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भाजपा सरकार ही बंद करा सकती है इस मीट प्लांटों को
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पर्यावरण सुधार समिति की अतराड़ा में जनसभा का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। हापुड़ रोड पर अवैध बूचड़खाने बंद कराने एवं काली नदी की सफाई कराकर उसमें साफ-सुथरा पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर पर्यावरण सुधार समिति द्वारा पूरे जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत समिति द्वारा जगह-जगह जनसभाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को गांव अतराड़ा में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने बताया कि इस सरकार में ही अवैध मीट प्लांट को बंद कराया जा सकता है।
हापुड़ रोड पर मीट फैक्टरियों से निकलने वाला पानी जमीन में उतारा जा रहा है। इससे क्षेत्र का भूजल दूषित हो रहा है। इसके पीने से बीमारियां फैल रही हैं। काली नदी किनारे स्थित गांवों में दूषित पानी से फैल रहीं बीमारियों के चलते ग्रामीणों की मौत हो रही हैं। इससे बचाव एवं जागरूकता को लेकर पर्यावरण सुधार समिति ने जिलाधिकारी से इन फैक्टरियों के संचालन को बंद कराने की मांग की थी। हालांकि डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। समिति ने इस बारे में लोगों को जागरूक कर बचाव की जानकारी दी। वहीं, मीट फैक्टरियों को बंद कराने में सहयोग की अपील कर रहे हैं। मेरठ के जिमखाना मैदान में तीन फरवरी को आहूत जनसभा के लिए लोगों से अपील कर रहे हैं। इसको सफल बनाने के लिए समिति द्वारा जगह-जगह जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। गांव अतराड़ा में भी बृहस्पतिवार को जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि हापुड़ रोड पर गांव अल्लीपुर के आसपास व्यापारियों ने मीट मंडी बना दी है। यहां मीट प्लांट, रैंडरिंग प्लांट, मुर्गी दाना प्लांट व मीट से संबंधित करीब दो दर्जन फैक्टरियां संचालित हैं। इनमें मीट की धुलाई के लिए प्रयोग होने वाला पानी दूषित हो जाता है। इसके लिए प्रत्येक फैक्ट्री में ईटीपी लगा हुआ है। किसी भी फैक्ट्री का ईटीपी चालू नहीं है। वहीं, इन फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। तीन वर्ष पहले सभी फैक्टरियां दूषित पानी को सड़क किनारे बने नाले में छोड़ रही थीं। इस पानी की निकासी नहीं होने से नाले ओवर फ्लो हो जाने से गंदा पानी सड़क के दोनों ओर फैल गया था। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो मीट फैक्टरियों ने पानी को जमीन में उतारना शुरू कर दिया। जिससे भूजल दूषित हो गया। इससे क्षेत्र में फैल रही कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों से लोगों की जान जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की मौजूदा सरकार ही इन मीट फैक्टरियों को बंद करा सकती हैं। अन्य पार्टियों की सरकारों ने इन मीट व्यापारियों को गले लगाया है। वहीं, समिति के शक्ति मोहन ने बताया कि हम लोग यदि संगठित हो जाएं तथा आवाज को इतनी बुलंद करें कि जनता की आवाज मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक जाए। इस मौके पर देवेंद्र शर्मा, राजवीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, कालू पंडित, राजेश्वर छतरी, श्रवण कुमार, ब्रिजेश त्यागी, राजेंद्र, रिंकू प्रधान, जितेंद्र त्यागी, राम अवतार, धीरज त्यागी, दुष्यंत त्यागी, रामनिवास त्यागी, आदेश त्यागी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में डांस का विरोध
उक्त कार्यक्रम अतराड़ा के शिव मंदिर परिसर में प्रस्तावित किया जाना था। इसमें भीड़ जुटाने के लिए महिला कलाकारों से डांस कराया जाना था। ग्रामीणों ने पुलिस से इसकी शिकायत की। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बिना अनुमति मंदिर परिसर में किए जा रहे इस कार्यक्रम का हटवा दिया। हालांकि बाद में आयोजकों ने यह कार्यक्रम पुलिस चौकी के पीछे किया।
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ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची टीम ने मंदिर परिसर में बनी स्टेज को हटवा दिया। वहीं, बिना अनुमति के किए जा रहे कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। वहीं, कार्यक्रम के आयोजक को नोटिस भी दिया गया। इस बाबत जीडी में तस्करा भी डाल दिया है। -राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर खरखौदा
