फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   पत्रकारिता से बन सकता है भारत विश्व गुरू

पत्रकारिता से बन सकता है भारत विश्व गुरू

Fri, 30 Mar 2018 02:31 AM IST
Updated Fri, 30 Mar 2018 02:31 AM IST
विज्ञापन
पत्रकारिता से बन सकता है भारत विश्व गुरू
मेरठ। आज विश्व के कई बड़े देश अपनी संस्कृति को लेकर गौरव का अनुभव करते हैं। लेकिन भारत के लोग पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण अपनी संस्कृति से विमुख नजर आते हैं। पत्रकारिता से ही भारत की प्रतिष्ठा विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकती है।
विज्ञापन

यह बात बृहस्पतिवार को सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में भारतीय जन संचार संस्थान दिल्ली के महानिदेशक प्रो. केजी सुरेश ने कही। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘पत्रकारिता: भारतीय संस्कृति एवं विश्व कल्याण’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. सुरेश ने कहा कि भारतीय संस्कृति को हमें भारतीय भाषाओं में ही समझना होगा। पत्रकारिता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमें शोध को प्रोत्साहन देना होगा।
विज्ञापन

वरिष्ठ पत्रकार एवं पद्मश्री जवाहरलाल कौल ने कहा कि आज नेता हो या अभिनेता सभी पत्रकारिता के माध्यम से जनता से जुड़ना चाहते हैं। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि आज पत्रकारिता समाज के बीच विचार विमर्श स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। विश्व की विभिन्न समस्याओं पर पत्रकारिता के माध्यम से लोगों का ध्यान केंद्रित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने कहा कि भारतीय संस्कृति को समझने के लिए यहां की रीति, नीति, संस्कार को समझकर आत्मसात करना होगा। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजनारायण शुक्ला ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान भारतीय दर्शन में है। संगोष्ठी का संचालन डॉ. प्रशांत कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। डॉ. स्मिति पाडी, प्रो. वाई विमला, प्रो. वीर सिंह, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. पीके मिश्रा, प्रो. शिवराज पुंडीर, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. सत्यप्रकाश गर्ग आदि मौजूद रहे। तकनीकी प्रथम सत्र में प्रो. अरुण भगत, आशुतोष भटनागर एवं डॉ. रूप नारायण व द्वितीय सत्र में प्रो. संजीव भानावत, प्रो. आराधना एवं डॉ. रवि गौतम ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed