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Meerut News: 400 ने कराई जांच, 18 ने लिया नेत्रदान का संकल्प

Mon, 20 Mar 2023 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2023 01:48 AM IST
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400 got the test done, 18 took the pledge of eye donation
मेरठ। अमर उजाला फाउंडेशन, ओम अन्नपूर्णा संस्था, वर्धमान चैरिटेबल ट्रस्ट और रोटरी क्लब स्वाभिमान की ओर से रविवार को जैन बोर्डिंग हाउस वर्धमान एकेडमी में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 400 लोगों को परामर्श दिया गया। 60 लोगों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अस्पताल भेजा गया। कार्यक्रम में 165 लोगों को चश्मे वितरित किए गए।
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समाजसेवी मनीष शारदा, अतुल जैन, धम्मो जैन, प्रदीप जैन ने शिविर का शुभारंभ किया। ओम अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष पायल जैन ने बताया कि शिविर सफल रहा। ऑपरेशन के लिए चिह्नित किए गए मरीजों को बस से बागपत अस्पताल में ऑपरेशन के लिए भेजा गया। उनके रहने, खाने और दवा की व्यवस्था की गई। एडीके जैन नेत्र अस्पताल खेकड़ा के चिकित्सक डॉ. आशीष आर्य, डॉ. आजाद, डॉ. संजय, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. अशोक कुमार की टीम ने मरीजों की आंखों की जांच की। इस दौरान राहुल जैन, सचिन अग्रवाल, वीरेंद्र जैन, आदित्य, वैभव, अंजलि, राहुल, पूजा अग्रवाल मौजूद रहे।
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18 नेत्रदान कर बने महादानी
शिविर में ईश पुत्र विश्व मानव धर्म एवं सांस्कृतिक पुर्नउत्थान संघ के सदस्यों ने नेत्रदान करने वाले लोगों को कार्ड और प्रतीक चिह्न दिए। लिसाड़ी निवासी सिराजुद्दीन, शाक्यपुरी निवासी नरेंद्र कुमार, रेलवे रोड निवासी मुकेश, प्रताप विहार निवासी रविंद्र कुमार और उनकी पत्नी राज ने नेत्रदान किया। आयोजक पायल जैन ने नेत्रदान का संकल्प दिलाया। ब्रजभूषण अग्रवाल, प्रदीप गर्ग पराग, नगीन गुप्ता, उमेश गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, प्रतिमा गुप्ता का योगदान रहा।
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क्लीयर विजन ने बांटे ब्लू कट वॉयलेट रेज चश्मे
शिविर में नई दिल्ली से आए क्लीयर विजन कंपनी के पंकज सुराना की टीम ने लोगों को ब्लू कट यूवी लेंस के चश्मे निशुल्क वितरित किए। पंकज सुराना ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एवं फैमिली वेलफेयर के आंकड़ों के अनुसार 60 प्रतिशत बच्चे नेत्र संबंधित रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हैं कि टीवी, एलईडी, मोबाइल से निकलने वाली किरणें आंखों को प्रभावित कर रही हैं। ब्लू कट वॉयलेट चश्मे आंखों को सुरक्षित रखते हैं।

यह बोले शिविर में आए लोग
जीवन शैली बिगड़ गई
आंखों के इलाज के लिए पैसा नहीं हैं। संपूर्ण जीवन शैली बिगड़ गई। कोई कार्य नहीं हो पाता हैं। संस्था के सहयोग से अब ऑपरेशन संभव हुआ है। - त्रिलोकी निवासी गौरीपुरा

मोतियाबिंद से कम हुई रोशनी
काफी समय से मोतियाबिंद की समस्या से ग्रस्त हूं। आंख से देख भी नहीं पाता हूं। शिविर के माध्यम से आंखों का इलाज संभव हो पाया है। - बहादुर, निवासी मुल्ताननगर
दूसरी बार शिविर में इलाज कराया
इससे पहले नेत्र जांच शिविर में बाईं आंख का ऑपरेशन हुआ। इस बार दाई आंख का ऑपरेशन कराया। ऐसे आयोजनों से जरूरतमंद को मदद मिलती है।
- जगमोहन निवासी सदर
अमर उजाला का कार्य सराहनीय
अखबार में शिविर के संबंध में पढ़ा। अमर उजाला और ओम अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट की मदद से अपनी आंखों से देख पाऊंगा। कार्य सराहनीय है।
- अजीत सिंह निवासी भगवतपुरा
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