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। हापुड़ रोड पर अवैध बूचड़खाने बंद कराने एवं काली नदी की सफाई कराकर उसमें साफ-सुथरा पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर पर्यावरण सुधार समिति द्वारा पूरे जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत समिति द्वारा जगह-जगह जनसभाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को गांव अतराड़ा में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने बताया कि इस सरकार में ही अवैध मीट प्लांट को बंद कराया जा सकता है।
हापुड़ रोड पर मीट फैक्टरियों से निकलने वाला पानी जमीन में उतारा जा रहा है। इससे क्षेत्र का भूजल दूषित हो रहा है। इसके पीने से बीमारियां फैल रही हैं। काली नदी किनारे स्थित गांवों में दूषित पानी से फैल रहीं बीमारियों के चलते ग्रामीणों की मौत हो रही हैं। इससे बचाव एवं जागरूकता को लेकर पर्यावरण सुधार समिति ने जिलाधिकारी से इन फैक्टरियों के संचालन को बंद कराने की मांग की थी। हालांकि डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। समिति ने इस बारे में लोगों को जागरूक कर बचाव की जानकारी दी। वहीं, मीट फैक्टरियों को बंद कराने में सहयोग की अपील कर रहे हैं। मेरठ के जिमखाना मैदान में तीन फरवरी को आहूत जनसभा के लिए लोगों से अपील कर रहे हैं। इसको सफल बनाने के लिए समिति द्वारा जगह-जगह जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। गांव अतराड़ा में भी बृहस्पतिवार को जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि हापुड़ रोड पर गांव अल्लीपुर के आसपास व्यापारियों ने मीट मंडी बना दी है। यहां मीट प्लांट, रैंडरिंग प्लांट, मुर्गी दाना प्लांट व मीट से संबंधित करीब दो दर्जन फैक्टरियां संचालित हैं। इनमें मीट की धुलाई के लिए प्रयोग होने वाला पानी दूषित हो जाता है। इसके लिए प्रत्येक फैक्ट्री में ईटीपी लगा हुआ है। किसी भी फैक्ट्री का ईटीपी चालू नहीं है। वहीं, इन फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। तीन वर्ष पहले सभी फैक्टरियां दूषित पानी को सड़क किनारे बने नाले में छोड़ रही थीं। इस पानी की निकासी नहीं होने से नाले ओवर फ्लो हो जाने से गंदा पानी सड़क के दोनों ओर फैल गया था। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो मीट फैक्टरियों ने पानी को जमीन में उतारना शुरू कर दिया। जिससे भूजल दूषित हो गया। इससे क्षेत्र में फैल रही कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों से लोगों की जान जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की मौजूदा सरकार ही इन मीट फैक्टरियों को बंद करा सकती हैं। अन्य पार्टियों की सरकारों ने इन मीट व्यापारियों को गले लगाया है। वहीं, समिति के शक्ति मोहन ने बताया कि हम लोग यदि संगठित हो जाएं तथा आवाज को इतनी बुलंद करें कि जनता की आवाज मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक जाए। इस मौके पर देवेंद्र शर्मा, राजवीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, कालू पंडित, राजेश्वर छतरी, श्रवण कुमार, ब्रिजेश त्यागी, राजेंद्र, रिंकू प्रधान, जितेंद्र त्यागी, राम अवतार, धीरज त्यागी, दुष्यंत त्यागी, रामनिवास त्यागी, आदेश त्यागी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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मंदिर परिसर में डांस का विरोध
उक्त कार्यक्रम अतराड़ा के शिव मंदिर परिसर में प्रस्तावित किया जाना था। इसमें भीड़ जुटाने के लिए महिला कलाकारों से डांस कराया जाना था। ग्रामीणों ने पुलिस से इसकी शिकायत की। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बिना अनुमति मंदिर परिसर में किए जा रहे इस कार्यक्रम का हटवा दिया। हालांकि बाद में आयोजकों ने यह कार्यक्रम पुलिस चौकी के पीछे किया।
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ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची टीम ने मंदिर परिसर में बनी स्टेज को हटवा दिया। वहीं, बिना अनुमति के किए जा रहे कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। वहीं, कार्यक्रम के आयोजक को नोटिस भी दिया गया। इस बाबत जीडी में तस्करा भी डाल दिया है। -राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर खरखौदा