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मनमुटाव भुला फिर हुआ 62 दंपतियों का मिलन
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:28 AM IST
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62 दंपतियों ने लिया साथ रहने का फैसला
मेरठ। परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच चल रहे कई मामलों में शनिवार को समझौता हो गया। दोनों पक्षों की काउंसिलिंग के दौरान विवाद की वजह काफी मामूली निकली। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी रेणू सक्सेना ने बताया कि 110 मामलों का निस्तारण हुए, जिनमें 62 मामलों में दंपति ने एक साथ रहने का निर्णय लिया है। बाकी मामलों में कोर्ट केस ओर मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया होगी।
पत्नी का जॉब करना पसंद नहीं
कंकरखेड़ा के एक दंपति के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। महिला के ससुराल वाले उसे जॉब नहीं करने देना चाहते थे। इसी को लेकर मनमुटाव इतना बढ़ा कि दंपति के बीच अलग होने की नौबत आ गई। काउंसिलिंग में दोनों पक्षों को समझाने के बाद सुलह हो गई। वहीं टीपी नगर निवासी एक युवक हरियाणा में जॉब करता है। उसकी पत्नी का आरोप था कि वह खर्चा नहीं भेजता। छोटी छोटी चीजों पर सास ससुर से कहना पड़ता था। ये मामूली विवाद इतना बढ़ा की दांपत्य जीवन टूटने के कगार पर आ गया, लेकिन पीपीके में सुलह समझौते के बाद दंपति एक साथ रहने को राजी हो गए।
मायके वालों का हस्तक्षेप ज्यादा
कंकरखेड़ा की एक महिला ने पति पर कई गंभीर आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की। पीपीके में मामला पहुंचा तो काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि पत्नी के मायके वाले दांपत्य जीवन में अत्यधिक हस्तक्षेप करते थे। इसी वजह से दोनों में अनबन हुई। काउंसिसिलंग के बाद मामला सुलझ गया। वहीं लिसाड़ी गेट की एक महिला ने पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पीपीके में लड़के ने गलती मानी तो उनमें समझौता हो गया।
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मेरठ। परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच चल रहे कई मामलों में शनिवार को समझौता हो गया। दोनों पक्षों की काउंसिलिंग के दौरान विवाद की वजह काफी मामूली निकली। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी रेणू सक्सेना ने बताया कि 110 मामलों का निस्तारण हुए, जिनमें 62 मामलों में दंपति ने एक साथ रहने का निर्णय लिया है। बाकी मामलों में कोर्ट केस ओर मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया होगी।
पत्नी का जॉब करना पसंद नहीं
कंकरखेड़ा के एक दंपति के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। महिला के ससुराल वाले उसे जॉब नहीं करने देना चाहते थे। इसी को लेकर मनमुटाव इतना बढ़ा कि दंपति के बीच अलग होने की नौबत आ गई। काउंसिलिंग में दोनों पक्षों को समझाने के बाद सुलह हो गई। वहीं टीपी नगर निवासी एक युवक हरियाणा में जॉब करता है। उसकी पत्नी का आरोप था कि वह खर्चा नहीं भेजता। छोटी छोटी चीजों पर सास ससुर से कहना पड़ता था। ये मामूली विवाद इतना बढ़ा की दांपत्य जीवन टूटने के कगार पर आ गया, लेकिन पीपीके में सुलह समझौते के बाद दंपति एक साथ रहने को राजी हो गए।
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मायके वालों का हस्तक्षेप ज्यादा
कंकरखेड़ा की एक महिला ने पति पर कई गंभीर आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की। पीपीके में मामला पहुंचा तो काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि पत्नी के मायके वाले दांपत्य जीवन में अत्यधिक हस्तक्षेप करते थे। इसी वजह से दोनों में अनबन हुई। काउंसिसिलंग के बाद मामला सुलझ गया। वहीं लिसाड़ी गेट की एक महिला ने पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पीपीके में लड़के ने गलती मानी तो उनमें समझौता हो गया।
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