{"_id":"697253fd88a64dac3b097f3c","slug":"3320-lakh-fraud-in-the-name-of-grant-to-ngo-meerut-news-c-72-1-mct1010-147657-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: एनजीओ को अनुदान दिलाने के नाम पर 33.20 लाख की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: एनजीओ को अनुदान दिलाने के नाम पर 33.20 लाख की धोखाधड़ी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पांडवनगर निवासी एक युवक को दिल्ली निवासी दो युवकों ने एनजीओ पंजीकृत कराने व केंद्र सरकार से अनुदान दिलाने के नाम पर 33.20 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पांडवनगर निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि दोस्त कर्णेश शर्मा के साथ उनकी मुलाकात एक साल पहले जावेद अहमद सिद्दकी से हुई थी। उसने खुद को अल फलाह विवि फरीदाबाद का मालिक बताया था। छह माह पहले जावेद अहमद ने मिलने के लिए सूर्य होटल ओखला दिल्ली बुलाया। फरीदाबाद निवासी डा. टीना ने उन्हें ट्रस्ट बनाकर अपनी एनजीओ से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से उनकी ट्रस्ट को समाज के लिए अनुदान दिलाने का झांसा दिया। उनसे इसके लिए 33.20 लाख रुपये देने को कहा। अक्षय ने बताया कि जावेद व टीना के झांसे में आर उसने 16 सितंबर 25 से 10 नवंबर 25 तक 33.20 लाख रुपया बताए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद वह अनुदान दिलाने को लगातार फोन करते रहे लेकिन दोनों आरोपी बहाना बनाकर उसे बहलाते रहे। उन्होंने अलफलाह विवि जाकर जानकारी की तो पता चला विवि का कोई मालिक जावेद सिद्दकी नहीं है। आरोपी का नाम मुकीम खान है। अक्षय की शिकायत पर एसएसपी ने पूरे मामले की जांच कराने के बाद थाना सिविल लाइंस को प्राथमिकी दर्ज कर ली है। संवाद
विज्ञापन
मेरठ। पांडवनगर निवासी एक युवक को दिल्ली निवासी दो युवकों ने एनजीओ पंजीकृत कराने व केंद्र सरकार से अनुदान दिलाने के नाम पर 33.20 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पांडवनगर निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि दोस्त कर्णेश शर्मा के साथ उनकी मुलाकात एक साल पहले जावेद अहमद सिद्दकी से हुई थी। उसने खुद को अल फलाह विवि फरीदाबाद का मालिक बताया था। छह माह पहले जावेद अहमद ने मिलने के लिए सूर्य होटल ओखला दिल्ली बुलाया। फरीदाबाद निवासी डा. टीना ने उन्हें ट्रस्ट बनाकर अपनी एनजीओ से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से उनकी ट्रस्ट को समाज के लिए अनुदान दिलाने का झांसा दिया। उनसे इसके लिए 33.20 लाख रुपये देने को कहा। अक्षय ने बताया कि जावेद व टीना के झांसे में आर उसने 16 सितंबर 25 से 10 नवंबर 25 तक 33.20 लाख रुपया बताए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद वह अनुदान दिलाने को लगातार फोन करते रहे लेकिन दोनों आरोपी बहाना बनाकर उसे बहलाते रहे। उन्होंने अलफलाह विवि जाकर जानकारी की तो पता चला विवि का कोई मालिक जावेद सिद्दकी नहीं है। आरोपी का नाम मुकीम खान है। अक्षय की शिकायत पर एसएसपी ने पूरे मामले की जांच कराने के बाद थाना सिविल लाइंस को प्राथमिकी दर्ज कर ली है। संवाद
विज्ञापन