{"_id":"5b296f584f1c1b254d8b75fb","slug":"61529442136-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात भर सड़कों पर भटकते रहे आगरा-मथुरा के अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात भर सड़कों पर भटकते रहे आगरा-मथुरा के अभ्यर्थी
Updated Wed, 20 Jun 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रात को सड़क ही बनी अभ्यर्थियों का सहारा
मेरठ। यूपी पुलिस में कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए आगरा और मथुरा के अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र मेरठ में बनाया गया है। सैकड़ों किमी का सफर तय करके ये अभ्यर्थी यहां पहुंचे और सड़कों पर भटकते रहे। ठहरने को कोई सस्ता ठिकाना नहीं मिला तो पूरी रात सड़कों पर बैठकर काटी। अमर उजाला टीम ने सोमवार रात ढाई से साढे़ तीन बजे तक शहर का दौरा कर इनका हाल जाना।
दिन निकलने का करते रहे इंतजार
फुटबॉल चौराहे पर आगरा के चंद्रवन निवासी रविंद्र और गांव अई निवासी दीप कुमार सहित कई अभ्यर्थी खडे़ थे। कुछ का सेंटर कैंट में था तो किसी का दिल्ली रोड और पांचली खुर्द में। सैकड़ों किमी दूर सेंटर लगने से नाराज थे। बताया कि आसपास कोई धर्मशाला नहीं मिली। होटल वालों ने कुछ घंटे ठहरने के 1000 रुपये मांगे इसलिए सड़कों पर ही दिन निकलने के इंतजार कर रहे हैं।
पैदल ही सेंटर को निकल गया
आगरा के फतेहाबाद खुर्द निवासी हरीशंकर कंधे पर बैग लटकाए बागपत रोड की तरफ जा रहा था। बताया कि उसका सेंटर पांचली गांव के कॉलेज में है। रात को जाने का कोई साधन नहीं मिला। ठहरने की भी कोई जगह नहीं मिली इसलिए रात को ही 6 किमी दूर पैदल ही कॉलेज के लिए निकल गया। सोचा रात भी कट जाएगी और शायद वहीं पर लेटने बैठने की जगह मिल जाए।
विज्ञापन
सड़क पर बैठकर ही सो गया
आगरा निवासी यशपाल दिल्ली रोड पर फुटबाल चौराहे के पास सड़क किनारे बैठा था। आंखों में नींद भरी थी। कैमरे की फ्लैश लगते ही आंख खुली। बताया कि रात को यहां पहुंचा। आसपास कोई रुकने की जगह भी नहीं थी। रिक्शा वालों से पूछा तो बताया कि होटल एक हजार से कम में नहीं मिलेगा। जेब में इतने रुपये नहीं थे। इसलिए सड़क किनारे बैठकर ही रात काटनी पड़ रही है।
पेपर देकर लौटे अभ्यर्थी भी परेशान
फुटबाल चौक पर बागपत जिले के कई ऐसे युवक थे जो मुरादाबाद में पेपर देकर लौटे थे। पिलाना भट्टा निवासी संदीप त्यागी, दीपक शर्मा आदि ने बताया कि एग्जाम खत्म होने के घंटो बाद मेरठ के लिए बस मिली। रात एक बजे यहां पहुंचे अब बागपत जाने को कोई साधन नहीं था। अपनी बेटी को मुरादाबाद एग्जाम दिलाकर लौट रहे जानी के श्रीपाल और उनकी बेटी भी सड़क पर परेशान खड़े थे।
पुलिस बनी मददगार
बागपत रोड पर स्टेट बैंक के सामने एक चबूतरे पर मथुरा के बलदेव मोहल्ला निवासी लाखन सिह, यशपाल समेत कुछ अभ्यर्थी बैठे थे। उनको देख टीपी नगर थाने की पुलिस ने जीप रोक ली। पूछताछ करने पर अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश पत्र दिखाए। कहा कि सर शहर के बारे में कुछ जानते नहीं। सुबह आठ बजे एग्जाम के लिए सेंटर पर एंट्री होनी है। इनमें दो के सेंटर कैंट और एक का सुभाष बाजार कॉलेज में लगा था। इसके बाद पुलिस ने उनकी मदद की और सेंटर के नजदीक सुरक्षित जगह तक गाड़ी से छुड़वाया।
