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कचहरी में बवालियों को बुलाने वालों की सदस्यता हो निरस्त
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:11 AM IST
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बवालियाें को बुलाने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता हो निरस्त
मेरठ। दलित आंदोलन में सोमवार को कचहरी परिसर में हुई आगजनी और हिंसा को सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल एडवोकेट ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया है। उन्होंने बवालियों को कचहरी के भीतर प्रवेश दिलाने और उनका समर्थन करने वाले अधिवक्ताओं की बार सदस्यता समाप्त करने की मांग मेरठ व जिला बार एसोसिएशन से की है।
डॉ. संदीप पहल एडवोकेट ने कहा कि कचहरी परिसर में हमला एक षड्यंत्र के तहत हुआ है। न्यायालय परिसर में उपद्रवियों ने हमला बोला, वकीलों से मारपीट की। बसपा नेताओं द्वारा उपद्रवियों को कचहरी में रखा रिकार्ड जलाने के लिए उकसाया गया। वहीं पुलिस प्रशासन भी मामले को भांपने में असफल रहा। बाईपास पर जिला जज की गाड़ी को भी भीड़ ने निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके गनर ने उपद्रवियों को खदेड़ा। संदीप पहल ने कहा कि बसपा नेता योगेश वर्मा ने लोक व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए गृह युद्ध जैसी स्थिति बना दी। उपद्रवियों पर प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 व संशोधित 2015 के तहत कार्रवाई भी की जानी चाहिए। इसके साथ ही डा. संदीप पहल ने मांग उठाते हुए कहा कि लोक व्यवस्था को खतरा पैदा करने वाली ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शस्त्र लाइसेंस धारियों को दंगाईयों पर गोली चलाने की अनुमति दी जाने की व्यवस्था भी शासन और प्रशासन को बनानी चाहिए।
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मेरठ। दलित आंदोलन में सोमवार को कचहरी परिसर में हुई आगजनी और हिंसा को सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल एडवोकेट ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया है। उन्होंने बवालियों को कचहरी के भीतर प्रवेश दिलाने और उनका समर्थन करने वाले अधिवक्ताओं की बार सदस्यता समाप्त करने की मांग मेरठ व जिला बार एसोसिएशन से की है।
डॉ. संदीप पहल एडवोकेट ने कहा कि कचहरी परिसर में हमला एक षड्यंत्र के तहत हुआ है। न्यायालय परिसर में उपद्रवियों ने हमला बोला, वकीलों से मारपीट की। बसपा नेताओं द्वारा उपद्रवियों को कचहरी में रखा रिकार्ड जलाने के लिए उकसाया गया। वहीं पुलिस प्रशासन भी मामले को भांपने में असफल रहा। बाईपास पर जिला जज की गाड़ी को भी भीड़ ने निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके गनर ने उपद्रवियों को खदेड़ा। संदीप पहल ने कहा कि बसपा नेता योगेश वर्मा ने लोक व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए गृह युद्ध जैसी स्थिति बना दी। उपद्रवियों पर प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 व संशोधित 2015 के तहत कार्रवाई भी की जानी चाहिए। इसके साथ ही डा. संदीप पहल ने मांग उठाते हुए कहा कि लोक व्यवस्था को खतरा पैदा करने वाली ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शस्त्र लाइसेंस धारियों को दंगाईयों पर गोली चलाने की अनुमति दी जाने की व्यवस्था भी शासन और प्रशासन को बनानी चाहिए।
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