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आज कानपुर चिड़ियाघर जाएगा दुर्लभ गोबर गिद्घ
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:40 AM IST
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मेरठ। चाइनीज मांझे में उलझकर घायल हुए दुर्लभ गोबर गिद्ध (इजिप्शियन, स्केविन्जर वल्चर) को आज वन विभाग की गाड़ी से कानपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा।
मंगलवार को जीटीबी स्कूल के प्रांगण में एक गिद्ध चाइनीज मांझे में उलझकर जख्मी हो गया था। स्कूल के प्रधानाचार्य की सूचना पर एनिमल केयर सोसायटी के अंशुमाली वशिष्ठ इस गिद्ध को अपने घर ले गए थे। रात में इसके गोबर गिद्ध (इजिप्शियन-स्केविन्जर वल्चर) होने की जानकारी मिलने पर डीएफओ ने इस गिद्ध को कब्जे में ले लिया था। बुधवार सुबह वाइल्ड लाइफ की टीम गोबर गिद्ध को वन विभाग के ऑफिस लेकर पहुंची। डीएफओ अदिति शर्मा ने गोबर गिद्ध का उपचार कराया। इसके बाद टीम ने उसके लिए मांस की व्यवस्था की। डीएफओ ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस दुर्लभ पक्षी को कानपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। पूरी तरह से ठीक होने तक इसको वहीं पर रखा जाना जरूरी है। सीनियर ओनिथोलोजिस्ट रजत भार्गव का कहना है कि वन विभाग की मुहिम से इस बेहद दुर्लभ प्रजाति के विलुप्तप्राय गिद्ध को बचा लिया गया, नहीं तो उसकी जान भी जा सकती थी।
मेरठ में हो सकते हैं दूसरे पक्षी
दुनिया में गिद्ध की आठ प्रजातियां हैं। गिद्ध सभी देशों से लुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में मेरठ में इजिप्शियन-स्केविन्जर वल्चर के मिलने से वन विभाग के अफसर खुश हैं। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि टीमों को लगाया जा रहा है। क्योंकि जिस तरह से ‘स्केविन्जर वल्चर’ समूह में चलते हैं, उससे माना जा रहा है कि इसके दूसरे साथी मेरठ में ही हो सकते हैं। इसको लेकर वन विभाग काफी उत्साहित है। बता दें कि गोबर गिद्ध के नाम से जाना जाने वाला इजिप्शियन, स्केविन्जर वल्चर दुनिया की बेहद दुर्लभ प्रजाति में आता है।
- चाइनीज मांझे से जख्मी हुआ था मंगलवार को यह बेहद दुर्लभ विलुप्तप्राय गिद्ध
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मंगलवार को जीटीबी स्कूल के प्रांगण में एक गिद्ध चाइनीज मांझे में उलझकर जख्मी हो गया था। स्कूल के प्रधानाचार्य की सूचना पर एनिमल केयर सोसायटी के अंशुमाली वशिष्ठ इस गिद्ध को अपने घर ले गए थे। रात में इसके गोबर गिद्ध (इजिप्शियन-स्केविन्जर वल्चर) होने की जानकारी मिलने पर डीएफओ ने इस गिद्ध को कब्जे में ले लिया था। बुधवार सुबह वाइल्ड लाइफ की टीम गोबर गिद्ध को वन विभाग के ऑफिस लेकर पहुंची। डीएफओ अदिति शर्मा ने गोबर गिद्ध का उपचार कराया। इसके बाद टीम ने उसके लिए मांस की व्यवस्था की। डीएफओ ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस दुर्लभ पक्षी को कानपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। पूरी तरह से ठीक होने तक इसको वहीं पर रखा जाना जरूरी है। सीनियर ओनिथोलोजिस्ट रजत भार्गव का कहना है कि वन विभाग की मुहिम से इस बेहद दुर्लभ प्रजाति के विलुप्तप्राय गिद्ध को बचा लिया गया, नहीं तो उसकी जान भी जा सकती थी।
मेरठ में हो सकते हैं दूसरे पक्षी
दुनिया में गिद्ध की आठ प्रजातियां हैं। गिद्ध सभी देशों से लुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में मेरठ में इजिप्शियन-स्केविन्जर वल्चर के मिलने से वन विभाग के अफसर खुश हैं। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि टीमों को लगाया जा रहा है। क्योंकि जिस तरह से ‘स्केविन्जर वल्चर’ समूह में चलते हैं, उससे माना जा रहा है कि इसके दूसरे साथी मेरठ में ही हो सकते हैं। इसको लेकर वन विभाग काफी उत्साहित है। बता दें कि गोबर गिद्ध के नाम से जाना जाने वाला इजिप्शियन, स्केविन्जर वल्चर दुनिया की बेहद दुर्लभ प्रजाति में आता है।
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- चाइनीज मांझे से जख्मी हुआ था मंगलवार को यह बेहद दुर्लभ विलुप्तप्राय गिद्ध