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बेगमपुल पर मासूम को कार ने रौंदा

Wed, 03 Apr 2019 01:40 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 01:40 AM IST
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बेगमपुल पर मासूम को कार ने रौंदा
बेगमपुल पर मासूम को कार ने रौंदा, मौत
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- पुलिस चौकी के सामने हादसा, टक्कर मारकर कार भागी
- बच्चे का परिवार डिवाइडर पर रहकर करता है गुजर बसर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बेगमपुल चौराहा स्थित पुलिस चौकी के सामने चार साल के बच्चे को कार ने सड़क पार करते समय रौंद दिया। बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डिवाइडर पर रहकर गुजर बसर करने वाले बच्चे के परिजनों में चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ लग गई। इससे पहले वहां बखेड़ा होता, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बेगमपुल चौराहे पर डिवाइडर के बीच में कूड़ा बीनने वाले के पांच परिवार रहते है। इनमें से एक डालचंद पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता है। मंगलवार दोपहर 3:30 बजे डालचंद का चार साल का बेटा करण सड़क पार रहा था। इस दौरान भैसाली अड्डे की तरफ से तेज गति में आ रही कार ने बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। बेगमपुल जैसे भीड़भाड़ इलाके में हादसा होते ही लोगों ने हंगामा करना शुरू किया था। बच्चा लहूलुहान हालत में सड़क के बीच में पड़ा था। जिस पर लोगों का गुस्सा और फूट गया। लेकिन मौके पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाल लिया। एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता के अनुसार टक्कर मारने वाली कार और आरोपी चालक की तलाश चल रही है। सीसीटीवी कैमरे की जांच की जा रही है। बच्चे के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया है।
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नहीं मिला आशियाना, डिवाइडर ही आसरा
मेरठ। बेगमपुल पर मासूम की मौत के पीछे सिस्टम भी जिम्मेदार है। डिवाइडर के बीच खाली जगह पर कूड़ा बीनने वालों के इन परिवार को एमडीए ने आशियाना बनाकर देने का वायदा किया था। लेकिन उनको कुछ नहीं मिला। गरीबी का आलम यह है कि दिन भर कूड़ा बीनना और डिवाइडर पर सो जाना उनकी नियति है। आशियाना न मिलने पर डिवाइडर का ही आसरा है।
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50 मीटर में पांच परिवार
शहर के बीचोबीच बेगमपुल पर डिवाइडर के बीच करीब 50-60 मीटर जगह बची है। जिसमें पांच परिवारों में 25 लोग रहते हैं। सिस्टम पर सवाल है कि उनके लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। यह डिवाइडर एमडीए की जगह है। एमडीए और ट्रैफिक अधिकारियों ने इन परिवारों को यहां से चाट बाजार शिफ्ट कर आशियाना दिलाने का वादा किया था। इसके लिए कैंट बोर्ड के अफसरों से भी बातचीत हुई। लेकिन न तो इस जगह का सौंदर्यीकरण हुआ और न अतिक्रमण हटा। सिस्टम की अनदेखी से यहां ये परिवार हर समय मौत के साये में रहते हैं। कई बार यहां हादसे हुए और इन परिवारों की जान बाल-बाल बची। लेकिन मंगलवार को एक मासूम जान से चला गया।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
बच्चे को टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर ने कार धीमी नहीं की और आसानी से फरार हो गया। जबकि बेगमपुल पुलिस चौकी पर कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। सवाल उठता कि पुलिस की मौजूदगी में आरोपी कैसे भाग गया। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

क्या अब जागेगा सिस्टम
इस घटना के बाद मौके पर जमा लोगों का कहना था कि अगर जिम्मेदार अधिकारी इन परिवारों को यहां से हटाकर आशियाना दिलवा दें तो ये परिवार क्यों यहां अपनी जिंदगी खतरे में डालें। सरकार के नुमाइंदे भी इस पर पहल करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने कई बार इन परिवारों को डिवाइडर से उठाने का प्रयास किया, लेकिन वहां कहां जाएंगे, यही सोचकर हाथ खींच लेती है। बच्चे की मौत के बाद सिस्टम को जगाने के लिए लोगों ने हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की।
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