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चालीस साल बाद होगी बरनावा आश्रम की जमीन की पैमाइश
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:28 AM IST
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चालीस साल बाद होगी बरनावा आश्रम की जमीन की पैमाइश
अमर उजाला ब्यूरो
बड़ौत (बागपत)। हरियाणा-पंजाब के आश्रमों पर वहां की सरकारों ने शिकंजा कसा तो बागपत प्रशासन को भी वन विभाग की जमीन पर आश्रम के कब्जे संबंधित शिकायतों की सुध आई। चालीस साल बाद प्रशासन आश्रम की जमीन की पैमाइश करा रहा है।
यौन शोषण मामले में डेरा मुखी को दोषी ठहराए जाने और उसके बाद समर्थकों द्वारा हरियाणा और पंजाब में की गई हिंसा के बाद डेरा मुखी की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों से करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की जमीन पर आश्रम का कब्जा है या नहीं, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अब प्रशासन इन शिकायतों को क्यों दबाए बैठा था। बरनावा में आश्रम की स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी। पूर्व में शिकायतें होती रही हैं, लेकिन उनका क्या निस्तारण किया गया, यह कभी किसी को पता नहीं चला। प्रशासन ने अपने अभिलेख भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। देखा जा रहा है कि आश्रम के आसपास कितनी जमीन वन विभाग या किसी अन्य विभाग की है। आश्रम ने कि न किन खसरा संख्या का बैनामा कराया है, ताकि पैमाइश के दौरान अभिलेखों से मिलान कराया जा सके।
अरविंद कुमार, एसडीएम बड़ौत ने कहा बार-बार आवाज उठ रही डेरा सच्चा सौदा बरनावा में वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया हुआ है। चकबंदी विभाग के एसीओ, चकबंदी लेखपाल, वन विभाग के उप रेंजर की संयुक्त टीम बनाकर आश्रम की जमीन की पैमाइश कराने के निर्देश दिए हैं। टीम को पैमाइश कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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बिजेंद्र कश्यप, सेवादार, डेरा सच्चा सौदा आश्रम ने कहा आश्रम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। आश्रम की हर इंच जमीन का बैनामा है। करीब साढे़ तीन सौ बीघा जमीन पर आश्रम है और ढाई सौ बीघा कृषि भूमि है। यह जमीन का पुष्ट रिकॉर्ड नहीं है, क्योंकि जिन सेवादारों के पास जमीन का लेखा जोखा है, वह इन दिनों सिरसा गए हुए हैं।
बरनावा आश्रम पर उठे तीन सवाल
1- क्या हिंडन किनारे आश्रम में वन विभाग की जमीन शामिल की गई।
2-आश्रम के भवन निर्माण के दौरान हादसा, आठ लोगों की मौत रहस्य बनीं।
3-1984 में कुछ लोगों ने आश्रम को कब्जाने का प्रयास किया, 34 पर मुकदमा।
दो साल पहले डेरा मुखी को बरनावा में मिली थी धमकी
बागपत। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को बरनावा में रूहानी सत्संग के दौरान धमकी दी गई थी। इसका खुलासा खुद डेरामुखी ने दो साल पहले एक टीवी इंटरव्यू में किया । डेरामुखी ने इंटरव्यू में कहा वह नशा मुक्ति का अभियान चला रहे हैं। इससे घबराकर पहले उन्हें सिरसा में धमकी दी, लेकिन वह नहीं माने। बरनावा में रुहानी सत्संग से पहले ड्रग्स माफिया ने उन्हें एक तस्वीर भेजी। लड़कियों की इस तस्वीर पर उनका चेहरा लगाया। ड्रग्स माफिया ने निपट लेने की धमकी दी, लेकिन नशे के खिलाफ उनका अभियान जारी रहा।
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अमर उजाला ब्यूरो
बड़ौत (बागपत)। हरियाणा-पंजाब के आश्रमों पर वहां की सरकारों ने शिकंजा कसा तो बागपत प्रशासन को भी वन विभाग की जमीन पर आश्रम के कब्जे संबंधित शिकायतों की सुध आई। चालीस साल बाद प्रशासन आश्रम की जमीन की पैमाइश करा रहा है।
यौन शोषण मामले में डेरा मुखी को दोषी ठहराए जाने और उसके बाद समर्थकों द्वारा हरियाणा और पंजाब में की गई हिंसा के बाद डेरा मुखी की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों से करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की जमीन पर आश्रम का कब्जा है या नहीं, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अब प्रशासन इन शिकायतों को क्यों दबाए बैठा था। बरनावा में आश्रम की स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी। पूर्व में शिकायतें होती रही हैं, लेकिन उनका क्या निस्तारण किया गया, यह कभी किसी को पता नहीं चला। प्रशासन ने अपने अभिलेख भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। देखा जा रहा है कि आश्रम के आसपास कितनी जमीन वन विभाग या किसी अन्य विभाग की है। आश्रम ने कि न किन खसरा संख्या का बैनामा कराया है, ताकि पैमाइश के दौरान अभिलेखों से मिलान कराया जा सके।
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अरविंद कुमार, एसडीएम बड़ौत ने कहा बार-बार आवाज उठ रही डेरा सच्चा सौदा बरनावा में वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया हुआ है। चकबंदी विभाग के एसीओ, चकबंदी लेखपाल, वन विभाग के उप रेंजर की संयुक्त टीम बनाकर आश्रम की जमीन की पैमाइश कराने के निर्देश दिए हैं। टीम को पैमाइश कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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बिजेंद्र कश्यप, सेवादार, डेरा सच्चा सौदा आश्रम ने कहा आश्रम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। आश्रम की हर इंच जमीन का बैनामा है। करीब साढे़ तीन सौ बीघा जमीन पर आश्रम है और ढाई सौ बीघा कृषि भूमि है। यह जमीन का पुष्ट रिकॉर्ड नहीं है, क्योंकि जिन सेवादारों के पास जमीन का लेखा जोखा है, वह इन दिनों सिरसा गए हुए हैं।
बरनावा आश्रम पर उठे तीन सवाल
1- क्या हिंडन किनारे आश्रम में वन विभाग की जमीन शामिल की गई।
2-आश्रम के भवन निर्माण के दौरान हादसा, आठ लोगों की मौत रहस्य बनीं।
3-1984 में कुछ लोगों ने आश्रम को कब्जाने का प्रयास किया, 34 पर मुकदमा।
दो साल पहले डेरा मुखी को बरनावा में मिली थी धमकी
बागपत। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को बरनावा में रूहानी सत्संग के दौरान धमकी दी गई थी। इसका खुलासा खुद डेरामुखी ने दो साल पहले एक टीवी इंटरव्यू में किया । डेरामुखी ने इंटरव्यू में कहा वह नशा मुक्ति का अभियान चला रहे हैं। इससे घबराकर पहले उन्हें सिरसा में धमकी दी, लेकिन वह नहीं माने। बरनावा में रुहानी सत्संग से पहले ड्रग्स माफिया ने उन्हें एक तस्वीर भेजी। लड़कियों की इस तस्वीर पर उनका चेहरा लगाया। ड्रग्स माफिया ने निपट लेने की धमकी दी, लेकिन नशे के खिलाफ उनका अभियान जारी रहा।