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अमर उजाला खबर का असर, कमिश्नर बैठाई जांच
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:51 AM IST
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जांच की आंच में झुलस सकते हैं कई मठाधीश
खबर का असर
माधवपुरम प्लॉट आवंटन प्रक्रिया में सेटिंग के मामले में मंडलायुक्त ने बैठाई जांच
पार्षद, प्रॉपर्टी डीलर समेत प्रभावशाली लोगों के आवंटनों की होगी जांच
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। आवास एवं विकास परिषद् की आवासीय कॉलोनी माधवपुरम में प्लॉट आवंटन मामले में सेटिंग के खेल को अमर उजाला ने उजागर किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद कमिश्नर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच बैठा दी। इसके चलते पार्षद, प्रॉपर्टी डीलर और प्रभावशाली लोगों को प्लॉट आवंटन में सेटिंग के खेल को लेकर आवास-विकास के कई अधिकारी फंस सकते हैं।
उप्र आवास एवं विकास परिषद् ने बीती 29 जुलाई को माधवपुरम के 45 आवासीय भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया था। आवंटन प्रक्रिया गाजियाबाद के वसुंधरा में की गई। 45 में 40 भूखंडों का आवंटन माधवपुरम के पार्षद समेत प्रभावशाली लोगों को किया गया। इसके चलते अन्य आवेदनकर्ताओं ने लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाया। मेरठ के भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया गाजियाबाद के वसुंधरा में कराना भी परिषद् के अधिकारियों को शक के घेरे में खड़ा कर रहा है। इस मामले में बीती तीन अगस्त को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कमिश्नर ने संज्ञान लिया। जिसमें लिखित रूप में आवास एवं विकास परिषद् से जवाब मांगा है। हालांकि सभी आवंटियों की जांच के आदेश के दिए हैं। इसके चलते एक व्यक्ति के नाम दो भूखंडों का आवंटन एवं पार्षद समेत अन्य प्रभावशाली लोगों के भूखंडों को निरस्त करने की कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में संपत्ति अधिकारी अशोक गोयल को लखनऊ से अटैच किया जा चुका है। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने जांच संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद को सौंपी है।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
मुझे स्वाइन फ्लू हुआ है। इसलिए फिलहाल गाजियाबाद हूं। माधवपुरम आवासीय भूखंड आवंटन मामले की जांच जारी है। यदि किसी भूखंड का आवंटन गलत तरीके से किया गया है तो उसे निरस्त किया जाएगा। वहीं, इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-महेंद्र प्रसाद , संयुक्त आवास आयुक्त
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माधवपुरम प्लॉट आवंटन प्रक्रिया में सेटिंग के मामले में मंडलायुक्त ने बैठाई जांच
पार्षद, प्रॉपर्टी डीलर समेत प्रभावशाली लोगों के आवंटनों की होगी जांच
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। आवास एवं विकास परिषद् की आवासीय कॉलोनी माधवपुरम में प्लॉट आवंटन मामले में सेटिंग के खेल को अमर उजाला ने उजागर किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद कमिश्नर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच बैठा दी। इसके चलते पार्षद, प्रॉपर्टी डीलर और प्रभावशाली लोगों को प्लॉट आवंटन में सेटिंग के खेल को लेकर आवास-विकास के कई अधिकारी फंस सकते हैं।
उप्र आवास एवं विकास परिषद् ने बीती 29 जुलाई को माधवपुरम के 45 आवासीय भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया था। आवंटन प्रक्रिया गाजियाबाद के वसुंधरा में की गई। 45 में 40 भूखंडों का आवंटन माधवपुरम के पार्षद समेत प्रभावशाली लोगों को किया गया। इसके चलते अन्य आवेदनकर्ताओं ने लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल उठाया। मेरठ के भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया गाजियाबाद के वसुंधरा में कराना भी परिषद् के अधिकारियों को शक के घेरे में खड़ा कर रहा है। इस मामले में बीती तीन अगस्त को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कमिश्नर ने संज्ञान लिया। जिसमें लिखित रूप में आवास एवं विकास परिषद् से जवाब मांगा है। हालांकि सभी आवंटियों की जांच के आदेश के दिए हैं। इसके चलते एक व्यक्ति के नाम दो भूखंडों का आवंटन एवं पार्षद समेत अन्य प्रभावशाली लोगों के भूखंडों को निरस्त करने की कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में संपत्ति अधिकारी अशोक गोयल को लखनऊ से अटैच किया जा चुका है। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने जांच संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद को सौंपी है।
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गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
मुझे स्वाइन फ्लू हुआ है। इसलिए फिलहाल गाजियाबाद हूं। माधवपुरम आवासीय भूखंड आवंटन मामले की जांच जारी है। यदि किसी भूखंड का आवंटन गलत तरीके से किया गया है तो उसे निरस्त किया जाएगा। वहीं, इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-महेंद्र प्रसाद , संयुक्त आवास आयुक्त
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