने बताया कि नगर निगम के 18, आपूर्ति विभाग 11, एमडीए के 8, डूडा 18 प्रकरणों के निस्तारण में सी श्रेणी प्राप्त हुई है। नगर आयुक्त 2, परियोजना प्रबंधक इकाई प्रथम जल निगम 4, एमडीए 2, जल निगम 3, सहायक बंदोबस्त चकबंदी 2, अधिशासी अभियंता विद्युत, आपूर्ति विभाग, गन्ना विभाग, पीओ डूडा आदि विभागों के संदर्भ लंबित हैं।
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अवैध खनन पर कसें शिकंजा
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिना अनुमति के खनन न होने दें। यदि अवैध खनन में कोई भी संलिप्त है तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें 151 में जेल भेजें। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के खनन न होने दिया जाए।
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मेरठ। डीएम अनिल ढींगरा ने मंगलवार को आईजीआरएस के लंबित मामलों और उनके निस्तारण की समीक्षा बैठक में 11 लापरवाह अधिकारियों के एक माह के वेतन रोकने के निर्देश दिए। बचत भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह लंबित मामलों का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से न लेने तथा निस्तारण में सी श्रेणी प्राप्त करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें नगर आयुक्त नगर निगम, उपाध्यक्ष एमडीए, सचिव एमडीए, तहसीलदार सदर, एआरओ/प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी, परियोजना प्रबंधक नगर कार्य इकाई प्रथम जल निगम, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता जल निगम, उपश्रमायुक्त, एआरटीओ प्रशासन व पीओ डूडा शामिल हैं, जिनका वेतन रोका गया है।
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इन विभागों के लंबित हैं प्रकरण
अपर जिलाधिकारी प्रशासन रामचंद्र ने बताया कि नगर निगम के 18, आपूर्ति विभाग 11, एमडीए के 8, डूडा 18 प्रकरणों के निस्तारण में सी श्रेणी प्राप्त हुई है। नगर आयुक्त 2, परियोजना प्रबंधक इकाई प्रथम जल निगम 4, एमडीए 2, जल निगम 3, सहायक बंदोबस्त चकबंदी 2, अधिशासी अभियंता विद्युत, आपूर्ति विभाग, गन्ना विभाग, पीओ डूडा आदि विभागों के संदर्भ लंबित हैं।
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अवैध खनन पर कसें शिकंजा
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिना अनुमति के खनन न होने दें। यदि अवैध खनन में कोई भी संलिप्त है तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें 151 में जेल भेजें। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के खनन न होने दिया जाए।