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चुनाव में नगर निगम का भर गया खजाना
Updated Sun, 12 Nov 2017 02:10 AM IST
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चुनावों में नगर निगम का भर गया खजाना
मेरठ। चुनाव में नगर निगम का खजाना भर गया है। पिछले काफी समय से हाउस टैक्स और पानी के टैक्स को नहीं देने वाले लोग, जो अब चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। उन्होंने नगर निगम में टैक्स जमा करके निगम खजाने को भरने का काम किया है। एक सप्ताह के भीतर नगर निगम को 10 लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई है।
नगर निगम के महापौर और पार्षद प्रत्याशी को नगर निगम से हाउस टैक्स, पानी टैक्स बकाए का नोड्यूज लेना पड़ता है। पिछले 15 दिन नगर निगम में लोगों ने नोड्यूज के लिए आवेदन किए। निगम प्रशासन ने पहले सभी आवेदकों से बकाया हाउस और पानी टैक्स जमा कराया। इस दौरान कई लोग ऐसे भी सामने आए जो पिछले कई साल से हाउस टैक्स और पानी का टैक्स जमा ही नहीं कर रहे थे। इतना ही नहीं ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जिनके भवन तो 500 वर्ग गज में बने हैं लेकिन हाउस टैक्स 50 रुपये ही लगा है। ऐसे भवन स्वामी भी नगर निगम प्रशासन की निगाह में आ गए हैं। ऐसे सभी भवनों को चिह्नित किया गया गया है। सभी भवनों के टैक्स बढ़ाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम से नोड्यूज लेने वालों की संख्या लगभग 800 पहुंच गई। नगर निगम चीफ टैक्स अधिकारी असीम रंजन का कहना है कि नगर निगम को इस दौरान लगभग दस लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई है।
खास बात
प्रत्याशियों ने नोड्यूज के बदले जमा किया टैक्स, निगम को एक सप्ताह में मिले 10 लाख रुपये
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मेरठ। चुनाव में नगर निगम का खजाना भर गया है। पिछले काफी समय से हाउस टैक्स और पानी के टैक्स को नहीं देने वाले लोग, जो अब चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। उन्होंने नगर निगम में टैक्स जमा करके निगम खजाने को भरने का काम किया है। एक सप्ताह के भीतर नगर निगम को 10 लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई है।
नगर निगम के महापौर और पार्षद प्रत्याशी को नगर निगम से हाउस टैक्स, पानी टैक्स बकाए का नोड्यूज लेना पड़ता है। पिछले 15 दिन नगर निगम में लोगों ने नोड्यूज के लिए आवेदन किए। निगम प्रशासन ने पहले सभी आवेदकों से बकाया हाउस और पानी टैक्स जमा कराया। इस दौरान कई लोग ऐसे भी सामने आए जो पिछले कई साल से हाउस टैक्स और पानी का टैक्स जमा ही नहीं कर रहे थे। इतना ही नहीं ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जिनके भवन तो 500 वर्ग गज में बने हैं लेकिन हाउस टैक्स 50 रुपये ही लगा है। ऐसे भवन स्वामी भी नगर निगम प्रशासन की निगाह में आ गए हैं। ऐसे सभी भवनों को चिह्नित किया गया गया है। सभी भवनों के टैक्स बढ़ाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम से नोड्यूज लेने वालों की संख्या लगभग 800 पहुंच गई। नगर निगम चीफ टैक्स अधिकारी असीम रंजन का कहना है कि नगर निगम को इस दौरान लगभग दस लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई है।
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खास बात
प्रत्याशियों ने नोड्यूज के बदले जमा किया टैक्स, निगम को एक सप्ताह में मिले 10 लाख रुपये