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ईद आज, शाही ईदगाह में तैयारियां पूरी
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। ईद उल अजहा शनिवार को मनाई जाएगी। शाही ईदगाह के इमाम और शहर काज़ी जैनुस साजिद्दीन ने शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ में तक़रीर की। उन्होंने बताया कि बकरीद की नमाज़ शाही ईदगाह में सुबह 7:45 बजे अदा की जाएगी। उन्होंने नमाज़ के बाद सभी से कुतबा सुनने को कहा। कुतबा बिना सुने नमाज़ अधूरी रह जाती है।
शहरक़ाज़ी ने कहा कि कुर्बानी की खाल को किसी संस्था या मदरसे में देने से अच्छा है कि लोग अपने आसपास रह रहे गरीबों को दें। खाल बेचकर पैसा भी दे सकते हैं। वैसे तो इंसान की इच्छा है कि वह खाल कहीं भी दे सकता है। तक़रीर के दौरान उन्होंने मुस्लिम वर्ग से बकरीद पर सफाई का विशेष ध्यान देने की अपील की है।
क़ारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि जानवर की कुर्बानी के साथ इंसान को अंदर की बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। क्योंकि मुस्लिम युवाओं को सही दिशा देने की सख्त ज़रूरत है। उन्होंने बकरीद के मौके पर मुस्लिम युवाओं से सभी धर्मों का ख्याल रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। अल्लाह की राह में कुर्बानी का अहतराम दिल से करें। भाईचारे और मुहब्बत से त्योहार मनाकर मिसाल पेश करें।
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न बनाएं कुर्बानी का वीडियो
नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन ने कुर्बानी के दौरान किसी भी जानवर की वीडियो नहीं बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी अल्लाह के लिए दी जाती है। वीडियो बनाकर इबादत का मजाक न बनाएं। उन्होंने कुर्बानी की वीडियो व्हाट्स एप, फेसबुक और ट्विटर समेत पर अन्य पर अपलोड न करें। उन्होंने सभी को बकरीद के मौके पर मुबारकबाद दी।
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मेरठ। ईद उल अजहा शनिवार को मनाई जाएगी। शाही ईदगाह के इमाम और शहर काज़ी जैनुस साजिद्दीन ने शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ में तक़रीर की। उन्होंने बताया कि बकरीद की नमाज़ शाही ईदगाह में सुबह 7:45 बजे अदा की जाएगी। उन्होंने नमाज़ के बाद सभी से कुतबा सुनने को कहा। कुतबा बिना सुने नमाज़ अधूरी रह जाती है।
शहरक़ाज़ी ने कहा कि कुर्बानी की खाल को किसी संस्था या मदरसे में देने से अच्छा है कि लोग अपने आसपास रह रहे गरीबों को दें। खाल बेचकर पैसा भी दे सकते हैं। वैसे तो इंसान की इच्छा है कि वह खाल कहीं भी दे सकता है। तक़रीर के दौरान उन्होंने मुस्लिम वर्ग से बकरीद पर सफाई का विशेष ध्यान देने की अपील की है।
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क़ारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि जानवर की कुर्बानी के साथ इंसान को अंदर की बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। क्योंकि मुस्लिम युवाओं को सही दिशा देने की सख्त ज़रूरत है। उन्होंने बकरीद के मौके पर मुस्लिम युवाओं से सभी धर्मों का ख्याल रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। अल्लाह की राह में कुर्बानी का अहतराम दिल से करें। भाईचारे और मुहब्बत से त्योहार मनाकर मिसाल पेश करें।
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न बनाएं कुर्बानी का वीडियो
नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन ने कुर्बानी के दौरान किसी भी जानवर की वीडियो नहीं बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी अल्लाह के लिए दी जाती है। वीडियो बनाकर इबादत का मजाक न बनाएं। उन्होंने कुर्बानी की वीडियो व्हाट्स एप, फेसबुक और ट्विटर समेत पर अन्य पर अपलोड न करें। उन्होंने सभी को बकरीद के मौके पर मुबारकबाद दी।