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10 मिनट की देरी से छूटा पेपर
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सेंटर पर 10 मिनट लेट पहुंचा छात्र तो नहीं मिली एंट्री
- सीबीएसई बोर्ड का संगीत का था पेपर
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में समय का रखें विशेष ख्याल
- 10 बजे के बाद सेंटर पर नहीं मिलेगी एंट्री
मेरठ। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में छात्र समय का पूरा ख्याल रखें। बृहस्पतिवार को संगीत का पेपर था लेकिन एमपीजीएस शास्त्रीनगर के सेंटर पर एक छात्र दस मिनट देरी से पहुंचा और उसे परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। देर से पहुंचने के कारण छात्र को बोर्ड के नियमानुसार एंट्री नहीं दी गई। एमपीजीएस शास्त्रीनगर में सीजेडीएवी सेंटेनरी स्कूल के छात्रों का सेंटर है। बृहस्पतिवार को संगीत के पेपर में एक छात्र 10 बजे के बाद केंद्र पर पहुंचा। जबकि बोर्ड ने छात्रों को 9:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया है। अंतिम एंट्री 10 बजे है। लेकिन छात्र 10 बजे के बाद पहुंचा तब तक सेंटर के गेट बंद हो चुके थे। आंसर कॉपी बंट चुकी थी। इसलिए एंट्री नहीं मिली। डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल अल्पना शर्मा ने बताया छात्र ने नियम फॉलो नहीं किया जबकि छात्र स्कूल के पास ही अग्रसेन विहार में रहता है। फिर भी देर से पहुंचा जो उसकी गलती थी। कोई भी स्कूल होगा उसे 10 बजे के बाद एंट्री लेने का नियम नहीं है।
10 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री
सीबीएसई बार-बार छात्रों, अभिभावकों को समय पर पहुंचने का निर्देश दे रहा है। एडमिट कार्ड पर भी परीक्षा कक्ष में पहुंचने का समय लिखा है, स्कूलों में भी छात्रों को बार-बार परीक्षा कक्ष में समय पर पहुंचने का निर्देश दिए गए हैं इसके लिए छात्रों को समय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। नियमानुसार 10 बजे के बाद किसी छात्र को एंट्री नहंी मिलेगी। एच.एम.राउत, सीबीएसई एग्जाम कोआर्डिनेटर
दस मिनट लेट आया था छात्र
दस बजे के बाद स्ट्रिक्ली नो एंट्री का नियम है, इसलिए छात्र को एंट्री नहीं मिली। 10 बजे स्कूल के गेट बंद हो गए थे। उसके बाद छात्र पहुंचा, लगभग 10 मिनट लेट था। सिटी कोआर्डिनेटर और संबंधित स्कूल प्रिंसिपल से बात के बाद डिसीजन लेकर ही छात्र को एंट्री नहीं दी गई। सपना आहूजा, प्रिंसिपल एमपीजीएस शास्त्रीनगर
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पहले से कर रहे हैं जागरुक
छात्रों को व्हाट़्सएप, कार्यशालाओं व समाचार पत्रों के जरिए लगातार समय के बारे में बता रहे हैं, फिर भी छात्र समय पर नहीं पहुंचा। बोर्ड का कठोर नियम है समय पर पहुंचना है। छात्र ने आने में देरी की नियमानुसार उसे एंट्री नहीं दे सकते। अल्पना शर्मा, प्रिंसिपल डीएवी सेंटेनरी स्कूल
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- सीबीएसई बोर्ड का संगीत का था पेपर
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में समय का रखें विशेष ख्याल
- 10 बजे के बाद सेंटर पर नहीं मिलेगी एंट्री
मेरठ। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में छात्र समय का पूरा ख्याल रखें। बृहस्पतिवार को संगीत का पेपर था लेकिन एमपीजीएस शास्त्रीनगर के सेंटर पर एक छात्र दस मिनट देरी से पहुंचा और उसे परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। देर से पहुंचने के कारण छात्र को बोर्ड के नियमानुसार एंट्री नहीं दी गई। एमपीजीएस शास्त्रीनगर में सीजेडीएवी सेंटेनरी स्कूल के छात्रों का सेंटर है। बृहस्पतिवार को संगीत के पेपर में एक छात्र 10 बजे के बाद केंद्र पर पहुंचा। जबकि बोर्ड ने छात्रों को 9:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया है। अंतिम एंट्री 10 बजे है। लेकिन छात्र 10 बजे के बाद पहुंचा तब तक सेंटर के गेट बंद हो चुके थे। आंसर कॉपी बंट चुकी थी। इसलिए एंट्री नहीं मिली। डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल अल्पना शर्मा ने बताया छात्र ने नियम फॉलो नहीं किया जबकि छात्र स्कूल के पास ही अग्रसेन विहार में रहता है। फिर भी देर से पहुंचा जो उसकी गलती थी। कोई भी स्कूल होगा उसे 10 बजे के बाद एंट्री लेने का नियम नहीं है।
10 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री
सीबीएसई बार-बार छात्रों, अभिभावकों को समय पर पहुंचने का निर्देश दे रहा है। एडमिट कार्ड पर भी परीक्षा कक्ष में पहुंचने का समय लिखा है, स्कूलों में भी छात्रों को बार-बार परीक्षा कक्ष में समय पर पहुंचने का निर्देश दिए गए हैं इसके लिए छात्रों को समय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। नियमानुसार 10 बजे के बाद किसी छात्र को एंट्री नहंी मिलेगी। एच.एम.राउत, सीबीएसई एग्जाम कोआर्डिनेटर
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दस मिनट लेट आया था छात्र
दस बजे के बाद स्ट्रिक्ली नो एंट्री का नियम है, इसलिए छात्र को एंट्री नहीं मिली। 10 बजे स्कूल के गेट बंद हो गए थे। उसके बाद छात्र पहुंचा, लगभग 10 मिनट लेट था। सिटी कोआर्डिनेटर और संबंधित स्कूल प्रिंसिपल से बात के बाद डिसीजन लेकर ही छात्र को एंट्री नहीं दी गई। सपना आहूजा, प्रिंसिपल एमपीजीएस शास्त्रीनगर
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पहले से कर रहे हैं जागरुक
छात्रों को व्हाट़्सएप, कार्यशालाओं व समाचार पत्रों के जरिए लगातार समय के बारे में बता रहे हैं, फिर भी छात्र समय पर नहीं पहुंचा। बोर्ड का कठोर नियम है समय पर पहुंचना है। छात्र ने आने में देरी की नियमानुसार उसे एंट्री नहीं दे सकते। अल्पना शर्मा, प्रिंसिपल डीएवी सेंटेनरी स्कूल