फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   394 degrees were found to be fake in 81 days in CCSU at Meerut

बड़ा मामला: CCSU में 394 डिग्रियां निकलीं फर्जी, 100 से ज्यादा नौकरी करने वाले, जांच में हर रोज बढ़ रहा आंकड़ा

Fri, 22 Mar 2024 12:11 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 22 Mar 2024 12:11 AM IST
सार

CCSU News : सीसीएसयू में जांच के लिए आईं करीब दो हजार डिग्रियों में 394 फर्जी निकलीं। इनमें 100 से ज्यादा फर्जी डिग्री वाले सरकारी व प्राइवेट नौकरी करते हैं। वहीं, फर्जी डिग्री मिलने का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

विज्ञापन
394 degrees were found to be fake in 81 days in CCSU at Meerut
फर्जी डिग्री मामला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में 81 दिनों में चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) में जांच के लिए करीब दो हजार डिग्रियां आईं, जिनमें से सरकारी व प्राइवेट नौकरी पाने वाले 124 लोगों की डिग्री फर्जी निकलीं। 270 से ज्यादा लोगों ने जनसूचना अधिकार व डाक भेजकर डिग्रियों का सत्यापन कराया, इनका भी रिकॉर्ड विवि में नहीं मिला।

विज्ञापन

सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अभी तक सरकारी विभाग नौकरी प्राप्त करने वालों का सत्यापन कराते थे, लेकिन अब प्राइवेट नौकरी देने वाले संस्थान भी सत्यापन करा रहे हैं। इस कारण इनका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गोपनीय विभाग के अनुसार जनवरी से अभी तक करीब दो हजार डिग्री जांच के लिए आ चुकी हैं, जिनमें से 394 से ज्यादा फर्जी निकली हैं।

विज्ञापन

ओड़िसा के छतरपुर जिले के एसएसपी ने सरकारी नौकरी पाने वाली सुधा रानी व अरुणा की एमएसडब्ल्यू की डिग्री भेजी हैं, जो जांच में फर्जी निकली। बंगलूरु पुलिस ने डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्निकल एजुकेशन में सरकारी नौकरी पाने वाली नगाना गौड़ा, देवेंद्र व सचिन कुमार की डिप्लोमा इन लाइब्रेरी साइंस की डिग्री जांच के लिए भेजी। विवि ने डिग्री फर्जी होने की रिपोर्ट भेज दी है। इसकी वजह विवि में डिप्लोमा इन लाइब्रेरी साइंस का पाठ्यक्रम संचालित नहीं होता है। ज्योतिश्री ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी हासिल की है। जब सीसीएसयू ने राजनीति विज्ञान में 2019 में मिली पीएचडी की डिग्री का रिकॉर्ड से मिलान किया तो ज्योतिश्री के नाम की कोई डिग्री नहीं मिली। विवि के गोपनीय विभाग ने जांच करके अपनी रिपोर्ट भेज दी है।

बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकरण के लिए आई राघव की एलएलबी व बीसीए की डिग्री जांच के लिए भेजी, जो फर्जी निकली। बार काउंसिल ऑफ चंडीगढ़ ने वर्ष 2002 में जारी एलएलबी की डिग्री सत्यापन को भेजी है, वह भी फर्जी निकली है। करम पब्लिक स्कूल की तरफ से एक युवती की बीएड की डिग्री जांच के लिए भेजी है, इसका भी रिकॉर्ड विवि में नहीं मिला है। वहीं, गलत तरीके से डिग्री बनवाने वाले सत्यता जानने के लिए जनसूचना अधिकार और डाक के माध्यम से पत्र भेजकर अपनी-अपनी डिग्रियों की जांच करवा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: फ्लैशबैक: भूमि दान कर चर्चा में आए, देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे वीपी सिंह, मुजफ्फरनगर से खोला था मोर्चा

विज्ञापन

संस्थान को दे देते हैं रिपोर्ट
कुलसचिव धीरेंद्र कुमार ने बताया कि विवि में सत्यापन के लिए सरकारी व प्राइवेट संस्थान डिग्री भेजते हैं। विवि जांच करके संबंधित को रिपोर्ट भेज देता है। इन मामलों में कार्रवाई करने का अधिकारी नियुक्ति करने वाले विभाग व संस्थान का है।

यह भी पढ़ें: BJP का नया दांव: इन दो सीट से नए चेहरों को मैदान में उतारने की योजना, मेरठ से अरुण गोविल की दावेदारी पक्की

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed