फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ईवे बिल- मौके पर ही कराया जाएगा डाउनलोड

ईवे बिल- मौके पर ही कराया जाएगा डाउनलोड

Wed, 13 Sep 2017 02:47 AM IST
Updated Wed, 13 Sep 2017 02:47 AM IST
विज्ञापन
ईवे बिल- मौके पर ही कराया जाएगा डाउनलोड
अब कसेगा शिकंजा, मौके पर कराया जाएगा ईवे बिल डाउनलोड
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। ईवे बिल के मद्देनजर अब वस्तु एवं सेवा कर विभाग व्यापारियों पर शिकंजा कसेगा। इसके तहत अगर किसी ने ईवे बिल डाउनलोड नहीं किया है तो उससे मौके पर ही इलेक्ट्रॉनिक वे बिल (ईवे) और टीडीएफ (ट्रांजिट फार्म) डाउनलोड कराया जाएगा।
जीएसटी लागू होने के करीब सवा दो माह बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग अलर्ट मोड पर आया है। अब राज्य वस्तु एवं सेवा कर की सचल दल इकाइयां परिवहन कर रहे माल केदस्तावोजों की जांच पड़ताल करेंगी। हाईवे पर माल लदी गाड़ियों को रोका जाएगा और उनकेईवे बिल और टीडीएफ को देख जाएगा। अगर नहीं है तो तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा, जब तक वे इन्हें डाउनलोड नहीं कर लेंगे। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के सूत्रों का कहना है कि कुछ व्यापारी जानबूझकर ईवे बिल डाउनलोड नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन


व्यापारियों की सहूलियत के लिए है
इस संबंध में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (प्रवर्तन विभाग) के ज्वाइंट कमिश्नर धीरेद्र प्रताप ने बताया कि प्रवर्तन की टीमें गाड़ियों को रोकेंगी, अगर किसी ने ईवे बिल डाउनलोड नहीं किया हुुआ है तो उसे वहीं रोक दिया जाएगा। माल स्वामी से ईवे बिल डाउनलोड कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यापारियों की सहूलियत के लिए ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टैक्स की दोहरी मार
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि ईवे बिल को लेकर व्यापारियों को अभी संशय है। यही वजह है कि व्यापारी इसे डाउनलोड करने में संकोच कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें लग रहा है कि एक तरफ तो वह जीएसटी दें और इसके बाद जब माल दूसरे प्रदेश से लाएं तो तो ईवे बिल भी दें। उन पर टैक्स की दोहरी मार पड़ रही है।


क्या है ईवे बिल-टीडीएफ
दूसरे प्रदेश से माल अपने राज्य में लाने पर ईवे बिल डाउनलोड किया जाता है। इसमें माल के क्रेता और विक्रेता, वजन और कीमत, माल के उठाने एवं पहुंचने का स्थान समेत तमाम तरह के विवरण भरे जाते हैं। यह माल के परिवहन का लाइसेंस है। इसके अलावा कोई माल अगर किसी प्रदेश से चलकर दूसरे प्रदेश जाएगा और इस दौरान वह उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा, ऐसे में जितने समय तक माल यूपी की सड़कों पर रहेगा, चालक को टीडीएफ अपने साथ रखना होगा। वाणिज्य कर व्यवस्था में इसे बहती कहते हैं।
खास बात
कुछ व्यापारी जानबूझकर डाउनलोड नहीं कर रहे है ईवे बिल-टीडीएफ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed