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मेडिकल कॉलेज को केजीएमयू से संबद्ध करने की कवायद
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:07 PM IST
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मेडिकल कॉलेज को केजीएमयू से संबद्ध करने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज को लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से संबद्ध करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से तीन बिंदुओं पर आख्या मांगी है।
मेरठ केअलावा छह अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों को केजीएमयू से संबद्ध किए जाने की कवायद है। इनमें कानपुर, आगरा, गोरखपुर, झांसी, अंबेडकर नगर और सहारनपुर शामिल हैं। इनके प्राचार्यों को भी पत्र भेजा गया है। मेरठ मेडिकल कॉलेज केकार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि केजीएमयू से संबद्ध होने पर मेडिकल कॉलेज में भी उसी की तरह की सुविधाएं मिलने लगेंगी। साथ ही स्टाफ और बजट में भी बढ़ोतरी होगी। डिग्री चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की जगह केजीएमयू की मिलेगी। पेपर भी एक ही होंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य के प्रस्ताव पर हुई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी (एमबीबीएस) और पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कई राजकीय विश्वविद्यालय पहले ही केजीएमयू से संबद्ध हो चुके हैं।
इन बिंदुओं पर मांगी आख्या
- मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य या विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर हुई है?
- क्या मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी/पीजी सीटों पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
- क्या इस संबंध में संबंधित विश्वविद्यालय की काउंसिल द्वारा प्रस्ताव पारित कर दिया गया है?
प्रमुख बातें===
मेरठ समेत सात राजकीय मेडिकल कॉलेज से तीन बिंदुओं पर मांगी आख्या
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने लिखा पत्र, संबद्ध होने पर बढ़ेंगी सुविधाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज को लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से संबद्ध करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से तीन बिंदुओं पर आख्या मांगी है।
मेरठ केअलावा छह अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों को केजीएमयू से संबद्ध किए जाने की कवायद है। इनमें कानपुर, आगरा, गोरखपुर, झांसी, अंबेडकर नगर और सहारनपुर शामिल हैं। इनके प्राचार्यों को भी पत्र भेजा गया है। मेरठ मेडिकल कॉलेज केकार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि केजीएमयू से संबद्ध होने पर मेडिकल कॉलेज में भी उसी की तरह की सुविधाएं मिलने लगेंगी। साथ ही स्टाफ और बजट में भी बढ़ोतरी होगी। डिग्री चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की जगह केजीएमयू की मिलेगी। पेपर भी एक ही होंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य के प्रस्ताव पर हुई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी (एमबीबीएस) और पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कई राजकीय विश्वविद्यालय पहले ही केजीएमयू से संबद्ध हो चुके हैं।
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इन बिंदुओं पर मांगी आख्या
- मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य या विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर हुई है?
- क्या मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी/पीजी सीटों पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
- क्या इस संबंध में संबंधित विश्वविद्यालय की काउंसिल द्वारा प्रस्ताव पारित कर दिया गया है?
प्रमुख बातें===
मेरठ समेत सात राजकीय मेडिकल कॉलेज से तीन बिंदुओं पर मांगी आख्या
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने लिखा पत्र, संबद्ध होने पर बढ़ेंगी सुविधाएं