विज्ञापन
मेरठ। यूपी पुलिस में कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए आगरा और मथुरा के अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र मेरठ में बनाया गया है। सैकड़ों किमी का सफर तय करके ये अभ्यर्थी यहां पहुंचे और सड़कों पर भटकते रहे। ठहरने को कोई सस्ता ठिकाना नहीं मिला तो पूरी रात सड़कों पर बैठकर काटी। अमर उजाला टीम ने सोमवार रात ढाई से साढे़ तीन बजे तक शहर का दौरा कर इनका हाल जाना।
दिन निकलने का करते रहे इंतजार
फुटबॉल चौराहे पर आगरा के चंद्रवन निवासी रविंद्र और गांव अई निवासी दीप कुमार सहित कई अभ्यर्थी खडे़ थे। कुछ का सेंटर कैंट में था तो किसी का दिल्ली रोड और पांचली खुर्द में। सैकड़ों किमी दूर सेंटर लगने से नाराज थे। बताया कि आसपास कोई धर्मशाला नहीं मिली। होटल वालों ने कुछ घंटे ठहरने के 1000 रुपये मांगे इसलिए सड़कों पर ही दिन निकलने के इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
पैदल ही सेंटर को निकल गया
आगरा के फतेहाबाद खुर्द निवासी हरीशंकर कंधे पर बैग लटकाए बागपत रोड की तरफ जा रहा था। बताया कि उसका सेंटर पांचली गांव के कॉलेज में है। रात को जाने का कोई साधन नहीं मिला। ठहरने की भी कोई जगह नहीं मिली इसलिए रात को ही 6 किमी दूर पैदल ही कॉलेज के लिए निकल गया। सोचा रात भी कट जाएगी और शायद वहीं पर लेटने बैठने की जगह मिल जाए।
विज्ञापन
सड़क पर बैठकर ही सो गया
आगरा निवासी यशपाल दिल्ली रोड पर फुटबाल चौराहे के पास सड़क किनारे बैठा था। आंखों में नींद भरी थी। कैमरे की फ्लैश लगते ही आंख खुली। बताया कि रात को यहां पहुंचा। आसपास कोई रुकने की जगह भी नहीं थी। रिक्शा वालों से पूछा तो बताया कि होटल एक हजार से कम में नहीं मिलेगा। जेब में इतने रुपये नहीं थे। इसलिए सड़क किनारे बैठकर ही रात काटनी पड़ रही है।
पेपर देकर लौटे अभ्यर्थी भी परेशान
फुटबाल चौक पर बागपत जिले के कई ऐसे युवक थे जो मुरादाबाद में पेपर देकर लौटे थे। पिलाना भट्टा निवासी संदीप त्यागी, दीपक शर्मा आदि ने बताया कि एग्जाम खत्म होने के घंटो बाद मेरठ के लिए बस मिली। रात एक बजे यहां पहुंचे अब बागपत जाने को कोई साधन नहीं था। अपनी बेटी को मुरादाबाद एग्जाम दिलाकर लौट रहे जानी के श्रीपाल और उनकी बेटी भी सड़क पर परेशान खड़े थे।
पुलिस बनी मददगार
बागपत रोड पर स्टेट बैंक के सामने एक चबूतरे पर मथुरा के बलदेव मोहल्ला निवासी लाखन सिह, यशपाल समेत कुछ अभ्यर्थी बैठे थे। उनको देख टीपी नगर थाने की पुलिस ने जीप रोक ली। पूछताछ करने पर अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश पत्र दिखाए। कहा कि सर शहर के बारे में कुछ जानते नहीं। सुबह आठ बजे एग्जाम के लिए सेंटर पर एंट्री होनी है। इनमें दो के सेंटर कैंट और एक का सुभाष बाजार कॉलेज में लगा था। इसके बाद पुलिस ने उनकी मदद की और सेंटर के नजदीक सुरक्षित जगह तक गाड़ी से छुड़वाया।