{"_id":"5ad906a14f1c1b86098b5811","slug":"51524172449-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिहित विभाग नहीं कर रहा नियमों का पालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिहित विभाग नहीं कर रहा नियमों का पालन
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभाग नहीं कर रहा नियमों का पालन
मेरठ। खाद्य अभिहित विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने भरने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा बृहस्पतिवार को अभिहित अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। जिसमें नियमानुसार ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाने की मांग की गई। संगठन के प्रदेश महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने बताया कि सैंपल लेते समय फार्म - 5ए भरकर व्यापारी को दिया जाना जरूरी होता है। लेकिन अधिकारियों द्वारा इसे बाद में भरा जाता है। कागजों पर सिर्फ व्यापारी के हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। इसके अलावा पैकिंग व लेबलिंग के कई उद्योग ऐसे हैं, जिन्हें नियमों की पूरी जानकारी नहीं है। उनकी अज्ञानता का शिकार व्यापारी को होना पड़ता है। इसलिए इसकी पूरी जानकारी के लिए शिविर आयोजित किए जाएं। लोकेश अग्रवाल ने और भी कई सुझाव खाद्य अभिहित अधिकारी को देते हुए कहा कि यदि इन पर अमल किया जायेगा तो व्यापारी का उत्पीड़न होने से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
मेरठ। खाद्य अभिहित विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने भरने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा बृहस्पतिवार को अभिहित अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। जिसमें नियमानुसार ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाने की मांग की गई। संगठन के प्रदेश महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने बताया कि सैंपल लेते समय फार्म - 5ए भरकर व्यापारी को दिया जाना जरूरी होता है। लेकिन अधिकारियों द्वारा इसे बाद में भरा जाता है। कागजों पर सिर्फ व्यापारी के हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। इसके अलावा पैकिंग व लेबलिंग के कई उद्योग ऐसे हैं, जिन्हें नियमों की पूरी जानकारी नहीं है। उनकी अज्ञानता का शिकार व्यापारी को होना पड़ता है। इसलिए इसकी पूरी जानकारी के लिए शिविर आयोजित किए जाएं। लोकेश अग्रवाल ने और भी कई सुझाव खाद्य अभिहित अधिकारी को देते हुए कहा कि यदि इन पर अमल किया जायेगा तो व्यापारी का उत्पीड़न होने से बचा जा सकता है।