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बकाया भुगतान नहीं करने वाली मिलों पर होगी एफआईआर
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- उप गन्ना आयुक्त ने सिंभावली, बुलंदशहर, बृजनाथपुर और मोदीनगर मिल को दी चेतावनी
- कहा जो मिल नहीं करेगी भुगतान उसके खिलाफ कराई जाएगी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। चुनावी साल में बढ़ते गन्ना बकाया भुगतान से सरकार को पसीना आने लगा है। शासन द्वारा बकाएदार मिलों पर सख्ती के निर्देश के बाद उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र ने बकाएदार मिलों को भुगतान करने के नोटिस भेज दिए हैं। भुगतान नहीं करने पर मिलों के खिलाफ एफआईआर कराने की चेतावनी दी गई है।
गत पेराई सत्र 2017-18 का संपूर्ण बकाया भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने सिंभावली, बृजनाथपुर, बुलंदशहर और मोदीनगर चीनी मिल को गत वर्ष का भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2018-19 का बकाया भुगतान दबाने में लगी मिलों पर सख्ती की जा रही है। परिक्षेत्र की चार मिलों पर गत पेराई सत्र का 98 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। वर्ष 2018-19 में सरकार द्वारा 10540 करोड़ रुपये सॉफ्ट लोन के रूप में दिए गए हैं और साथ ही चीनी का न्यूनतम रेट 31000 रुपये प्रति टन कर दिया है। इस योजना में दौराला, सकौती, मोहिउद्दीनपुर, नंगलामल, साबितगढ़, अगौता, रमाला, बागपत, अनूपशहर, मवाना और मलकपुर मिल के इस योजना में आने की पूरी संभावना है, लेकिन डिफाल्टर श्रेणी की सिंभावली, बृजनाथपुर, मोदीनगर, किनौनी और बुलंदशहर इस श्रेणी में नहीं आती है। इनके विरुद्ध नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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- कहा जो मिल नहीं करेगी भुगतान उसके खिलाफ कराई जाएगी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। चुनावी साल में बढ़ते गन्ना बकाया भुगतान से सरकार को पसीना आने लगा है। शासन द्वारा बकाएदार मिलों पर सख्ती के निर्देश के बाद उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र ने बकाएदार मिलों को भुगतान करने के नोटिस भेज दिए हैं। भुगतान नहीं करने पर मिलों के खिलाफ एफआईआर कराने की चेतावनी दी गई है।
गत पेराई सत्र 2017-18 का संपूर्ण बकाया भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने सिंभावली, बृजनाथपुर, बुलंदशहर और मोदीनगर चीनी मिल को गत वर्ष का भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2018-19 का बकाया भुगतान दबाने में लगी मिलों पर सख्ती की जा रही है। परिक्षेत्र की चार मिलों पर गत पेराई सत्र का 98 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। वर्ष 2018-19 में सरकार द्वारा 10540 करोड़ रुपये सॉफ्ट लोन के रूप में दिए गए हैं और साथ ही चीनी का न्यूनतम रेट 31000 रुपये प्रति टन कर दिया है। इस योजना में दौराला, सकौती, मोहिउद्दीनपुर, नंगलामल, साबितगढ़, अगौता, रमाला, बागपत, अनूपशहर, मवाना और मलकपुर मिल के इस योजना में आने की पूरी संभावना है, लेकिन डिफाल्टर श्रेणी की सिंभावली, बृजनाथपुर, मोदीनगर, किनौनी और बुलंदशहर इस श्रेणी में नहीं आती है। इनके विरुद्ध नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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