{"_id":"5ab173044f1c1b8e778b6aba","slug":"31521578756-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड परीक्षा में खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड परीक्षा में खेल
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ही रोल नंबर की मिलीं दो कॉपियां
मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल पर सख्ती के बावजूद इस बार भी धांधली के संकेत मिल रहे हैं। पहले उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल में ए कॉपी के बजाय सिर्फ बी कॉपी निकली थी। इस बार केके इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के विज्ञान के पेपर में एक ही रोल नंबर की दो कॉपियां निकली हैं। यह कॉपी बलिया की हैं। इससे परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका है। इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को दे दी गई है।
वहीं इस बार रिजल्ट में काफी गिरावट रहने की आशंका है। दरअसल, काफी परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कॉपियां ही खाली छोड़ी हुई हैं। इसके अलावा बहुत से विद्यार्थियों ने कॉपियां भरने के लिए प्राइमरी के पहली-दूसरी क्लास के बच्चों की तरह लिखा है। जैसे- राम खाता है, सुमन पानी लाती है, नटखट, चल जा, मत खा आदि। यह हालत हाईस्कूल में हिंदी और सामाजिक विज्ञान जैसे पेपर में हैं। ऐसी भी कॉपियां लगातार मिल रही हैं जिनमें विद्यार्थियों ने पेपर ही उतार दिए हैं। नकल पर सख्ती और सीसीटीवी कैमरे लगे होने को इसका कारण माना जा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज, डीएन और रामसहाय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों का कहना है कि नकल पर सख्ती के कारण इस बार इस तरह की काफी कॉपियां निकल रही हैं। मंगलवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज और राम सहाय इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। जीआईसी में दिन में काफी देर सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए लगा मॉनीटर में तकनीकी खराबी रही, जिसे बाद में ठीक किया गया।
कॉपियां कोरी, तेजी से जांची जा रहीं
30 से 35 प्रतिशत परीक्षक अभी भी अनुपस्थित चल रहे हैं, लेकिन फिर कॉपियां तेजी से जांची जा रही हैं। दरअसल, काफी तादाद ऐसे विद्यार्थियों की है, जिनकी कॉपियां कोरी हैं। ऐसे में परीक्षार्थी तेजी से कॉपियां जांच पा रहे हैं। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार का कहना है कि जो शिक्षक जानबूझकर अनुपस्थित रहेगा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मेरठ में 2859 शिक्षकों की मूल्यांकन में ड्यूटी लगाई गई है। इसमें हाईस्कूल में 1660 और इंटरमीडिएट में 1199 शिक्षक हैं।
विज्ञापन
मंगलवार तक की स्थिति
मूूल्यांकन केंद्र प्राप्त कॉपियां जांची गईं
जीआईसी 203063 43,985
डीएन 267751 48,977
केके 181429 52,160
राम सहाय 165952 35,864
खास बातें:
यूपी बोर्ड परीक्षा : हाईस्कूल के विज्ञान के पेपर की हैं उत्तर पुस्तिकाएं
कॉपियों में नर्सरी के बच्चों की तरह लिखी मिल रही भाषा
विज्ञापन
मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल पर सख्ती के बावजूद इस बार भी धांधली के संकेत मिल रहे हैं। पहले उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल में ए कॉपी के बजाय सिर्फ बी कॉपी निकली थी। इस बार केके इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के विज्ञान के पेपर में एक ही रोल नंबर की दो कॉपियां निकली हैं। यह कॉपी बलिया की हैं। इससे परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका है। इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को दे दी गई है।
वहीं इस बार रिजल्ट में काफी गिरावट रहने की आशंका है। दरअसल, काफी परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कॉपियां ही खाली छोड़ी हुई हैं। इसके अलावा बहुत से विद्यार्थियों ने कॉपियां भरने के लिए प्राइमरी के पहली-दूसरी क्लास के बच्चों की तरह लिखा है। जैसे- राम खाता है, सुमन पानी लाती है, नटखट, चल जा, मत खा आदि। यह हालत हाईस्कूल में हिंदी और सामाजिक विज्ञान जैसे पेपर में हैं। ऐसी भी कॉपियां लगातार मिल रही हैं जिनमें विद्यार्थियों ने पेपर ही उतार दिए हैं। नकल पर सख्ती और सीसीटीवी कैमरे लगे होने को इसका कारण माना जा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज, डीएन और रामसहाय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों का कहना है कि नकल पर सख्ती के कारण इस बार इस तरह की काफी कॉपियां निकल रही हैं। मंगलवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज और राम सहाय इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। जीआईसी में दिन में काफी देर सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए लगा मॉनीटर में तकनीकी खराबी रही, जिसे बाद में ठीक किया गया।
विज्ञापन
कॉपियां कोरी, तेजी से जांची जा रहीं
30 से 35 प्रतिशत परीक्षक अभी भी अनुपस्थित चल रहे हैं, लेकिन फिर कॉपियां तेजी से जांची जा रही हैं। दरअसल, काफी तादाद ऐसे विद्यार्थियों की है, जिनकी कॉपियां कोरी हैं। ऐसे में परीक्षार्थी तेजी से कॉपियां जांच पा रहे हैं। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार का कहना है कि जो शिक्षक जानबूझकर अनुपस्थित रहेगा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मेरठ में 2859 शिक्षकों की मूल्यांकन में ड्यूटी लगाई गई है। इसमें हाईस्कूल में 1660 और इंटरमीडिएट में 1199 शिक्षक हैं।
विज्ञापन
मंगलवार तक की स्थिति
मूूल्यांकन केंद्र प्राप्त कॉपियां जांची गईं
जीआईसी 203063 43,985
डीएन 267751 48,977
केके 181429 52,160
राम सहाय 165952 35,864
खास बातें:
यूपी बोर्ड परीक्षा : हाईस्कूल के विज्ञान के पेपर की हैं उत्तर पुस्तिकाएं
कॉपियों में नर्सरी के बच्चों की तरह लिखी मिल रही भाषा