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लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार, पिता पहुंचा अस्पताल
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:48 AM IST
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्रमेरठ। एक युवक करीब 15 दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके परिजनों को इसकी खबर तक नहीं लगी। शनिवार को बुजुर्ग पिता खोजबीन करते मेडिकल अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि उसके बेटे का तो तीन दिन पहले लावारिस में अंतिम संस्कार किया जा चुका है। बुजुर्ग बिलखता हुआ घर लौट गया।
मेडिकल अस्पताल पहुंचे इस बुजुर्ग व्यक्ति ने स्टाफ से कहा कि उनका जवान बेटा करीब 15 दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था। वह जिला अस्पताल गए थे तो वहां से पता चला कि वह मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया था। स्टाफ ने बेटे की कोई निशानी बताने को कहा तो बुजुर्ग ने जवाब दिया कि बेटे के हाथ पर एक निशान था। जिस पर स्टाफ ने बताया कि उस युवक की तो मौत हो चुकी है। 72 घंटे तक इंतजार किया गया। लेकिन उसकी पहचान न होने पर युवक का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
उधर, इसकी सूचना पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी कार्यालय पहुंचे तो बुजुर्ग वहां से जा चुका था। काफी तलाश के बाद वह नहीं मिला। डॉ. चौधरी का कहना है कि वह बुजुर्ग की तलाश करा रहे हैं। स्टाफ ने बुजुर्ग को मेरा मोबाइल नंबर दिया है। बुजुर्ग द्वारा संपर्क करने के बाद ही सही जानकारी हो पाएगी।
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मेडिकल अस्पताल पहुंचे इस बुजुर्ग व्यक्ति ने स्टाफ से कहा कि उनका जवान बेटा करीब 15 दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था। वह जिला अस्पताल गए थे तो वहां से पता चला कि वह मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया था। स्टाफ ने बेटे की कोई निशानी बताने को कहा तो बुजुर्ग ने जवाब दिया कि बेटे के हाथ पर एक निशान था। जिस पर स्टाफ ने बताया कि उस युवक की तो मौत हो चुकी है। 72 घंटे तक इंतजार किया गया। लेकिन उसकी पहचान न होने पर युवक का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
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उधर, इसकी सूचना पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी कार्यालय पहुंचे तो बुजुर्ग वहां से जा चुका था। काफी तलाश के बाद वह नहीं मिला। डॉ. चौधरी का कहना है कि वह बुजुर्ग की तलाश करा रहे हैं। स्टाफ ने बुजुर्ग को मेरा मोबाइल नंबर दिया है। बुजुर्ग द्वारा संपर्क करने के बाद ही सही जानकारी हो पाएगी।
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