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स्वेटर के इंतजार में बीत गया सर्दी का आधा सीजन
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:22 AM IST
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मेरठ। सर्दी का आधा सीजन बीतने के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। इस कारण बच्चे शर्ट में ही स्कूल आने के लिए मजबूर हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में करीब एक लाख 19 हजार बच्चों को ठंड से बचने के लिए स्वेटर का इंतजार है।
मेरठ जिले में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 1400 है। इनमें प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक दोनोें विद्यालय शामिल हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों को सर्दी से बचने के लिए जूते और मौजे आए थे। कुछ स्कूलों में साइज को लेकर बच्चों को समस्याएं आ रही हैं। इसे लेकर विभाग ने हाथ खडे़ कर दिए हैं। इसके अलावा विभाग की तरफ से बच्चों को ठंड शुरू होने से पहले ही स्वेटर देने थे, लेकिन अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। जाटव गेट स्थित नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में 190 बच्चे और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 51 बच्चे पढ़ते हैं। सभी बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। पूठा प्राथमिक स्कूल में 139 और मेदपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में 130 बच्चों को भी स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। इसी तरह नगरीय क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 1400 स्कूलों में बच्चे सर्दी से बचने के लिए विभागीय अधिकारियों की बांट जोह रहे हैं।
तीन बार टेंडर हो चुके रद्द
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा विभाग तीन बार स्वेटर बजट का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। लेकिन स्वेटर के मूल्याें के मतभेद के चलते टेंडर पास नहीं हो पाया। टेंडर पास न होने के कारण जिला बेसिक विभाग बच्चों के लिए स्वेटर नहीं खरीद पाया। अधिकारियों के अनुसार स्वेटर मामले में शासनादेश आया कि स्वेटर शासन की ओर से ही वितरित होंगे। नगर शिक्षा अधिकारी एसके गिरी ने बताया कि सभी स्कूलों में स्वेटर शासन की तरफ से ही आएंगे। उम्मीद है कि जल्द ही स्वेटर आ जाएंगे।
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मेरठ जिले में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 1400 है। इनमें प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक दोनोें विद्यालय शामिल हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों को सर्दी से बचने के लिए जूते और मौजे आए थे। कुछ स्कूलों में साइज को लेकर बच्चों को समस्याएं आ रही हैं। इसे लेकर विभाग ने हाथ खडे़ कर दिए हैं। इसके अलावा विभाग की तरफ से बच्चों को ठंड शुरू होने से पहले ही स्वेटर देने थे, लेकिन अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। जाटव गेट स्थित नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में 190 बच्चे और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 51 बच्चे पढ़ते हैं। सभी बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। पूठा प्राथमिक स्कूल में 139 और मेदपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में 130 बच्चों को भी स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। इसी तरह नगरीय क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 1400 स्कूलों में बच्चे सर्दी से बचने के लिए विभागीय अधिकारियों की बांट जोह रहे हैं।
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तीन बार टेंडर हो चुके रद्द
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा विभाग तीन बार स्वेटर बजट का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। लेकिन स्वेटर के मूल्याें के मतभेद के चलते टेंडर पास नहीं हो पाया। टेंडर पास न होने के कारण जिला बेसिक विभाग बच्चों के लिए स्वेटर नहीं खरीद पाया। अधिकारियों के अनुसार स्वेटर मामले में शासनादेश आया कि स्वेटर शासन की ओर से ही वितरित होंगे। नगर शिक्षा अधिकारी एसके गिरी ने बताया कि सभी स्कूलों में स्वेटर शासन की तरफ से ही आएंगे। उम्मीद है कि जल्द ही स्वेटर आ जाएंगे।
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