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34 साल में सबसे गर्म बीती अप्रैल, मई में भी टूटेगा रिकार्ड

Thu, 02 May 2019 02:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2019 02:11 AM IST
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32.8 डिग्री सेल्सियस रहा था अप्रैल 1986 में अधिकतम तापमान
42 डिग्री सेल्सियस रहा अप्रैल 2019 में अधिकतम तापमान
45 डिग्री को पार करता है मई में पारा
- मौसम पर साफ दिखाई दे रहा वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन का असर
- पेड़ों का अंधाधुंध कटान और बढ़ रहे प्रदूषण के कारण बिगड़ रहा मौसम चक्र
मोहित कुमार
मोदीपुरम (मेरठ)। प्रकृति से छेड़छाड़, प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, पेड़ों का अत्यधिक कटान और बढ़ते प्रदूषण ने मौसम चक्र को बिगाड़ कर रख दिया है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर अब साफ दिखाई दे रहा है। 33 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक बढ़ गया है। अप्रैल 1986 में यह तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस था, जो अप्रैल 2019 में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी जारी की है कि इसी मई माह में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार हो सकता है।
इस बार सर्दी के सीजन में ही गर्मी की आहट शुरू हो गई थी। जनवरी माह से ही पारा चढ़ना शुरू हो गया था, जिसने अप्रैल माह के अंत में भीषण गर्मी की याद दिला दी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का मौसम पर गहरा असर पड़ रहा है। मौसम में आ रहे ऐसे बदलाव से वैज्ञानिक ही नहीं किसान भी चिंतित हैं। अभी से ऐसी गर्मी पड़ेगी तो गर्मी के पीक सीजन में फसलों को कैसे बचाया जाएगा। जो तापमान 15 मई के बाद होना चाहिए था, वह अप्रैल में अंतिम दिनों में देखने को मिला। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (आईएएफएसआर) मोदीपुरम के मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले 33 वर्षों में अप्रैल सबसे गर्म रहा। इस समय दिन-रात का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है।
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पिछले 34 साल का अप्रैल माह में अधिकतम तापमान
वर्ष अधिकतम
1986 32.8
1996 34.9
2006 34.2
2016 38.4
2017 36.6
2018 37.8
2019 42
(आंकडे़ अप्रैल माह के आईएएफएसआर से हैं)

आज धूल भरी आंधी का अलर्ट
मोदीपुरम। इस समय आसमान पर धुंध छायी हुई है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच लू के असर पर बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिल रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस तरह की धुंध प्रदूषण के बढ़ते स्तर के चलते छायी हुई है। हाल फिलहाल फेनी चक्रवात का भी असर है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर तेज चक्रवाती हवा चलने का अनुमान है। कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 46 व न्यूनतम 25 प्रतिशत दर्ज की गई।
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मई में होंगे हालात विकट
अभी तक के रिकॉर्ड में 33 साल में यह अप्रैल माह सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है। जलवायु परिवर्तन में बदलाव से मौसम बदल रहा है। जिसके कारण गर्मी भी समय से पहले ही शुरू हो गई है। मई में भी हालात विकट होंगे। पारा 45 को भी पार कर सकता है। हीटवेव का असर ज्यादा है। -डॉ. एन. सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर

यह छेड़छाड़ का नतीजा
प्राकृतिक संसाधनों के साथ छेड़छाड़, पेड़ों का अंधाधुंध कटान और बढ़ता प्रदूषण मौसम चक्र बिगाड़ने का जिम्मेदार है। इस बार मई-जून की भीषण गर्मी का असर अप्रैल में ही देखने को मिला। मई माह में धूल भरी आंधी चलेगी। -डॉ. यूपी शाही, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विवि
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