फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   इमरजेंसी के 12 मॉनिटर ठप, हाथ में आई ड्रिप

इमरजेंसी के 12 मॉनिटर ठप, हाथ में आई ड्रिप

Mon, 01 Apr 2019 02:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 02:50 AM IST
विज्ञापन
इमरजेंसी के 12 मॉनिटर ठप, हाथ में आई ड्रिप
इमरजेंसी के 12 मॉनिटर ठप, हाथ में आई ड्रिप
विज्ञापन

मेरठ। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का हाल बेहाल है। सरकारी अस्पतालों पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। चिकित्सकों और कर्मचारियों को मोटी तनख्वाह मिलती है। मरीजों को इन अस्पतालों में स्ट्रेचर और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का भी अभाव है। इमरजेंसी के 12 मॉनिटर ठप हैं और तीमारदार ड्रिप हाथ में पकड़कर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह किस्सा हर रोज का है, मगर कोई सुधार नहीं है। यह हालात तब हैं जबकि इससे पहले भी यहां की लापरवाही के वीडियो और फोटो वायरल हो चुके हैं। किसी मरीज को जांच कराने केलिए प्राइवेट लैब भेज दिया जाता है तो किसी को ड्रिप लगाकर अस्पताल के बाहर एक्सरे कराने के लिए ले जाया जाता है। दवाइयां तक बाहर से लिखने के आरोप लगते हैं। ऐसी तमाम शिकायतें मिलती रहती हैं। इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
केस एक
रविवार समय : दोपहर 1:15 बजे
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीज को ऑक्सीजन दिया जा रहा है, मगर उसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। न यह पता है कि हार्ट रेट कितनी है, ऑक्सीजन सेचुरेशन और टेंपरेचर कितना है। ब्लड प्रेशर भी पता नहीं चल रहा है, क्योंकि मॉनिटर ही खराब है। इमरजेंसी में 20 मरीज हैं और 15 मॉनिटर लगे हैं। इन मॉनिटर में से 12 ठप हैं। यह हाल उस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का है, जिसके लिए कई बार दावा किया जा चुका है कि इसे एम्स जैसा बनाया जाएगा।
विज्ञापन

केस दो
शनिवार समय: दोपहर 12:33 बजे
जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग मरीज को चिकित्सक को दिखाकर वार्ड में जाना है। लेकिन न स्ट्रेचर है और न ही स्टाफ। इधर-उधर देखते हैं, मगर कहीं स्ट्रेचर नजर नहीं आता। स्टाफ को देखते हैं, मगर वह भी नदारद हैं। बुजुर्ग को खुद ही हाथ में लगी ड्रिप और यूरिन की थैली पकड़कर जाना पड़ रहा है। यह सिर्फ उदाहरण है। यहां हर रोज का इसी तरह के मामले देखने को मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल्द दुरुस्त की जाएगी व्यवस्था
मेडिकल के इमरजेंसी ऑफिसर डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि मॉनिटर सही कराने के लिए शासन को लिखा जा चुका है। जल्द ही इन्हें सही करा लिया जाएगा। दूसरी तरफ, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि अस्पताल में स्ट्रेचर की पर्याप्त सुविधा है। अब यह मरीज कैसे बिना स्ट्रेचर जा रहा है, यह जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed