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निगम में बेहोश हो गया ठेकेदार, अस्पताल पहुंचा
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भुगतान न मिलने पर निगम में ही बेहोश हो गया ठेकेदार
- ठेकेदार को केएमसी में भर्ती कराया
- नगर निगम का खजाना खाली, फिर भी अधिकारी करा रहे हैं विकास कार्य
- ठेकेदार ने लगाए आरोप, निगम अधिकारी नहीं कर रहे भुगतान
मेरठ। नगर निगम का खजाना खाली होने के बाद भी अधिकारी ठेकेदारों से कार्य कराते रहे। अब ठेकेदारों ने भुगतान की मांग कर रहे हैं तो अफसर खजाना खाली होने और फाइल गायब होने की बात कह रहे हैं। इसी के चलते सोमवार को एक ठेकेदार नगर निगम में बेहोश हो गया। अन्य ठेकेदार और पार्षदों ने ठेकेदार को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। ठेकेदार ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।
ठेकेदार राकेश गौड़ संघ के कार्यकर्ता हैं। सोमवार को दोपहर लगभग दो बजे वह अपने साथ पार्षद राजीव काले को लेकर नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में पहुंचा। राकेश ने एफसी से गोशाला में किए कार्य के बिल का भुगतान करने की मांग की। जिसपर एफसी संतोष शर्मा ने नगर निगम खजाने में धन न होने और फाइलों पर नगरायुक्त की संस्तुति न होने की बात कही। यह सुनकर ठेकेदार राकेश बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। अन्य लोगों ने बेहोशी की हालत में ठेकेदार को बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। ठेकेदार ने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनसे गोशाला में काम कराया गया, लेकिन भुगतान मांगने पर फाइलें गायब कर दी गयी हैं। भुगतान न मिलने के कारण परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। ठेकेदार ने नगरायुक्त पर चहेते ठेकेदार को काम देने के भी आरोप लगाए हैं।
इस संबंध में नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन से भी संपर्क नहीं हो पाया। उधर एफसी संतोष शर्मा का कहना है कि पिछले दो माह से वह निगम में खजाने की स्थिति से नगरायुक्त, चीफ इंजीनियर सभी को पत्र जारी कर अवगत करा रहे हैं। निर्माण विभाग के अधिकारी भी फिर ठेकेदारों से उधार में काम करा रहे हैं। धन की कमी के कारण ठेकेदार का भुगतान रुका है।
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- ठेकेदार को केएमसी में भर्ती कराया
- नगर निगम का खजाना खाली, फिर भी अधिकारी करा रहे हैं विकास कार्य
- ठेकेदार ने लगाए आरोप, निगम अधिकारी नहीं कर रहे भुगतान
मेरठ। नगर निगम का खजाना खाली होने के बाद भी अधिकारी ठेकेदारों से कार्य कराते रहे। अब ठेकेदारों ने भुगतान की मांग कर रहे हैं तो अफसर खजाना खाली होने और फाइल गायब होने की बात कह रहे हैं। इसी के चलते सोमवार को एक ठेकेदार नगर निगम में बेहोश हो गया। अन्य ठेकेदार और पार्षदों ने ठेकेदार को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। ठेकेदार ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।
ठेकेदार राकेश गौड़ संघ के कार्यकर्ता हैं। सोमवार को दोपहर लगभग दो बजे वह अपने साथ पार्षद राजीव काले को लेकर नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में पहुंचा। राकेश ने एफसी से गोशाला में किए कार्य के बिल का भुगतान करने की मांग की। जिसपर एफसी संतोष शर्मा ने नगर निगम खजाने में धन न होने और फाइलों पर नगरायुक्त की संस्तुति न होने की बात कही। यह सुनकर ठेकेदार राकेश बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। अन्य लोगों ने बेहोशी की हालत में ठेकेदार को बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। ठेकेदार ने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनसे गोशाला में काम कराया गया, लेकिन भुगतान मांगने पर फाइलें गायब कर दी गयी हैं। भुगतान न मिलने के कारण परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। ठेकेदार ने नगरायुक्त पर चहेते ठेकेदार को काम देने के भी आरोप लगाए हैं।
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इस संबंध में नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन से भी संपर्क नहीं हो पाया। उधर एफसी संतोष शर्मा का कहना है कि पिछले दो माह से वह निगम में खजाने की स्थिति से नगरायुक्त, चीफ इंजीनियर सभी को पत्र जारी कर अवगत करा रहे हैं। निर्माण विभाग के अधिकारी भी फिर ठेकेदारों से उधार में काम करा रहे हैं। धन की कमी के कारण ठेकेदार का भुगतान रुका है।
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