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विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:52 AM IST
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विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में बुधवार को विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ किया गया। एक सप्ताह तक जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक और माछरा ब्लाक में जाकर आशाओं और गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की माताओं को इसके बारे में बताया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. नीलम गौतम ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह में यूजी पीजी विद्यार्थियों का पोस्टर कॉप्टीशिन कराया जाएगा। बाल रोग विभाग में सभी जच्चा बच्चा केंद्रों पर माताओं को स्तनपान के लिए प्रेरित तथा स्तनपान में आने वाली समस्याओं के बारे में बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विजय जायसवाल द्वारा बताया जाएगा।
विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि कैसे समाज को इस पर जागरूक करना चाहिए और इस तरह के आयोजन पूरे साल होने चाहिए, जिससे शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया की विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में एक से सात अगस्त को किया जाता है। स्तनपान की शुरुआत जन्म के तुरंत बाद या एक घंटे के अंदर की जानी चाहिए जिससे मां और बच्चे की बांडिंग अच्छी होती है। बच्चे के शरीर का तापमान स्थिर रहता है। बच्चे को छह माह तक केवल स्तनपान कराने से बच्चे में सभी रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। मां को किसी परिवार नियोजन तरीके को भी अपनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और परिवार पर आर्थिक भार भी कम होता है। इस मौके डॉ. सीमा, डॉ. अरुण, डॉ. छाया और विभाग के सभी जूनियर डॉक्टर आदि मौजूद रहे।
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में बुधवार को विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ किया गया। एक सप्ताह तक जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक और माछरा ब्लाक में जाकर आशाओं और गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की माताओं को इसके बारे में बताया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. नीलम गौतम ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह में यूजी पीजी विद्यार्थियों का पोस्टर कॉप्टीशिन कराया जाएगा। बाल रोग विभाग में सभी जच्चा बच्चा केंद्रों पर माताओं को स्तनपान के लिए प्रेरित तथा स्तनपान में आने वाली समस्याओं के बारे में बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विजय जायसवाल द्वारा बताया जाएगा।
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विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि कैसे समाज को इस पर जागरूक करना चाहिए और इस तरह के आयोजन पूरे साल होने चाहिए, जिससे शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया की विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में एक से सात अगस्त को किया जाता है। स्तनपान की शुरुआत जन्म के तुरंत बाद या एक घंटे के अंदर की जानी चाहिए जिससे मां और बच्चे की बांडिंग अच्छी होती है। बच्चे के शरीर का तापमान स्थिर रहता है। बच्चे को छह माह तक केवल स्तनपान कराने से बच्चे में सभी रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। मां को किसी परिवार नियोजन तरीके को भी अपनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और परिवार पर आर्थिक भार भी कम होता है। इस मौके डॉ. सीमा, डॉ. अरुण, डॉ. छाया और विभाग के सभी जूनियर डॉक्टर आदि मौजूद रहे।
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