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झिंझाड़पुर नहर पटरी निर्माण का पटाक्षेप
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झिंझाड़पुर नहर पटरी निर्माण का पटाक्षेप
मवाना/फलावदा। ग्राम झिंझाड़पुर में सड़क निर्माण को लेकर चले आ रहे विवाद का एसडीएम व तहसीलदार ने पटाक्षेप करा दिया। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अब जल्द ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया जायेगा।
बताते चलें कि झिंझाड़पुर नहर पटरी के किनारे किसानों के खेतों से मिट्टी उठाने को लेकर ठेकेदार से विवाद हो गया था। इसके बाद अवर अभियंता ने किसानों पर अभद्रता व मारपीट करने का फलावदा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इससे क्षुब्ध किसानों ने निर्माण रुकवा दिया। इसकी शिकायत डीएम व एसपी देहात से की थी। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के दखल देने के चलते मामला बिगड़ा था। हालांकि अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और बुधवार को किसानों एवं अधिकारियों के बीच वार्ता कराई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने की। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, तहसीलदार अशोक गुप्ता ने किसानों व अधिकारियों का पक्ष जाना। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर व एक मीटर चौड़ाई पटरी की रखने पर सहमति बनी। साथ ही किसानों ने सड़क के सहारे से 0.60 मीटर चौड़ाई व 0.60 मीटर गहराई में अधिकतम खेत से मिट्टी उठाने पर सहमति जता दी। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद निपट गया। किसानों ने अधिकारियों से मुकदमा वापस लिए जाने की मांग रखी। जिस पर अधिकारियों ने सहमति जताई। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों ने बैठक के दौरान अपनी-अपनी सहमति जता दी है। अब किसी तरह का विवाद नहीं है। जल्द ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा तथा किसानों पर दर्ज मुकदमा भी वापस लिया जाएगा। बैठक में योगेंद्र, जितेंद्र, जहीरुद्दीन, मुस्तकीम, सलीम, गौरव, भोपाल, रामजीलाल आदि मौजूद रहे।
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मवाना/फलावदा। ग्राम झिंझाड़पुर में सड़क निर्माण को लेकर चले आ रहे विवाद का एसडीएम व तहसीलदार ने पटाक्षेप करा दिया। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अब जल्द ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया जायेगा।
बताते चलें कि झिंझाड़पुर नहर पटरी के किनारे किसानों के खेतों से मिट्टी उठाने को लेकर ठेकेदार से विवाद हो गया था। इसके बाद अवर अभियंता ने किसानों पर अभद्रता व मारपीट करने का फलावदा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इससे क्षुब्ध किसानों ने निर्माण रुकवा दिया। इसकी शिकायत डीएम व एसपी देहात से की थी। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के दखल देने के चलते मामला बिगड़ा था। हालांकि अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और बुधवार को किसानों एवं अधिकारियों के बीच वार्ता कराई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने की। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, तहसीलदार अशोक गुप्ता ने किसानों व अधिकारियों का पक्ष जाना। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर व एक मीटर चौड़ाई पटरी की रखने पर सहमति बनी। साथ ही किसानों ने सड़क के सहारे से 0.60 मीटर चौड़ाई व 0.60 मीटर गहराई में अधिकतम खेत से मिट्टी उठाने पर सहमति जता दी। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद निपट गया। किसानों ने अधिकारियों से मुकदमा वापस लिए जाने की मांग रखी। जिस पर अधिकारियों ने सहमति जताई। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों ने बैठक के दौरान अपनी-अपनी सहमति जता दी है। अब किसी तरह का विवाद नहीं है। जल्द ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा तथा किसानों पर दर्ज मुकदमा भी वापस लिया जाएगा। बैठक में योगेंद्र, जितेंद्र, जहीरुद्दीन, मुस्तकीम, सलीम, गौरव, भोपाल, रामजीलाल आदि मौजूद रहे।
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